Pawan Jury BhilwaraRj
मौजूदा स्थिति में बेहतर होगा कि हम चेक द्वारा भुगतान को प्रोत्साहित ( जीएसटी/वैट तथा मोरिशस ट्रिटी रद्द करने के बाद ) करें, न कि एंड्राइड मनी को ---- चेक सिस्टम को वक्त के साथ बेहतर किया जा सकता है, लेकिन गूगल मनी को अमेरिकी सरकार किसी भी दिन बंद कर सकती है। इसीलिए चेक मनी हमारे लिए ज्यादा सुरक्षित है।
.
-----
.
8-नवम्बर-2016 को अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों ने मोदी साहेब को 1000/500 के नोट रद्द करने का आदेश दिया। इसके पीछे अमेरिकी-ब्रिटिश धनिकों का मुख्य लक्ष्य भारत के सभी १३० करोड़ लोगो को एंड्राइड मनी का इस्तेमाल करने के लिए बाध्य करना है। आखिर अमेरिकी-ब्रिटिश धनिक क्यों चाहते है कि सभी भारतीय एंड्राइड मनी का इस्तेमाल करे ?
क्योंकि एंड्राइड में यह फीचर है कि यदि अमेरिकी-ब्रिटिश धनिक चाहे तो वे किसी भी देश के सभी एंड्राइड फोन को कुछ ही मिनिट में बंद कर सकते है !! इसके अलावा व्हाईट मनी के कारण भारतीय कारोबारियों को 25% से 35% आयकर चुकाना होगा। अत: मोरिशस के बैंक जिन पर सिर्फ 0% से 7% ही आयकर आएगा, जल्दी ही भारतीय अर्थवयवस्था के ज्यादातर क्षेत्रो को टेक ओवर कर लेंगे !!! और ई-मनी भारत के सभी कारखाना मालिको और कारोबारियों को उनके २% के लंपसंप स्टेटस को छोड़कर १२% के डीलर स्टेटस में रूपांतरित होने के लिए बाध्य करेगा। और इस तरह अंत में जीएसटी की धारा-16.1c (जिसे सोनिया-मोदी-केजरीवाल की महा कसाई धारा भी कहा जाता है ) देश की लाखों छोटी और मझौली इकाइयों को तबाह कर देगी।
.
यह योजना अपनी प्रगति पर है।
.
----
.
हमारे पास इसका क्या उपाय है ?
.
नकदी की अपनी समस्या है --- जाली नोट। लेकिन इसका समाधान सरल है --- देश के सभी बैंको, नकदी ग्रहण करने वाले सरकारी कार्यालयों तथा ज्यादा से ज्यादा निजी प्रतिष्ठानों पर नोट के सीरियल नंबर स्कैन करने वाली काउंटिंग मशीने लगाई जाए। फिर भी नकदी को अपनी समस्याएं है, और हमें लेसकैश सिस्टम की जरुरत है।
समाधान यह है कि हम इ-मनी की जगह चैक द्वारा भुगतान करने की व्यवस्था को बेहतर बनाये।
.
ई-मनी सिर्फ तब तक ही सुरक्षित है जब चिप्स, पीसीबी, फोन्स, सर्वर, ऑपरेटिंग सिस्टम, सॉफ्टवेयर, ऍप्स और टेलीकॉम नेटवर्क भारत में भारतीयों द्वारा बनाया गया और संचालित किया जा रहा हो। आज की तारीख में में सभी उपकरण "भारत में विदेशियों द्वारा" बनाये जा रहे है। अतः ई-मनी पर विचार करना निरर्थक है।
.
चैक सिस्टम को कई तरीको से बेहतर बनाया जा सकता है। और हमे इसी दिशा में काम करना चाहिए।
.
सोनिया-मोदी-केजरीवाल चैक सिस्टम को बेहतर नहीं बनाना चाहते ताकि लोगो को इ-मनी का इस्तेमाल करने के लिए बाध्य किया जा सके।
.
कैसे भारत में चैक सिस्टम को बेहतर बनाया जा सकता है ? इस विषय पर मैं विवरण जल्दी ही प्रस्तुत करूँगा।
.