Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

Pawan Jury BhilwaraRj:

क्या मॉरीशस / सिंगापुर की कंपनियों को उनके द्वारा दी गयी सेवाओं पर 10% जबकि भारतीय कम्पनियो को 18% जीएसटी चुकाना होगा ?
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मॉरीशस ट्रीटी में किये गए इस संशोधन को देखें -- https://www.facebook.com/download/preview/1233981763354301 ( पेज - 3 )
2015 में कल्कि पुरुष मोदी साहेब द्वारा किया गया यह संशोधन कहता है कि --
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Article 12A
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FEES FOR TECHNICAL SERVICES
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1. Fees for technical services arising in a Contracting State and paid to a resident of the other Contracting State may be taxed in that other State.
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2. However, such fees for technical services may also be taxed in the Contracting State in which they arise, and according to the laws of that State, but if the beneficial owner of the fees for technical services is a resident of the other Contracting State the tax so charged shall not exceed 10 per cent of the gross amount of the fees for technical services.
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हिन्दी अनुवाद
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धारा 12A
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तकनिकी सेवाओं के लिए शुल्क
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1. किसी कॉन्ट्रक्टिंग स्टेट में तकनीकी सेवाओं के प्रति व्युत्पन्न शुल्क एवं किसी अन्य कॉन्ट्रेक्क्टिंग स्टेट के निवासी को दत्त शुल्क किसी अन्य स्टेट में करयोग्य हो सकता है।
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2. यद्यपि, ऐसी व्युत्पन्न तकनिकी सेवाओं पर शुल्क उन कॉन्ट्रेक्टिंग स्टेट में भी कर योग्य हो सकते है जिनमे में व्युत्पन्न हुए हो, और वह स्टेट में प्रवृत कानूनों के अनुसार हो, किन्तु यदि व्युत्पन्न तकनिकी सेवाओं के शुल्क का लाभग्राही स्वामी किसी अन्य कॉन्ट्रेक्टिंग स्टेट का निवासी हो तो प्रभारित कर तकनीकी सेवाओं के प्रति व्युत्पन्न शुल्क की राशि के सकल योग के 10% से अधिक नहीं होगा।
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क्या ? मतलब क्या निकला इसका ??
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सोनिया गाँधी, मोदी साहेब और केजरीवाल जी ने वाक्यों का इतना जटिल ताना बाना रचा है ( "कॉन्ट्रेक्टिंग स्टेट" , "अन्य कॉन्ट्रेक्टिंग स्टेट" , "वह स्टेट" , "अन्य स्टेट" !! ) कि 10 दफे पढने के बावजूद मैं 100% तय नहीं हूँ कि मैंने क्या पढ़ा है, और इसका अर्थ क्या है। और सबसे बड़ा कपट यह कि सोनिया-मोदी-केजरीवाल ने इस एक्ट का हिंदी अनुवाद देने से मना कर दिया है। और संघ = बीजेपी उर्फ़ गंगाधर = शक्तिमान के सभी कार्यकर्ताओ ने मोदी साहेब से आग्रह किया है कि वे इस एक्ट का हिन्दी अनुवाद उपलब्ध न करवाए !!
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इस धारा के बारे में मेरी समझ यह कहती है कि -- मोरिशस में पंजीकृत कोई कम्पनी यदि भारत में किसी प्रकार की तकनीकी सेवाए देती है तो देय सर्विस टेक्स 18% की जगह 10% ही होगा !!
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तो इस वजह से भारत की कई कम्पनियां भारतीय की जगह मोरिशस कंपनियों से सेवाएं लेंगी !!! इससे न सिर्फ भारतीय कम्पनियां अपने ग्राहक खोएगी बल्कि भारत पर विदेशी मुद्रा का बोझ भी बढेगा !!!
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और ठीक यही प्रावधान सिंगापुर के साथ भी लागू होगा !!!
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सोनिया-मोदी-केजरीवाल एवं उनके सभी अंध भगत इस क़ानून का समर्थन कर रहे है।
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भारत में राईट टू रिकॉल पार्टी ही एक मात्र पार्टी है जिसने मोरिशस / सिंगापुर संधि को रद्द करने का प्रस्ताव किया है।
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तो यदि आप इस संधि का विरोध करते है तो सोनिया-मोदी-केजरीवाल के त्रिदोष से कोई उम्मीद न रखे। बल्कि इस संधि को रद्द करवाने की मांग करे।
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कृपया प्रधानमंत्री को ट्विट करे कि मोरिशस / सिंगापुर / फिजी संधि को आज के आज तुरन्त प्रभाव से अविलम्ब रद्द किया जाए।
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मेरे द्वारा भेजा गया ट्विट इस लिंक पर देखा जा सकता है -- https://twitter.com/pawanjury/status/883055839719960576
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भेजे जाने वाला ट्विट -- " @PmoIndia, I instruct u to cancel tax treaties Mauritius, Singapore, Fiji TODAY itself. No delay "
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कृपया इस ट्विट को कोपी करके अपनी ट्विटर वाल पर पोस्ट करे। हम रिकालिस्ट्स यह मानकर चलते है कि जो भी व्यक्ति इस संधि का समर्थक है वह कभी भी प्रधानमंत्री को यह ट्विट नहीं करेगा।
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"वेल्थ टेक्स ग्रुप"
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