Pawan Jury BhilwaraRj

एक आध उदाहरण ( कलाम ) को छोड़ दे भारत में राष्ट्रपति सरकारों/नेताओं का पिट्ठू होता है । और देश की जनता पर तो यह आर्थिक बोझ होता ही है ।
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हमें राष्ट्रपति पद को ख़त्म कर देना चाहिए । सरकार चलाने में या इसके कामकाज को प्रभावित करने में इस सफ़ेद हाथी की कोई भूमिका नही होती । जब कहीं ठिकाना नही मिलता तो उम्मीदवार राष्ट्रपति भवन में शाही जीवन काटने के लिए पार्टियों एवं नेताओं की चमचा गिरी करते है । इस पद को प्राप्त करने की कोई योग्यता नही है । कोई परीक्षा नही, कोई चुनाव प्रक्रिया नही, कोई अनुभव या उपलब्धियों का दायरा नही । एक मात्र योग्यता लॉबीइंग है ।
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