Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

Rameshwar Jat Jury BhilwaraRj:

केवल लेटिन भाषा में कानून लिखने के लिए @PmoIndia को ट्वीट करो ।

में लोगो से सार्वजनिक रूप से अपील करता हुँ की देश में कानून केवल लेटिन भाषा में लिखने के लिए @PmoIndia को ट्वीट करे , ताकि भारत के आम नागरिक उन लिखे गए कानून को कभी नही समझ सके कि उसमे क्या लिखा है ।
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अगर आप इसको स्पोर्ट करते है तो कृपया @PmoIndia को यह ट्वीट करे
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@PmoIndia #PrintLawsInLatinOnly print laws in Latin ONLY, not English or Indian languages. So that NO common in India can understand
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https://twitter.com/MehtaRahulC/status/886413563040071680
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उदाहरण के लिए , प्रधानमंत्री जी ने 2016 में मॉरीशस ट्रीटी में इस प्रकार बदलाव किया है । जिसका एक पैरा इस प्रकार हे ।
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Article 12A
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FEES FOR TECHNICAL SERVICES
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1. Fees for technical services arising in a Contracting State and paid to a resident of the other Contracting State may be taxed in that other State.
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2. However, such fees for technical services may also be taxed in the Contracting State in which they arise, and according to the laws of that State, but if the beneficial owner of the fees for technical services is a resident of the other Contracting State the tax so charged shall not exceed 10 per cent of the gross amount of the fees for technical services.
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इसमें जानबूझकर इन वाक्यो को इतना कठिन बनाया गया ताकि कुछ 0.1% भारतीय लोग ही इसको समझ सकें ।
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इसलिए मेरा सवाल यह है कि ---- इसको ऐसा क्यों बनाया ताकि 0.1% ही समझ सके ? प्रधानमंत्री जी इनको लेटिन में भी छपवा कर सकते थे ताकि 0.00001% लोगो के भी समझ में नही आता । प्रशासनिक अफसर / जज जिनको यह कानून अमल में लाना है वो अपने लिए अंग्रेजी में बदल लेते ।
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इसलिए आज के बाद सभी केंद्रीय व् राज्य सरकारों को लेटिन भाषा में ही कानून छापना चाहिए और जो कानून पहले अंग्रेजी व् स्थानीय भाषा में छपे हे उनको भी धीरे धीरे लेटिन भाषा में बदल लेना चाहिए । सभी पार्टियों के लीडर व् कार्यकर्ताओ का भी यही उद्देश्य होता हे की कानून इस तरीके से लिखना चाहिए की आम नागरिक को समझ में ना आये ।

अगर आप इस को सपोर्ट करते हो की केंद्रीय व् राज्य सरकार के कानून लेटिन भाषा में ही होना चाहिए ताकि आम भारतीय नागरिक के समझ में न आये तो आप @PmoIndia को ट्वीट करे ।