Pawan Jury BhilwaraRj
मोदी साहेब का गुजरात के लिए नया फतवा --- जिन लोगो ने गुजरात में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्ज़ा कर रखा है, तथा यह कब्ज़ा यदि 2011 से पहले किया गया था तो वे इस जमीन की सर्किल रेट का 5% से 50% शुल्क जमा करवा कर इसके वैध मालिक बन सकते है !!!
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बहुत पहले एक राजनैतिक विश्लेषक ने मुझसे कहा था कि --- एक वामपंथी भ्रमित व मूर्ख हो सकता है, और अक्ल आने पर वह अपनी गलतियों को सुधार भी सकता है ; लेकिन एक दक्षिणपंथी हमेशा ही मौका परस्त और धूर्त होता है। स्वार्थ, लोलुपता, दम्भ एक दक्षिणपंथी के अनिवार्य अवगुण है। एक रीढ़ विहीन प्राणी जो अपने फायदे के लिए किसी भी हद तक गिर कर दिखा सकता है !!! और उन्होंने अपने तर्क को पुष्ट करने के लिए स्वतंत्रता आंदोलन का हवाला दिया --- महात्मा भगत सिंह समेत लगभग सभी समर्पित कार्यकर्ता कट्टर वामपंथी थे, सुभाष बाबू भी दक्षिण पंथी से ज्यादा वामपंथी थे, जबकि गाँधी से लेकर सरदार पटेल तक सभी दक्षिणपंथी अंत तक ब्रिटिश शासन के प्रति वफादार बने रहे। और आजादी के बाद भी, सिर्फ वामपंथियो ने ही पूर्व राजाओ और सामंतो के गैर वाजिब प्रभाव को कम करने के लिए संघर्ष किया। जबकि सभी दक्षिण पंथियो ने जमीदारों और उनके गुर्गो को सरंक्षण दिया।
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मैं किसी भी प्रकार के वाद/पंथ जैसे कि वामपंथ, दक्षिण पंथ आदि के सिद्धांतो को खारिज करता हूँ। लेकिन उक्त विश्लेषक ने जो भी कहा था वक्त के साथ उसमे से ज्यादातर सही साबित हुआ।
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दक्षिण पंथियो में भी घोर दक्षिण पंथी मोदी साहेब उर्फ़ कल्कि पुरुष ने गुजरात के मुख्यमंत्री विजाभाई रूपनजी को ऐसा क़ानून लागू करने का आदेश दिया है जिससे सरकारी भूमि पर गैर कानूनी कब्ज़ा जमाये बैठे लगभग 80 हजार व्यक्तियो को इस भूमि पर मालिकाना हक़ मिल जाएगा !!! और इसके लिए उन्हें कितना पैसा चुकाना होगा ? बाजार मूल्य का सिर्फ 5% से 50% !!! दूसरे शब्दो में, ये सभी दक्षिणपंथियों में भी घोर दक्षिणपंथी, यानी सभी दक्षिणपंथी मौका परस्त और धूर्त होते है।
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यदि उनका अवैध कब्ज़ा 25 वर्ग मीटर भूमि पर है तो उन्हें सर्किल रेट का सिर्फ 10% ही चुकाना होगा। गौरतलब है कि सर्किल रेट बाजार मूल्य की आधी या उससे भी कम होती है। और यदि कब्ज़ा की गयी भूमि का क्षेत्रफल 50 वर्ग मीटर है तो उन्हें सर्किल रेट का सिर्फ 15% ही चुकाना होगा। यदि भूखंड 250 वर्ग मीटर से कम है तो वे सिर्फ 70% यानि बाजार मूल्य का सिर्फ 35% चुका कर कब्ज़ाई गयी भूमि के कानूनी मालिक बन सकते है !! यदि जमीन का क्षेत्रफल 250 वर्ग मीटर से ज्यादा है तो उन्हें सर्किल रेट के बराबर मूल्य चुकाना होगा।
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हमेशा की तरह इस मामले में भी मोदी साहेब के अंध भगत चीख रहे है कि --- क्या तुम्हारे पास इस बात का कोई सबूत है कि, मोदी साहेब ने गुजरात के मुख्यमंत्री को ऐसा आदेश दिया है ? इस तरह के उल जलूल प्रश्न करने वाले भगतो से मेरा आग्रह है कि वे मुझे ब्लॉक कर सकते है , किन्तु कृपया इस तरह के बकवास प्रश्न पूछ कर मेरा और अपना समय नष्ट न करे।
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http://indianexpress.com/article/india/gujarat-govt-clears-ordinance-to-regularise-residential-encroachments-4416116/
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संघ का प्रत्येक अंध सेवक और मोदी साहेब का हर अंध भगत मोदी साहेब के इस फैसले का समर्थन कर रहा है।
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हम (राईट टू रिकॉल पार्टी) इसका विरोध करते है। हम हमेशा से ये मांग कर रहे है कि सभी सरकारी भूखंडो का किराया वसूला जाना चाहिए और यह किराया सभी नागरिको में बराबर बांटा जाना चाहिए। अवैध कब्जो वाली भूमि से भी यह किराया वसूल किया जाना चाहिए तथा किराए का निर्धारण का आधार उस अवधि को बनाया जाना चाहिए जिस अवधि से अमुक व्यक्ति ने सरकारी भूमि पर कब्ज़ा किया हुआ है। लेकिन इस किराए में हर वर्ष 5% की बढ़ोतरी की जानी चाहिए ताकि 20 वर्षो के भीतर किराया भूमि के बाजार मूल्य के बराबर हो जाए। यह प्रक्रिया हमारे प्रस्तावित DDMRACM = MRCM क़ानून में देखी जा सकती है।
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सोनिया-मोदी-केजरवाल शुरू से ही इस क़ानून ड्राफ्ट का विरोध कर रहे है। और इसीलिए इनके अंध भगतो के पास भी इस क़ानून का विरोध करने के अलावा कोई चारा नहीं है। बीजेपी, मोदी साहेब और उनके अंध भगतो ने सदा से खुद को ऐसे दक्षिण पंथी की तरह प्रस्तुत किया है जो इस प्रकार की "मुफ्तखोरी" का विरोध करते है। और अब ये खुद ही 33 लाख वर्ग मीटर सरकारी जमीन सर्किल रेट के सिर्फ 5% से 50% मूल्य पर लुटा रहे है !!! हैफ !
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और इस प्रस्ताव को गुजरात से बढ़ाकर अन्य राज्यो और पूरे देश में भी लागू किया जा सकता है !!
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गुजरात समाचार की खबर का लिंक यहाँ देखें -- http://www.gujaratsamachar.com/index.php/articles/display_article/ahmedabad/ahmedabad-pressure-on-the-government-lands-in-the-gift-of-the-fuel-kelamh-ulc-33-89-millio
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