Pawan Jury BhilwaraRj
पाकिस्तान के एटम बम से कुछ भारतीय भयभीत क्यों ?
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क्योंकि, पाकिस्तान के पास टैक्टिकल परमाणु बम है जिनका इस्तेमाल आमने सामने की लड़ाई में किया जा सकता है। शरीफ ने 2 महीने पहले ही अमेरिका से कहा है कि ये छोटे बम भारत के लिए ही बनाये जा रहे है, और हम इन्हे भारत पर चलाने से हिचकेंगे नहीं। उल्लेखनीय है एनपीटी संधि के अनुसार भारत परमाणु अस्त्रों का प्रयोग अमेरिका की अनुमति बिना नहीं कर सकता। भारत के पास ऐसे कोई बम नहीं है और भारत ऐसे बम बनाने वाला भी नहीं है।
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भारत की सेना के पास सारे हथियार भी आयातित है और युद्ध में जाने से पहले निर्यातक देशो से अनुमति लेनी होती है, वरना वे निर्यातित हथियारों के कील स्विच एक्टिवेट कर देंगे और हमारे हथियार बेकाम हो जाएंगे। क्योंकि
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अत: युद्ध पर विचार करना भारत के लिए कोई विकल्प ही नहीं है, जब तक कि अमेरिका अनुमति न दे। हाँ शान्ति की बाते बेशक की जा सकती है।
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यदि युद्ध पर विचार करना है तो पहले भारत को स्वदेशी हथियारों का उत्पादन करके देश की सेना को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाना होगा। लेकिन ऐसा करने के लिए हमें राईट टू रिकॉल, ज्यूरी सिस्टम, वेल्थ टैक्स और हथियारबंद नागरिक समाज की रचना करने के क़ानून पास करने की आवश्यकता है।
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लेकिन सोनिया घांडी, मोदी साहेब, केजरीवाल जी और श्री मोहन भागवत देश में हथियारों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए इन आवश्यक कानूनो का विरोध कर रहे है, और इनके अंध भगत भी इस विषय पर इनका साथ दे रहे है। इन चारो की चौकड़ी ने एनपीटी संधि को रद्द करने से भी मना कर दिया है, क्योंकि इस संधि के रद्द होने से भारत का परमाणु कार्यक्रम फिर से शुरू हो जाएगा और भारत की सेना मजबूत होगी।
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इनकी देश भक्ति का नुस्खा यह है कि, "हम शहीदो का महिमामंडन करेंगे, लेकिन भारत की सेना को मजबूत बनाने और सैनिको को स्वदेशी आधुनिक हथियार मुहैया कराने का हमेशा विरोध करेंगे" !!
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यहां तक कि सोनिया-मोदी-केजरीवाल-भागवत और इनके अंधभगत भारत के प्रत्येक सैनिक और पुलिसकर्मी को ऐके-47 रखने की अनुमति देने का भी विरोध कर रहे है, क्योंकि ऐसा करने से शहीदो का महिमामंडन करने का मौका इनके हाथ से निकल जाएगा !!!
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भारत की सेना को मजबूत बनाने बनाने के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट्स इस लिंक पर देखे --- https://web.facebook.com/notes/pawan-kumar-jury/809761655808739
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यदि आप इन कानूनी ड्राफ्ट्स का समर्थन करते है तो अपने सांसद को एसएमएस द्वारा आदेश भेजे कि इस कानूनो को गैजेट में प्रकाशित किया जाए।
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