Pawan Jury BhilwaraRj

जेएनयू प्रकरण -- यह नौटंकी सीपीएम/बीजेपी और जी न्यूज द्वारा रची गयी ताकि राम लीला मैदान दिल्ली में 28 फरवरी, 2016 को आयोजित 'गाय बचाओ' रैली से देश का धयान हटाया जा सके।
.
नागरिक जेएनयू की बकवास में व्यस्त है। और जो इससे फ्री होने लगे है उन्हें केंद्रीय मंत्री कठेरिया ने आज उन्हें फिर से उलझा लिया। सबको इन सब ने मिलकर इतना व्यस्त कर दिया है कि कट्टर गौ भक्तो को भी भनक नही है कि दिल्ली में गौ माता को बचाने के लिए लाखों की संख्या में भीड़ जुटी हुयी है। दुःख का विषय है कि इसे बिलकुल भी महत्त्व नही दिया गया। नतीजे में कार्यकर्ताओ का मनोबल टूट जाएगा। ज्ञातव्य है कि इस विशाल रैली की तैयारियां महीनो से चल रही थी।
.
संघ और विहिप के किसी भी नेता ने इस रैली में शिरकत नही की है, और वहाँ जाने से साफ़ मना कर दिया है। और इसीलिए इनके कार्यकर्ताओ ने भी इस रैली का बहिष्कार किया।
.
==========

मेरा रूख --- मैं उनके मुद्दे का समर्थन करता हूँ। लेकिन उनकी मांग सिर्फ प्रतीकात्मक है और इस कवायद से कोई बदलाव नही आएगा। देश के 80% से ज्यादा नागरिक गाय को 'राष्ट्रीय माता' का दर्जा देने का समर्थन करते है। असली समस्या पुलिस और जजो का भ्रस्टाचार है --- वे गाय काटने वालो से घूस खाकर उन्हें छोड़ देते है। इसके लिए हमारा प्रस्ताव है कि राइट टू रिकॉल पुलिस प्रमुख, राइट टू रिकॉल जज, ज्यूरी सिस्टम और गौ हत्यारों का सार्वजनिक नार्को टेस्ट करने के कानूनो को गैजेट में प्रकाशित किया जाए।
.
इन कानून ड्राफ्ट्स का विवरण इस लिंक पर देखा जा सकता है --- https://web.facebook.com/notes/809761655808739
.
मैं उनके मुद्दे का समर्थन करता हूँ लेकिन उनकी मांग से इत्तिफ़ाक़ नही रखता।
.
लेकिन मेरे विचार में हम सभी को उनके आयोजन के वीडियो, फोटो आदि को शेयर करना चाहिए।
.
___________________________