Pawan Jury BhilwaraRj
वृन्दावन के मशहूर बांके बिहारी मंदिर को अखिलेश यादव सरकारी नियंत्रण में ले रहे है। मंदिर में लगभग 25,000 भक्त रोजाना बांके बिहारी के दर्शन करने आते है और मंदिर के पास हजारो करोड़ की संपत्ति है।
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http://zeenews.india.com/news/uttar-pradesh/vrindavan-priests-oppose-government-control-of-temples_1829034.html
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बीजेपी की राज्य इकाई का आरोप है कि सरकार की नजर मंदिर के खजाने पर है, और यूपी सरकार मंदिर के खजाने को हड़पने के लिए इसका अधिग्रहण कर रही है। हद यह है कि यूपी इकाई को छोड़कर बीजेपी के शेष कार्यकर्ता पूरे देश के मंदिरो को सरकारी नियंत्रण में लिए जाने और उनके स्वर्ण भंडारों को सरकार की तिजौरी में पहुंचा देने का समर्थन कर रहे है !!
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उल्लेखनीय है की मोदी साहेब ने देश के मंदिरो को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने से इंकार कर दिया है, लेकिन जब बीजेपी विपक्ष में थी तब बीजेपी कांग्रेस द्वारा मंदिरो को सरकारी नियंत्रण में लेने का विरोध कर रही थी। सत्ता में आते ही मोदी साहेब पलट गए, और अब मोदी साहेब के अंधभगत और संघ के कार्यकर्ताओ भी मोदी और भागवत के सुर में सुर मिला दिया है।
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केजरीवाल और सोनिया पहले से ही इस मुद्दे पर एक राय है कि मंदिरो को सरकारी नियंत्रण में लेकर उनके स्वर्ण भंडारों पर कब्ज़ा कर लिया जाना चाहिए।
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समाधान ?
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मंदिर समाज की संपत्ति है, अत: मंदिरो का संचालन और सम्पत्तियों का प्रबंधन श्रद्धलुओ द्वारा ही किया जाना चाहिए। मंदिर के ट्रस्टी श्रद्धालुओ द्वारा चुनकर आने चाहिए और भ्रष्ट आचरण करने पर उन्हें नौकरी से निकालने का अधिकार भी श्रधालुओ के पास होना चाहिए। इससे मंदिरो का प्रशासन मजबूत होगा, अव्यवस्था ख़त्म होगी और मंदिर सरकार के नियंत्रण में जाने से बच जाएंगे।
इसके लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट इस लिंक पर देखें :
भारतीय संप्रदाय देवालय प्रबंधक ट्रस्ट' के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/834846793300225
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राष्ट्रीय हिन्दू देवालय प्रबंधक ट्रस्ट' के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/834842886633949
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