Pawan Jury BhilwaraRj

मोदी साहेब की अल्लाउद्दीन खिलजी को आदरांजली -- ऑपरेशन खिलजी
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संघ के कार्यकर्ताओं से मशविरा करने के बाद मोदी साहेब ने देशी गाय की नस्ल को बिना किसी रक्तपात के विलुप्त करने का बीड़ा उठाया है !!! कैसे ? असल में उनकी योजना देशी गाय की प्रजाति के देशी गुणों का नाश कर देने की है। हमेशा के लिए !!
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योजना की सूत्रधार श्री सोनिया जी थी। लेकिन दुर्भाग्य से योजना को अमली जामा पहनाने से पहले ही वे सत्ता से बाहर हो गयी।
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मोदी साहेब ने संघ के राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओ के साथ बैठकर इस योजना का बेहद गहराई से अध्ययन किया और इसे तेजी से अमल में लाने का फैसला किया। उन्होंने आकलन किया कि यदि भारत की देशी गायों का गर्भाधान जर्सी सांडो से करवा दिया जाए तो जल्दी ही देशी गायों की आने वाली 3-4 पीढियां शुद्ध रूप से जर्सी गायों में बदल जायेगी। इस तरह गाये तो बनी रहेगी किन्तु उनमें मौजूद देशी गायो के जींस को मार दिया जाएगा। कृपया नीचे दिए गए न्यूज लिंक देखे। सोनिया जी , केजरीवाल जी एवं इनके सभी अंध भगत इस फैसले का खुले दिल से स्वागत कर रहे है।
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http://timesofindia.indiatimes.com/city/chennai/German-bulls-reach-frozen-semen-production-stations/articleshow/46615564.cms
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http://www.livemint.com/Politics/lVWU8zT0Ty6gsREgyxfW9M/The-future-of-Indias-dairy-industry-lies-with-bull-semen.html
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तो मोदी साहेब ने NDDB ( राष्ट्रीय डेयरी बोर्ड ) चेयरमेन को आदेश दिए है कि पशुपालको को सिर्फ जर्सी सांडो का वीर्य ही उपलब्ध करवाया जाए। डेयरी बोर्ड को यह भी आदेश जारी किये गए है कि वे देशी सांडो के वीर्य की आपूर्ति न करे !!
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तो जैसा की नजर आ रहा है भारत की लाखों देशी गायो का गर्भाधान अब जर्मन सांडो द्वारा करवा दिया जाएगा। इस तरह देशी गायों की अगली पीढ़ी में देशी गायों के सिर्फ 50% जींस ही देशी होंगे और इससे अगली पीढ़ी 25% देशी होगी। तीसरी और चौथी पीढ़ी में क्रमश: देशी जींस 12% एवं इससे कम रह जायेंगे। एक गाय की अगली पीढ़ी 6 वर्ष में आती है। इस तरह अगले 20 वर्षो में भारत की देशी गायों का पूरी तरह से रूपंतरण सुअरों में हो चुका होगा। ( जर्सी सांडो में सूअर के जीन प्रत्यारोपित किये गए है )
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और इस तरह संघ के कार्यकर्ता मोदी साहेब के सहयोग से बाबर, खिलजी, औरंगजेब एवं ब्रिटिश का अधुरा सपना पूरा कर दिखाएँगे। वो भी बिना कोई छुरी चलाए। मोदी साहेब अपने "मिशन-गाय एवं मांस" पर पूरी तरह से भिड़े हुए है। जब उन्होंने 2002 में गुजरात की सत्ता संभाली तब गुजरात का मांस निर्यात 9 लाख मीट्रिक टन था। किन्तु 2012 आते आते उन्होंने इसे 22 लाख मीट्रिक टन पहुंचा दिया था !!! और पीएम बनने के सिर्फ 2 साल के भीतर ही वे भारत द्वारा किये जा रहे कुल मांस निर्यात में 170% का उछाल ले आये !!

गुजरात में सीएम रहते हुए उन्होंने गौ हत्या में कमी लाने के लिए कोई क़ानून पास नहीं किये और पीएम बनने के बाद भी उनकी यह नीति जारी रही। इस वजह से भारत में गायों की कटवाई जारी है। गौ हत्या में रोड़े डालने वालो को खलनायक साबित करने और उनको मनोवैज्ञानिक रूप से दबाव में लाने के लिए उन्होंने उन्हें गौ रक्षको को गुंडा प्रचारित करना शुरू किया। किन्तु यह सब पूरा नहीं पड़ रहा था। इसीलिए अब वे देशी गायों का विनाश करने के लिए मास्टर स्ट्रोक लेकर आये है !!
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संघ के भारत में 40 लाख कार्यकर्ता है, जो कि लगभग 40 हजार शाखाओं से जुड़े हुए है। जैसे ही जून 2014 में मोदी साहेब पीएम बने, जर्मन सांडो के माध्यम से देशी गायो की प्रजाति को लुप्त करने की योजना को इन सभी शाखाओ में विचार-विमर्श के लिए रखा गया था। लगभग 95% शाखाओं में इस योजना को डिसकस किया गया और संघ के लगभग 98% कार्यकर्ताओ ने इस प्लान को अनुमोदित किया।

संघ के 90% कार्यकर्ता इस बात पर सहमत थे कि मेडम सोनिया जी का यह प्लान बेहतरीन था और यदि इसे अमल में लाया जाए तो देशी गाय की नस्ल का विनाश करने में कामयाबी पक्के तौर पर हासिल होगी। कुछ 10% कार्यकर्ता इस योजना से सहमत नहीं थे, किन्तु "एकता" का हवाला देने के बाद उन्होंने भी इस योजना का समर्थन करने का फैसला किया। साथ ही यह भी तय पाया गया कि यदि कोई इनसे इस बारे में पूछे तो कार्यकर्ता यही कहेंगे कि -- हमें जर्मन सांडो की इस योजना के बारे में कुछ नहीं मालूम है। और फिर कार्यकर्ता बात को पलट कर आतंकवाद, पाकिस्तान, विकास, वन्दे मातरम, भारत माता की जय, मंदिर वही बनायेंगे आदि रूटीन मुद्दों की तरफ मोड़ देंगे !!

यह भी तय पाया गया कि आखों में इतनी धुल झोंकने के बावजूद यदि नागरिक इस योजना के बारे में जान भी जाते है तो संघ के कार्यकर्ता भी मोदी साहेब की आलोचना करने लगेंगे, किन्तु साथ ही वे इस बात का ध्यान रखेंगे कि युवा नागरिक राजनीति से दूरी बनाकर रखे। इसके लिए वे उन्हें खून इकट्ठा करना, परिंडे बांधना आदि जैसे सामाजिक सेवा कार्यो में उलझा कर रखेंगे। इससे नया चुनावी राजनैतिक विकल्प खड़ा नहीं हो सकेगा। और इस तरह जब चुनाव आयेंगे तो मतदाताओ के पास मोदी साहेब को वोट करने के सिवा कोई चारा नहीं बचेगा। और मोदी साहेब या संघ समर्थित व्यक्ति के सत्ता में बने रहने से देशी गाय के विनाश की योजना जारी रहेगी !!

( सबूत भगतो के लिए -- यदि आपको इसका सबूत चाहिए तो आप संघ के किसी भी कार्यकर्ता को ऊपर दिए गए न्यूज लिंक दिखाइये। और वे आप से कहेंगे कि हमें इस बारे में कुछ भी नहीं मालूम है। और इस विषय पर ऐसी कोई मीटिंग शाखा में कभी नहीं हुयी !!! )
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सोनिया जी मोदी साहेब के इस फैसले से सर्वाधिक प्रफुल्लित है। क्योंकि उनके द्वारा बनाई गयी योजना सही दिशा में आगे बढ़ रही है। केजरीवाल जी और उनके अंध भगतो ने भी इस फैसले का अनुमोदन कर दिया है।
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जन्नत में या दोजख में , पर खिलजी आज जहाँ भी होगा बेहद खुश होगा। भारत की प्रत्येक गाय को मार देना उसकी दिली तमन्ना थी --- किन्तु भारत / पाकिस्तान के 80% भू भाग पर कब्ज़ा कर लेने के बावजूद वह ऐसा करने में नाकामयाब रहा था !!! क्योंकि उसे न सिर्फ हिन्दुओ बल्कि मुस्लिमों से भी प्रतिरोध का सामना करना पड़ा !! बाबर ने भारत में गौ कशी पर प्रतिबन्ध लगाया था !! और अकबर ने गौ हत्या करने पर मृत्यु दण्ड का क़ानून लागू किया था !! औरंगजेब ने अपने शासन के शुरूआती 4-5 वर्षो में गौ कशी को बढ़ावा दिया, किन्तु जल्दी ही उसे पीछे हटना पड़ा !! बहादुर शाह ज़फर ने भी गौ हत्या पर प्राण दण्ड मुकर्रर किया था !! भारत में गायों की बड़े पैमाने पर कटवायी ब्रिटिश शासन के दौरान शुरू हुयी। पर वे भी इस मामले में ज्यादा दूर तक नहीं जा पाए। अब मोदी साहेब ने इस मामले में सारे ग्राफ फाड़ दिए है।
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मोदी साहेब बाबर या औरंगजेब की तरह पीछे हटने वालो में नहीं है। और न ही वे खिलजी की तरह नाकामयाब रहने वाले है। वे अवतारी पुरुष है। उनकी योजनाएं एवं कूटनीति सटीक होती है। वे संघ के सभी ( लगभग 98% ) कार्यकर्ताओ के साथ मिलकर इस योजना को निष्पादित करने के प्रति कटिबद्ध है।
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समाधान ?
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जो भी नागरिक भारत की देशी गाय की नस्ल को ख़त्म करना चाहते है वे सोनिया-मोदी-केजरीवाल का समर्थन करते रहे। इतना भर करने से आप इस प्रजाति को लुप्त करने में सफल हो जायेंगे।
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यदि आप देशी गाय की प्रजाति को सरंक्षित करना चाहते है तो राईट टू रिकॉल कृषि मंत्री एवं ज्यूरी प्रक्रियाएं लागू करना ही एक मात्र उपाय है। अत: हमारा गौ रक्षको ( अलबत्ता अब इन्हें गुंडे कह के पुकारा जाता है ) से आग्रह है कि वे मोदी साहेब एंव संघ के कार्यकर्ताओ के भरोसे बैठे रहने की जगह इन कानूनों को लागू करवाने के प्रयास करे। कसाइयो का पीछा करने से कोई लाभ नहीं होगा, क्योंकि मोदी साहेब एवं संघ के कार्यकर्ता को अस्त्र लेकर आये है वह कसाइयो की तुलना में कहीं ज्यादा मारक और प्रभावी है।
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इस सम्बन्ध में वेल्थ टेक्स ग्रुप द्वारा सुझाए गए प्रस्ताव निम्नलिखित है :
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१) कृषि मंत्रालय को तीन हिस्सों में विभाजित किया जाए -- a) कृषि मंत्रालय , b) पशुपालन मंत्रालय , c) गाय मंत्रालय।
फिलहाल डेयरी उद्योग, पशुपालन, गाय आदि सभी मवेशी कृषि मंत्री के अधीन आते है। जो कि काफी बड़ा मंत्रालय है। अब से तीन मंत्री होंगे। कृषि मंत्री अलग होगा। पशुपालन मंत्री अलग से होगा। तथा गाय मंत्री अलग से होगा। जर्सी एवं अन्य सभी प्रकार के विदेशी नस्ल के गाय के सदृश नजर आने वाले जानवर मवेशी की श्रेणी में रखे जायेंगे। जबकि गाय मंत्रालय सिर्फ देशी गायों या भारतीय नस्ल की गायों का ही नियमन करेगा।
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२) डेयरी उद्योगों एवं दूध विक्रेताओ को अपने दूध के डिब्बे या बोतल पर स्पष्ट रूप से यह अंकित करना होगा कि इसमें जो दूध है वह देशी गाय का है या वर्ण संकर प्रजाति का। दूध विक्रेता अपनी गायों की नस्ल की शुद्धता के लिए विभाग से सर्टिफिकेट ले सकेंगे एवं छोटे पशुपालक अपनी गायों की नस्ल की शुद्धता का सेल्फ सर्टिफिकेट जारी कर सकेंगे। गाय मंत्री इन स्व घोषित सर्टिफिकेट को अनुमोदित करेगा।
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३) यदि कोई विक्रेता अपने दूध पर देशी गाय के दूध का चिन्ह अंकित करता है और उसमे 5% से अधिक मिलावट पायी जाती है तो उस पर आर्थिक दंड या लाइसेंस का रद्दीकरण किया जाएगा। सभी मामलो की सुनवाई नागरिको की ज्यूरी करेगी। दूध के अन्य उत्पादों जैसे पनीर, घी आदि पर भी यही नियम लागू होंगे।
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४) गाय मंत्री को नौकरी से निकालने का अधिकार मतदाताओ के पास होगा।
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५) गाय मंत्री नस्ल परिक्षण आदि के लिए लेब आदि की का आधारभूत ढांचा उपलब्ध करवाएगा एवं गौ शालाओं का नियमन करेगा।
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६) देशी गायों का पंचायत स्तर पर पंजीकरण किया जाएगा।
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७) गाय मंत्री देश में विभिन्न स्तरों पर इस तरह के वैज्ञानिक अनुसन्धान एवं शोध करवाएगा जिससे इन तथ्यों की वैज्ञानिक रूप से पुष्टि हो कि भारतीय गाय का दूध किस तरह से एवं किन मायनों में सेहत के लाभदायक है। वह देश में नागरिको में इन तथ्यों के बारे में जानकारी भी फैलाएगा।
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"वेल्थ टेक्स ग्रुप"
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