Pawan Jury BhilwaraRj
सर्जिकल स्ट्राईक -- समापन लेख
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यह मेरी अंतिम टिप्पणी है । इस विषय पर शेष विवरण मैं ३ सप्ताह बाद रखूँगा । कारण अंतिम पेरेग्राफ में दिया गया है ।
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इस विषय पर अब तक जो हमने विवरण रखे है उन्हें लेकर कुछ सवाल खड़े किए गए है । उनका स्पष्टिकरण मैं यहाँ रख रहा हूँ ।
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१) हम अपनी सेना पर सवाल खड़े कर रहे है !
ग़लत आरोप है । देश में एक मात्र सेना ही वह संस्था है जिस पर हमें भरोसा है । हमने सवाल पैड मीडिया पर खड़ा किया है, सेना पर नही । सेना ने जो भी कहा व अधिकृत बयान दिया है, हम उसे विश्वसनीय मानते है ।
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२) हम अपनी सेना पर भरोसा नही कर रहे !
ग़लत आरोप है । आज देश में सिर्फ़ हम ही है जो सेना के अधिकृत बयान पर भरोसा कर रहे है । शेष भारत सेना पर नही बल्कि पैड मीडिया पर भरोसा कर रहा है । जबकि पैड मीडिया और सेना के वर्जन में विरोधाभास है ।
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३) हम सरकार से सबूत क्यों माँग रहे है !
हम सरकार से कोई ज़्यादा तकनीकी डिटेल नही माँग रहे । सिर्फ़ इतना पूछ रहे है कि, "क्या भारत ने सर्जिकल स्ट्राईक के दौरान नियंत्रण रेखा पार की" ? । यह हम इसीलिए पूछ रहे है क्योंकि सेना ने अपने बयान में यह नही कहा है कि हमने सीमा पार की । जबकि भारतीय पैड मीडिया यह दावा कर रहा है कि भारत ने सीमा पार की ।
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यह स्पष्टिकरण इसीलिए भी ज़रूरी हो जाता है क्योंकि पाकिस्तान, अंतराष्ट्रीय मीडिया और संयुक्त राष्ट्र संघ इसकी पुष्टि नही कर रहा है कि, भारत ने सर्जिकल स्ट्राईक के दौरान सीमा पार की । विदेशी सरकारों और संस्थाओं से हमें कोई लेना देना नही है । लेकिन हमारी सेना भी इसकी पुष्टि नही कर रही है कि, हमने सर्जिकल स्ट्राईक के दौरान नियंत्रण रेखा पार की । इसीलिए सेना/सरकार को सिर्फ़ यह स्पष्ट करना है कि, क्या हमने सीमा पार की ।
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यह स्पष्टिकरण इसीलिए भी ज़रूरी है क्योंकि मीडिया २१ सितम्बर को भी इस आशय की ख़बरें चला चुका है कि, भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पार करके ८० आतंकियों को मार गिराया था । लेकिन इस ख़बर का बाद में सेना ने खंडन कर दिया था ।
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कुल मिलाकर, हम पैड मीडिया और विदेशी संस्थाओं पर भरोसा नही कर सकते । इसीलिए हमें अपनी सरकार से स्पष्टिकरण चाहिए ।
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४) DGMO रणबीर सिंह ने अपने बयान में यह कहा है कि, "आतंकी मार गिराए गए"।
यह बात ठीक पायी गयी कि रणबीर सिंह ने मौखिक रूप से दिए गए अपने हिन्दी बयान में यह कहा कि, "उधर आतंकी मार गिराए गए" । लेकिन उन्होंने इसका ज़िक्र अंग्रेज़ी के बयान में नही किया था । हमने अंग्रेज़ी बयान पढ़ा था । सरकार/सेना का अधिकृत बयान अंग्रेज़ी ही माना जाता है । हिन्दी बयान के इस वाक्य का ज़िक्र मूल अंग्रेज़ी स्टेटमेण्ट में नही था । अंतराष्ट्रीय सरकारें और एजेंसियाँ अंग्रेज़ी बयान को ही अधिकृत मानती है । यह बात ठीक है कि, हम हिन्दी भाषी व्यक्ति इस बयान को आधार मान सकते है । बहरहाल, उन्होंने हिंदी बयान में भी मारे गए आतंकियों की संख्या या इस बारे में अनुमान व्यक्त नही किया है ।
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तो अब तक जैसा कि सेना ने अधिकृत रूप से बताया है उसके अनुसार स्थापित तथ्य यह है कि :
१) भारत ने नियंत्रण रेखा के पार स्थित आतंकी क़ेम्प्स पर सर्जिकल स्ट्राईक किया । (पुष्ट)
२) इस स्ट्राईक में आतंकी क़ेम्प्स को भारी नुक़सान हुआ । (पुष्ट)
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आतंकियों की संख्या, हेलिकोप्टर्स का इस्तेमाल और नियंत्रण रेखा पार करके ३ किमी तक प्रवेश करना मीडिया जनित विवरण है । जिनकी पुष्टि होना बाक़ी है । (अपुष्ट)
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कुल मिलाकर, हम यहाँ एक अजीब क़िस्म के संघर्ष में उलझ गए है, जहाँ हम देश के नागरिकों को यह समझाने की कोशिश कर रहे है कि, हमें पैड मीडिया की जगह हमारी सेना पर भरोसा करना चाहिए । जबकि कार्यकर्ता सेना के बयान को ख़ारिज करके पैड मीडिया के वर्जन को सत्य मान रहे है ।
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जैसा कि पैड मीडिया द्वारा कहा जा रहा है कि जल्दी ही सेना/सरकार ओपरेशन का विडियो जारी करेगी । अतः इस विषय पर कोई निष्कर्ष निकालने से पहले हमें सरकार/सेना के स्पष्टिकरण का इंतज़ार करना चाहिए । क्योंकि इस सम्भावना से इंकार नही किया जा सकता कि पैड मीडिया जो भी दिखा रहा है, वैसा ही वाक़यी में हुआ हो ।
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तो बेहतर है हम इस बारे में सेना/सरकार द्वारा और अधिक विवरण जारी करने का इंतज़ार करें ।
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