Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

Pawan Jury BhilwaraRj:

स्टार्ट अप इण्डिया ------- 1) इसका ड्राफ्ट सामने आने से पहले ही इसका महिमा गान करना बेवकूफी है , 2) मोदी साहेब पहले ही फ्री बेसिक्स का समर्थन करके भारत में नेट न्युट्रिलिटी का गला घोंट चुके है। इससे इंटरनेट पर निर्भर स्टार्ट अप जितनी तेजी से स्टार्ट होंगे उतनी ही तेजी से बंद हो जाएंगे।
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मोदी साहेब ने एक तरफ डिजिटल इण्डिया के एलान चलाये और दूसरी तरफ फेसबुक के फ्री बेसिक्स को अनुमति देकर भारत में नेट न्युट्रिलिटी को खत्म कर दिया। फ्री बेसिक्स के कारण भारत के वे स्टार्ट अप्स ही कारोबार में बने रह पाएंगे जिनका फेसबुक से टाई अप होगा।
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इस प्रकार जो स्टार्ट अप्स फेसबुक के फ्री बेसिक्स से गठबंधन बना लेंगे उनके पास इस योजना से लाभ उठाने के अच्छे और समान अवसर रहेंगे, लेकिन वे स्टार्ट अप बाजार में पिछड़ जाएंगे जिनका कारोबार इंटरनेट पर निर्भर करता है किन्तु वे फ्री बेसिक्स से जुड़े हुए नहीं है।
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स्टार्ट अप्स को तबाह करने वाले मोदी साहेब के इस फैसले का सोनिया-अरविन्द घांडी ने भी समर्थन किया था, और आज भी कर रहे है।
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अत: स्टार्ट अप्स इण्डिया अभियान की सच्चाई का पता इससे सम्बन्धीत आयकर के प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद ही चलेगा।
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चूंकि मोदी साहेब के अंध भगत प्रक्रियाओ की जगह नारो में ज्यादा विश्वास करते है, अत: वे इसका ड्राफ्ट पढ़े बिना ही इसका प्रमोशन कर रहे है।
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