Pawan Jury BhilwaraRj

Ishwar Choudhary BhilwaraRj:

~ राइट टू रिकॉल पार्टी ~
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|| अखबार में विज्ञापन का सफरनामा ||
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जब मुझे राईट टू रिकॉल के बारे में पवन जी जूरी से जानकारी मिली | थोड़े समय बाद मुझे लगा कि मुझे इन कानूनों का प्रचार करना चाहिए | तो मैंने पूछा कि किन प्रकार के नागरिकों को यह जानकारी पहुंचानी चाहिए | तो मुझे बताया गया कि 60 करोड़ नागरिको तक जानकारी पहुंचानी है | मेरे मिलने वाले परिचितों को इसके बारे में बता कर उनको मीटिंग के लिए इकट्ठा करने लगा | मीटिंग में पांच सात लोग इकट्ठे हो पाते थे | उसके बाद मैंने whatsapp ग्रुप बना कर जानकारी पहुंचाना शुरू किया | फिर facebook पर अन्य रिकॉलिस्ट की वॉल से कॉपी पेस्ट करना शुरू किया |
थोड़े समय बाद साथी रिकॉलिस्ट ने टीसीपी की 500 बुकलेट छपवाई जिनकों नागरिकों में पहुंचाकर पढ़वाना था | कुछ समय बाद एक पेज का जूरी सिस्टम के 2000 पेंपलेट छपवाकर नागरिकों में वितरित किए | हम रिकॉलिस्ट ने मिलकर फ्लेक्स बैनर बनाने की योजना बनाई |
25 छोटे बैनर 2 रूटवॉल लगाए |
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इन सब कार्यों से कुछ एक्टिव लोग हमारे साथ जुड़ने लगे whatsapp facebook से नागरिकों को लगातार जानकारी प्राप्त हो रही थी | राइट टू रिकॉल कानून से काफी लोगों का समर्थन मिलने लगा था |
अब हमने whatsapp ग्रुप पर यह बात रखी कि पेपर विज्ञापन देकर कई लाख लोगों तक एक ही दिन में जानकारी पहुंचाई जा सकती है | लेकिन विज्ञापन नागरिकों के अंशदान से ही छपेगा | आप में से कौन सहयोग कर सकते हैं | तो बहुत से नागरिक इस कार्य के लिए तैयार हो गये |
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अब हम कुछ रिकॉलिस्ट मिलकर प्रतिमाह 100 रू. इकट्ठा करने लगी | हम चार पांच लोगों ने नागरिकों से 50-100 रू. अंशदान राशि ईक्खट्टा करना शुरू किया | नागरिकों ने बढ़चढ़कर हमारा सहयोग किया | ..........और इस प्रकार से हम नागरिक अँशदाताओं की सहायता से दो बार विज्ञापन दे चुके हैं |
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