Pawan Jury BhilwaraRj

बाजीराव प्रथम की सफलता का सबसे बड़ा कारण यह था कि बाजीराव के पास फ्रांस का तोपखाना था।
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और इतिहास अपने आप को दोहरा रहा है। अमेरिकी कम्पनियो को भारत में आकर हथियार बनाने की अनुमति देने के कारण मोदी साहेब को पाकिस्तान और चीन को साधने में मदद मिलेगी।
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चूंकि उस समय सभी तोपे फ्रांसीसी बना रहे थे इसीलिए भारतीय इंजीनियर्स कभी भी अपने बूते तोपों के निर्माण की प्रौद्योगिकी का आविष्कार नहीं कर पाए। और इसी कारण जब अंग्रेजो ने ज्यादा उन्नत तोपों और बन्दूको से भारत पर हमला किया तो भारतीय इंजीनियर्स इन हथियारों की निर्माण प्रौद्योगिकी की नकल भी नहीं बना सके।
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इसीलिए आज सोनिया-मोदी-केजरीवाल की एफडीआई-एफडीआई-एफडीआई नीति के चलते भारत की कोई भी कम्पनी अपने बूते जटिल उपकरणों के निर्माण की प्रौद्योगिकी नहीं जुटा सकी है। यहां तक कि भारत में बने सोलर पेनल तक विदेशी कम्पनी मोज़र बीयर द्वारा बनाए जा रहे है !! और सभी जटिल कल पुर्जे जैसे कि चिप्स और सॉफ्टवेयर आदि आयातित है।
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इस तरह जब अमेरिका सोनिया-मोदी-केजरीवाल को भारत में मिशनरीज को अपना दायरा बढ़ाने की अनुमति देने और भारत के गणित-विज्ञान के ढांचे को तोड़ने के लिए कहेगा तो सोमोके के पास इन शर्तों को मानने के सिवा कोई चारा नहीं रहेगा।
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समाधान ?
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तब समाधान यह था कि, भारत के कार्यकर्ताओ को इस बात पर विचार करना चाहिए था कि, "आखिर क्यों ब्रिटिश और फ्रांसीसी भारत के मुकाबले बेहतर हथियार बना पा रहे थे"। यदि उन्होंने इस पर विचार किया होता तो उन्हें अवश्य ही यह मालूम हो जाता कि इस प्रौद्योगिकीय अंतर का कारण ज्यूरी सिस्टम था। सिर्फ ज्यूरी सिस्टम के कारण ही ब्रिटेन और फ्रांस की निर्माण इकाइयों की उत्पादकता में वृद्धि हुई और वे बेहतर जहाज, बेहतर तोपे और बन्दुके बना पाए। और तब भारत के कार्यकर्ता बाजीराव की आरती करने की जगह भारत में ज्यूरी सिस्टम लागू करने के प्रयास करते। लेकिन कार्यकर्ताओ ने ज्यूरी सिस्टम का अध्ययन करने की जगह अपनी सारी ऊर्जा बाजीराव की भक्ति करने में नष्ट कर दी।
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हालात आज भी बदले नहीं है। आज भी देश के ज्यादातर कार्यकर्ता अपनी पूरी ऊर्जा और समय सोनिया-मोदी-केजरीवाल की अंधभक्ति करने में खपा दे रहे है। देश में सिर्फ राईट टू रिकॉल पार्टी ही अकेली पार्टी है जो भारत में प्रौद्योगिकीय विकास के लिए आवश्यक राइट टू रिकॉल, ज्यूरी सिस्टम, जनमत संग्रह, मल्टी इलेक्शन, वेल्थ टैक्स आदि प्रक्रियाओं के बारे में लाखों-करोड़ो नागरिकों को सूचना दे रही है।
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अब एक कार्यकर्ता के तौर पर फैसला आपको करना है --- यदि आप कांग्रेस-बीजेपी-आप जॉइन करते है तो जल्दी ही वे आपकी सारी ऊर्जा का अपव्यय सोनिया-मोदी-केजरीवाल की अंधभक्ति करने में कर देंगे और फिर आपसे अमेरिकी-ब्रिटिश कम्पनियो को भारत में आकर हथियार बनाने का समर्थन करने को कहेंगे। लेकिन वे आपको यह कभी नहीं बताएंगे कि जब अमेरिकी-ब्रिटिश सेनाएं भारत पर हमला करेंगी तो उनके बनाए हुए हथियार काम ही नहीं करेंगे। असल में यदि भारत की सेना के पास सभी हथियार अमेरिकियों के बनाए हुए होंगे तो उन्हें हमला करने की कभी जरूरत ही नहीं पड़ेगी। क्योंकि तब भारत बिना लड़े ही समर्पण कर देगा।
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या फिर अन्य शेष विकल्प यह है कि, आप देश हित में कांग्रेस-बीजेपी-आम पार्टी से किनारा कर ले और राईट टू रिकॉल पार्टी द्वारा प्रस्तावित राइट टू रिकॉल, ज्यूरी सिस्टम, जनमत संग्रह, मल्टी इलेक्शन, वेल्थ टैक्स आदि प्रक्रियाओं को देश में लागू करवाने के लिए प्रयास करें। फैसला आपको करना है।
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राईट टू रिकॉल पार्टी द्वारा प्रस्तावित कानून ड्राफ्ट्स के विवरण दिए गए लिंक पर देखे जा सकते है -- https://web.facebook.com/notes/pawan-jury/809761655808739
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