Pawan Jury BhilwaraRj
मोदी साहेब ने भारत में सभी को 24 घंटे बिजली देने का वादा किया हुआ है। इस सम्बन्ध में मेरे द्वारा प्रस्तावित समाधान निचे दिया गया है। यदि इस 'आइडिये' को लागू किया जाए तो भारत के सभी घरों में और उद्योगों को सिर्फ छह महीने में ही 24 घंटे बिजली दी जा सकती है। यह 'आइडिया' मेरा मौलिक विचार नहीं है और मोदी साहेब की नीति पर ही आधारित है।
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"सभी घरों और उद्योगों से बिजली के मीटर हटा लिए जाने चाहिए"
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बस इतना सा ही करना है। इससे अपने आप सभी घरों तक 24 घंटे बिजली पहुँचने लगेगी।
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यदि मीटर हटने से लोग बिजली का बेतहाशा उपयोग करना शुरू कर देते है तो उसके लिए इस नीति का प्रयोग करके उन्हें रोका जा सकता है :
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केंद्र सरकार के लिए 5000 करोड़ और राज्य सरकारों की तरफ से एक एक हजार करोड़ का बजट बनाया जाए और अखबारों और टीवी पर 'यूनिट यूनिट बिजली बचाओ' के विज्ञापन दिए जाने चाहिए। यदि तब भी लोगो पर असर न हो तो बजट बढ़ा कर 2-4 हजार एनजीओ को अनुदान देकर मैदान में उतार दिया जाना चाहिए। ये एनजीओ भी अपना अपना दल बनाकर 'बिजली बचाओ, बिजली बचाओ' के नारे लगाकर लोगो को जागरूक कर सकते है। खर्चा सब सरकार देगी।
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यदि आपको यह मजाक लग रहा है तो यह मजाक मोदी साहेब के साथ साथ अन्य नेता भी देश की जनता के साथ करते आ रहे है। जब मोदी साहेब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उनसे कई बार निवेदन किया गया कि वे पानी की समस्या को हल करने के लिए 'अनिवार्य रूप से मीटर लगाने' का क़ानून पास करे। लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उनका मानना है कि पानी की समस्या को मीटर लगाकर नहीं बल्कि लोगो को जागरूक करके ही हल किया जाना चाहिए।
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