Pawan Jury BhilwaraRj
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर केजरीवाल, मायावती, बीजेपी और कांग्रेस की नौटंकी
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मायावती के पास लोकसभा में दर्जनों सांसद रहे है। और आम आदमी पार्टी के पास भी लोकसभा में 4 सांसद है।
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लेकिन बसपा और आम आदमी पार्टी ने कभी भी संसद में यह प्रस्ताव नहीं रखा कि EVM को बेन किया जाये !!!
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और अब चुनाव हारने के बाद मायावती और आपिये अपनी हार का ठीकरा EVM के सिर पर फोड़ रहे है !!!
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बीजेपी और कोंग्रेस भी कम जादूगर नहीं है। जब बीजेपी विपक्ष में रहते हुए हारती थी तो गाहे बगाहे यह आरोप लगाती थी कि EVM में धांधली की गयी है, लेकिन सत्ता में आने बाद बीजेपी EVM के समर्थन में आ गयी है। कोंग्रेस सत्ता में थी तब EVM के समर्थन में थी किन्तु हारने के बाद अब उन्होंने भी मायावती के सुर में सुर मिला लिया है। सपा भी हारी है। अतः फिलहाल वे भी EVM के खिलाफ है।
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लेकिन बीजेपी और कोंग्रेस ने भी सत्ता में रहते हुए कभी भी EVM को केंसिल करने के लिए कोई प्रस्ताव सदन में नहीं रखा। और न ही विपक्ष में रहते हुए इनके किसी सांसद ने कभी ऐसा किया।
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ये सभी लोग मक्कार और धूर्त है। इन सभी को हमेशा से मालूम है कि EVM को बड़े पैमाने पर हैक किया जा सकता है। लेकिन इन्होंने कभी भी मतदाताओ को यह सूचना नहीं दी। जब ये हारते है तो बिल EVM के नाम फाड़ देते है, और 5-7 दिन की चिल्ल पों के बाद फिर से EVM पर खामोश हो जाते है।
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कुल मिलाकर, चाहे वह आडवाणी हो या मायावती --- अगर उन्होंने सांसद रहते हुए EVM को रद्द करने के लिए बिल प्रस्तुत नहीं किया है तो हमें ऐसे आदमी की चिल्ल पों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
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और अगर कोई नागरिक/कार्यकर्ता EVM के खिलाफ शिकायत कर रहा है तो सबसे पहले उससे यह प्रश्न पूछिये --- "क्या तुमने प्रधानमंत्री को ट्विट करके evm केंसिल करने के लिए कहा है" ? यदि हाँ, तो कृपया ट्वीट का लिंक रखिये। यदि अमुक व्यक्ति के पास इंटरनेट नहीं है तो उससे पूछिये कि, क्या उन्होंने अपने सांसद को sms करके EVM रद्द करने को कहा है। यदि उसने ऐसा किया है, तब तक ठीक है। वर्ना उसकी पोपाट पर ध्यान मत दीजिये।
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मैं हालिया चुनावी नतीजो को EVM की धांधली से जोड़ कर नही देखता, किन्तु मैं इस बात से सहमत हूँ कि EVM को बड़े पैमाने पर हैक किया जा सकता है। अतः मैं वर्ष 2010 से ही EVM के खिलाफ रहा हूँ। मेरे द्वारा भेजे गए ट्वीट का लिंक -- https://twitter.com/PawanJury/status/840835260350894081
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बहरहाल, पिछले कई सालो से विभिन्न कार्यकर्ता EVM को रद्द करने की मांग कर रहे है। और इन्ही कार्यकर्ताओ को अपने साथ चिपकाने के लिए केजरीवाल और मायावती EVM का मुद्दा उठा रहे है। इनकी मांग यह नहीं है कि देश में EVM का प्रयोग बंद किया जाए। बल्कि ये लोग मांग कर रहे है कि चुनाव की जांच हो या चुनाव फिर से करवाये जाए। मतलब ये लोग मानते है कि EVM को हैक किया जा सकता है, लेकिन फिर भी इनकी इच्छा EVM का प्रयोग बंद करवाने की नहीं है। यदि इनकी मंशा EVM का प्रयोग बंद करवाने की है तो इन्हें लोकसभा में इसके लिए बिल रखना चाहिए। इन्हें पता है कि चुनाव आयोग के सामने नाटक करने से EVM का प्रयोग बन्द नहीं होगा, किन्तु उद्देश्य जनता की आँखों धूल झोंकना है।
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