Pawan Jury BhilwaraRj

यदि मोदी साहेब भ्रष्ट है तो उनका भ्रष्टाचार सामने क्यों नहीं आ रहा है ?
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मोदी साहेब के पास कानूनी रूप से यह अधिकार है कि वे भारतीय अर्थव्यवस्था के महत्त्वपूर्ण क्षेत्रो को विदेशियों के हवाले कर सके। भारत में पेड मीडिया बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नियंत्रण में है, अत: इन कम्पनियो के मालिक कानूनी रूप से तय कर सकते है कि क्या खबर दिखायी जानी चाहिए और क्या नहीं।
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मोदी साहेब कानूनी रूप से विदेशियों के लिए अर्थव्यवस्था का कोई क्षेत्र खोल देते है जिससे उन्हें भारी मुनाफा होता है। इसके बदले में विदेशी धनिक अपने मिडिया कर्मियों से कहते है कि वे मोदी साहेब को सकारात्मक कवरेज दे, या फिर उनकी आलोचना इस तरह से करे कि उनके वोट बढे। ( उदाहरण के लिए पेड राजदीप सरदेसाई कहता है कि - "मोदी मुस्लिम विरोधी है" ! और इस बयान के कारण मोदी साहेब के हिन्दू वोटो में इजाफा होता है )
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इस तरह यह पूरा भ्रष्टाचार कानूनी है। पैसे का कोई आपसी लेनदेन नहीं है। दोनों पक्ष अपने संसाधनों एवं शक्तियों का प्रयोग करके एक दुसरे को फायदा पहुंचा रहे है। और इस भ्रष्टाचार से देश को नुकसान यह हो रहा है कि जब ये विदेशी कम्पनियां भारत में कमाए गए मुनाफे के बदले में डॉलर मांगेगी तो हमें टाट उलटना पड़ेगा। इस भ्रष्टाचार का कोई सबूत नहीं है अत: इसे किसी भी अदालत में साबित नहीं किया जा सकता।
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समाधान यह है कि हमें विदेशी कम्पनियों द्वारा कमाए गए मुनाफे के बदले डॉलर देने की शर्त को रद्द कर देना चाहिए। इससे भारत पर आने वाले समय में पड़ने वाला विदेशी मुद्रा का बोझ नहीं पड़ेगा और देश डूबने से बच जायेगा। किन्तु संघ के कार्यकर्ता भी इतने भ्रष्ट है कि वे ऐसे किसी भी क़ानून को लागू करने का विरोध कर रहे है जिससे भारत डॉलर पुनर्भरण के इस बोझ से बच जाए।
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