Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate
Ashok Jain VotevapsiCm:
राईट टू रिकॉल ग्रुप @ Bhl.
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सुब्रमनियम स्वामी ने एक बार फिर से एजेंडा हाईजैकिंग का उदहारण दिया। अबकी बार फिर से वे किसी दुसरे की मेहनत को हाईजैक कर के इधर उधर घुमा कर रद्दी में फेंक देंगे।
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मामला है राष्ट्रगान का।
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सुब्रमनियम स्वामी ने शहीद राजीव दिक्षित जी का नाम कभी नहीं लिया और राष्ट्रगान का मसला हाईजैक कर लिया है। सच्चाई ये है की राष्ट्रगान का लिए सबसे ज्यादा जागरूकता और जनगनमन को एक्स्पोस सबसे पहले राजीव दिक्षित जी ने किया था। अन्तः उनकी हत्या हो गई।
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किन्तु राजीव के विडियोज अभी भी यूट्यूब पर भरे पड़े हैं और उनके समर्थक आज भी हजारों लाखों की तादात में उनकी माँगों को आगे बढ़ा रहे हैं। तो लोगों की हलचल को देखते हुए ओबामा ने सुब्रमनियम स्वामी को आदेश दिया की तुम अब देशभक्ति का ढोंग जारी रखते हुए राजीव दिक्षित जी की इस मांग को हाईजैक कर लो और कुछ महीनो तक नूरी-कुश्ती कर के दिखावा करो कोर्ट तक जाओ मीडिया में हम तुमको पूरा कवरेज देंगे , और फिर तुम इस आड़ में नेशनल हेराल्ड केस को ढील दे देना और खिसक लेना। अततः तुम राष्ट्रगान के मसले को भी किसी और मसले के लिए रद्दी में फेंक देना।
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ध्यान रहे की सुब्बू जी ने काफी समय तक संत आशारामजी के उपर लगे झूठे आरोप के लिए प्रदर्शन कर रहे उनके सभी समर्थकों को शान्त किया था। और नाटकबाजी करते हुए आशारामजी का केस खुद ने ले लिया और अच्छे वकीलों को भगा दिया। फिर आशारामजी को मीडिया बदनाम करता ही रहा और इधर सुब्बुजी ने सोनिया गाँधी का नया केस अपने हाथो में ले लिया और आशाराम जी अभी तक जेल में ही फसे हैं जिन्होंने इसाई धर्मान्तरण को रोकने और मोदीजी को प्रधान मंत्री बनाने में बहुत योगदान दिया था। खैर अब सुब्रमण्यम स्वामीजी सोनिया गाँधी को ठण्डे बसते में डाल कर राष्ट्रगान पे वाहवाही बटोरने में लगे हैं जिसको राजीव दीक्षित जी ने कितने सालों से पहले ही एस्पोज किया था। ये देखें शहीद राजीव जी का पूरा विडियो >>>>>
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https://www.youtube.com/watch?v=TP6aM3WHJL0
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सबसे मजेदार बात ये है की सुब्बू जी लोगों को पिछले 40 सालों से ये धोका दे रहे हैं की देश के जज न्याय मूर्ति हैं और सुब्बुजी कभी भी न्यायालयों में भ्रष्टाचार और उसका पूर्ण समाधान कभी नहीं बताते हैं। सुब्बुजी ने कभी देश में जजों पे चुनाव की मांग नहीं करी , कभी ये नहीं कहा की जजों में भ्रष्टाचार हैं , उन्होंने तो जजों पे राईट टू रकोल के लिए सख्त मनाही करी है। और दिन रात माय लोर्ड आदरणीय न्याय मूर्ति और न्यायालयों पर पूरा भरोसा है पूरा यकीन है इसका झूट फैलाते रहते हैं।
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मैं निवेदन करूँगा की एक बार शहीद राजीव दीक्षित जी का विडियो जरुर सुने >>>>
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https://www.youtube.com/watch?v=TP6aM3WHJL0
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.जब स्वामी 1977-1980 और1990-1991 में मंत्री थे | संसद में विरोध किया उस कानूनी ड्राफ्ट का जिसमे जन गन मन में परिवर्तन करने का लिखा था |