Pawan Jury BhilwaraRj
मोदी साहेब यदि चाहते तो आई सी सी से कह सकते थे कि यदि भारत-पाकिस्तान एक ही ग्रुप में रहेंगे तो भारत ICC 2017 ट्रॉफी में हिस्सा नहीं लेगा !! किन्तु क्रिकेट एवं क्रिकेट फिक्सिंग से होने वाली आमद के कारण मोदी साहेब ने ऐसा करने से मना कर दिया। और सोनिया एवं केजरीवाल भी मोदी साहेब के इस फैसले का समर्थन कर रहे है।
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साफ़ है कि, सोनिया-मोदी-केजरीवाल एवं उनके अंध भगतो को क्रिकेट एवं इसकी फिक्सिंग से होने वाली आमदनी काफी प्रिय है। यह ऐसा भ्रष्टाचार है जो चर्चा में नहीं आता।
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यदि टूर्नामेंट के फाइनल में भारत-पाकिस्तान का मुकाबला होता है तो हमारे पास खेलने के सिवा कोई विकल्प नहीं है। लेकिन यदि हम अलग अलग ग्रुप्स में रहेंगे तो आपस में होने वाले मुकाबलों को संख्या कम होगी पर एक ही ग्रुप में रहने से हमे आपस में ज्यादा मैच खेलने पड़ेंगे।
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भारत पाकिस्तान के मैचों में विज्ञापन एवं फिक्सिंग से होने वाली आमदनी अधिकतम होती है। अत: आई सी सी भी ग्रुप बनाने के रेंडम तरीके से छेड़छाड़ करके भारत-पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखता है।
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मोदी साहेब आई सी सी से कह सकते थे कि --- हम इस टूर्नामेंट में सिर्फ तब ही खेलेंगे जब भारत-पाकिस्तान अलग अलग ग्रुप में हो।
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पर मोदी साहेब ने आई सी सी से ऐसा कहने से मना कर दिया !!! दरअसल जब बात पैसे की आती है तो सारे राष्ट्रवाद की हवा निकल जाती है।
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संघ के कार्यकर्ता भी भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का समर्थन कर रहे है। क्योंकि बीजेपी-संघ के नेताओ को होने वाली इस आमदनी में से इन्हे भी लाभ मिलता है।
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सोनिया-केजरीवाल एवं इनके कार्यकर्ताओ की भी यही हालत है।
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सिर्फ राईट टू रिकॉल पार्टी ही एक मात्र संगठन है जिसने यह प्रस्ताव किया है कि यदि भारत-पाकिस्तान समान ग्रुप में रहते है तो हमें आई सी सी द्वारा आयोजित टूर्नामेंट आदि में हिस्सा नहीं लेना चाहिए।
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"वेल्थ टेक्स ग्रुप"
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