Pawan Jury BhilwaraRj

बोइंग का कहना है कि, वे अपने जहाजों के सॉफ्टवेयर को अपने कार्यालय में बैठे बैठे रिमोट से ही अपडेट कर सकते है !!!
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मायने यह कि -- भारत के पीएम बोइंग विमान में यात्रा कर रहे है, और यदि बोइंग विमान के सॉफ्टवेयर को 'अपडेट' कर देता है तो अपडेशन करने वाला बोइंग यह तय करेगा कि प्रधानमंत्री का प्लेन लैंड करेगा या क्रेश होगा !!!
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इसी तरह से भारत के नागरिक जिन एंड्रॉयड/आईफोन/नोकिया आदि फोन्स का इस्तेमाल कर रहे है, उन्हें अमेरिका गूगल/एप्पल/माइक्रोसॉफ्ट से कह के किसी भी दिन बंद करवा सकता है। यदि वे चाहे तो इन्हे बंद करने की जगह करप्ट/हेक भी कर सकते है !!! सभी हथियारों में भी 'किल स्विच' इंस्टॉल किए हुए है। और प्रधानमंत्री जिस विमान का उपयोग करते है, उसे शामिल करते हुए सभी विमानों को भी रिमोट द्वारा अपडेट यानी कि बंद किया जा सकता है !!!
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सोनिया-मोदी और केजरीवाल के सुपर अंध भगतो को अमेरिकी सरकार पर इस हद तक भरोसा है कि वे इस समस्या को 'समस्या' मानने के लिए भी तैयार नहीं है !! और यही हालत संघ के अंध सेवको की है। वे भी अमेरिकी सरकार पर इसीलिए आंख मूंदकर भरोसा कर रहे है क्योंकि भागवत को अमेरिकी प्रशासन पर पूरा भरोसा है। सिर्फ राईट टू रिकॉल पार्टी ही एक मात्र संगठन है जो इस समस्या को देश की सुरक्षा के लिए एक गम्भीर खतरा मानता है।
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समाधान ?
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हमारा प्रस्ताव है कि भारत के पीएम, सीएम, सांसद, विधायक, जजों आदि को नौकरी से निकालने का अधिकार भारत के आम नागरिकों को दिया जाए, तथा भारत में वेल्थ टैक्स, टीसीपी व एमआरसीएम कानूनों को गैजेट में प्रकाशित किया जाये। लेकिन सोनिया-मोदी-केजरीवाल-भागवत के अंध भगत और राष्ट्रीय स्वाभिमान ट्रस्ट के कार्यकर्ता इन प्रस्तावों का विरोध कर रहे है। उनका कहना है कि भारत में और भी विदेशी निवेश को आमंत्रित करो ताकि अमेरिका सभी उपकरणों में और भी ज्यादा 'किल स्विच' लगा सके !!! तो हमारा आग्रह है कि देश के जो भी कार्यकर्ता 'किल स्विच' को एक समस्या के तरह देखते है उन्हें बीजेपी-कांग्रेस-आप-संघ और भारत स्वाभिमान ट्रस्ट से किनारा करके राईट टू रिकॉल पार्टी द्वारा प्रस्तावित कानूनों को देश में लागू करवाने के लिए प्रयास करने चाहिए।
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[राईट टू रिकॉल पार्टी ]
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