Pawan Jury BhilwaraRj

लोक परिवहन क्षेत्र को निजी हाथो में दिए जाने से प्रथम चरण में यात्रियों को भाड़े और सेवा के अल्पकालीन आंशिक लाभ होंगे। लेकिन सरकारी सेवा के ठप हो जाने से प्रतिस्पर्धा का अंत हो जाएगा और दूसरे चरण में नागरिकों को यात्रा के लिए भारी राशि चुकानी होगी।
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अपनी पूर्ववर्ती सरकार की तरह ही इस सरकार की नीति भी यही है कि पहले सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन को रोकने और कार्यकुशलता को बढ़ाने के लिए आवश्यक राईट टू रिकॉल कानूनों का विरोध करो और फिर 'विकास' के नाम पर नागरिक सम्पत्तियां और सेवाएं निजी क्षेत्र को के हाथों में सौंप दो। रेल से लेकर, उड्डयन और रोडवेज तक के सभी क्षेत्रों में इसी नीति को लागू किया जा रहा है।
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समाधान - कांग्रेस-बीजेपी और आम आदमी पार्टी समेत सभी राजनैतिक समूह देश के सभी क्षेत्रों के निजीकरण के समर्थन में है। अत: जो कार्यकर्ता देश के सरकारी उपक्रमों के प्रशासन को सुधारने के लिए आवश्यक कानूनों का समर्थन करते है उन्हें राइट टू रिकॉल पार्टी के कार्यकर्ताओ के साथ काम करना चाहिए।
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