Pawan Jury BhilwaraRj

ताकि सनद रहे !
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कि मोदी साहेब ने असम के विधानसभा चुनावों के घोषणापत्र में बांग्लादेशी घुसपैठियों को खदेड़ने का वादा किया है।
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https://sabrangindia.in/article/re-using-communal-card-assam-bjp-manifesto-2014-vision-document-2016
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कि मोदी साहेब ने 2014 में अपने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि यदि वे सत्ता में आये तो बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से बाहर खदेड़ देंगे।
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कि उनकी सरकार दो वर्ष पूरे कर चुकी है, लेकिन उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश के बाहर खदेड़ने का क़ानून पास नहीं किया है।
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कि मुझे हमेशा से पूरा भरोसा था कि मोदी साहेब बांग्लादेशी घुसपेठियो को देश से बाहर खदेड़ने का क़ानून पास कभी नहीं करेंगे और यह वादा करके वे केवल वोट खींच रहे है।
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कि मोदी साहेब के कार्यकाल के तीन वर्ष शेष है अत: मैं उन पर अभी वादा खिलाफी का आरोप नहीं लगाऊंगा।
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कि यदि मोदी साहेब ने अगले तीन वर्षो में भी बांग्लादेशी घुसपेठियो को देश से बाहर खदेड़ने का क़ानून पास नहीं किया तो मैं मोदी साहेब को 'झूठला'(*) सम्बोधित करूंगा।
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(*) झूठा किसी वयक्ति को तब भी सम्बोधित किया जाता है उसे भी कहा जाता है जब किसी प्रसंग में व्यक्ति झूठ बोले। लेकिन 'झूठला' शब्द से आशय आदतन झूठे व्यक्ति से है। राजनीति में वोट खींचने के लिए 100 दिन में काला धन लाने जैसे झूठे वादे करना चलन में है और इसीलिए इसे मैंने कभी मुद्दा नहीं बनाया लेकिन बांग्लादेशी घुसपेठियो जैसे सुरक्षा से जुड़े गम्भीर मुद्दे पर नागरिकों को बुत्ता देना क्षम्य नहीं है।
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ज्ञातव्य है कि बीजेपी के अनुसार भारत में 2 करोड़ बांग्लादेशी घुसपैठिए घुसे हुए है और इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बीजेपी का मानना है कि ये घुसपैठिए देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गम्भीर खतरा है, क्योंकि चीन या पाकिस्तान युद्ध के दौरान या शांतिकाल में भी इन्हे बड़े पैमाने पर हथियार पहुंचाकर देश में और खासकर पूर्वोत्तर में गदर मचवा सकते है। इनके पास राशनकार्ड से लेकर आधारकार्ड तक सभी वैध दस्तावेज है और ऐसे हालात में यदि ये सशस्र गड़बड़ी फैलाते है तो सेना के लिए इनकी पहचान करना मुश्किल हो जाएगा और हथियार विहीन होने के कारण भारतीय नागरिक इनके आसान शिकार होंगे। कुल मिलाकर पूर्वोत्तर में ये घुसपैठिए कभी भी 1947 के दौरान हुए हिन्दुओ के हिंसक कत्ले आम जैसा मंजर खड़ा कर सकते है। वाजपेयी ने भी इन्हे देश से खदेड़ने का वादा किया था लेकिन वे भी सत्ता में आकर इस मुद्दे पर पलट गए। दस साल बाद अब बारी मोदी साहेब ही आयी है।
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मोदी साहेब ने इन घुसपेठियो को भारत में ही स्थायी रूप से बसाने और नए घुसपेठियो को आमंत्रित करने के लिए एक कदम यह उठाया कि उन्होंने आधार कार्ड में इस प्रावधान को रखने से इंकार कर दिया कि 'मैं घोषणा करता हूँ कि मैं भारत का नागरिक हूँ'। इससे कोई भी घुसपैठिया आसानी से आधार कार्ड बना सकता है और बना भी रहा है।
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आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने इन घुसपेठियो को खतरा मानने से भी इंकार कर दिया है और बीजेपी इस मुद्दे को हल करने की जगह अब तक सिर्फ जबानी जमा खर्च से ही काम चला रही है।
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इसीलिए फिलहाल केरल में सरकार बनाने पर बीजेपी को बधाई देने की कोई तुक नहीं। लोग कांग्रेस के कुशासन से लोग अघाए हुए थे और बचने के लिए बीजेपी की और दौड़ लगाने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं। पूरे देश को तो जाने दीजिये यदि मोदी साहेब असम से भी बांग्लादेशी घुसपेठियो को 'देश से बाहर' खदेड़ देते है तो भी वे बधाई के पात्र होंगे। मुझे उम्मीद कम या नहीं के बराबर है।
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अंधभक्तो के भरोसे का फैसला मई 2019 में हो जाएगा।
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