Pawan Jury BhilwaraRj

देखने में आ रहा है कि ज्यादातर सर्राफा संघ अपना विरोध प्रदर्शन अरुण जेटली के खिलाफ कर रहे है। उन्ही के पुतले जलाये जा रहे है और उन्हीं से मांग की जा रही है। मेरे विचार में दबाव सांसदों पर बनाया जाना चाहिए क्योंकि सांसद ही प्रतिनिधि है और सांसद चाहे तो एक मिनिट में वित्त मंत्री की कुर्सी उलट सकते है।
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लेकिन ज्यादातर सर्राफा कारोबारी बीजेपी के स्थानीय संगठनो से जुड़े हुए है, अत: वे अपने सांसद को परेशानी में नही डालना चाहते, तथा मोदी साहेब का पुतला जलाने से लेने के देने पड़ सकते है।
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इसीलिए मोदी साहेब और सांसदों को बचाने के लिए अरुण जेटली (जिनका जनाधार लगभग शून्य है) को बकरा बनाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि ईपीएफ के फैसले को रद्द करने का आदेश भी जेटली को मोदी साहेब द्वारा ही दिया गया था।
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मोदी साहेब कांग्रेस की सोनिया है, जो कि सिर्फ अच्छे फैसलों का श्रेय लेते है और विवादित निर्णय अन्य नेताओ के खाते में भेज देते है।
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