Pawan Jury BhilwaraRj

राजस्थान के निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षको के लिए अच्छी खबर यह है कि वसुंधरा राजे ने निजी स्कूलों के वेतन को सरकारी स्कूलों के अध्यापको को मिल रहे वेतन के बराबर करने का प्रस्ताव किया है। लेकिन बुरी खबर यह है कि निजी स्कूलों के संचालक जैसा की दिखाते आये है कागजो में वेतन वृद्धि दिखा देंगे, लेकिन वास्तविक वेतन में वृद्धि आंशिक ही होगी। उससे भी बुरी खबर यह है कि इस क़ानून का हवाला देकर निजी स्कूल अभिभावकों से दुगनी फ़ीस वसूल कर सकेंगे। आम नागरिको के लिए सबसे बुरी खबर यह है कि उनके टैक्स से दिए जा रहे बजट में से एक बड़ा हिस्सा सरकार की तरफ से निजी स्कूल संचालको की जेब में चला जाएगा, क्योंकि मेडम ने निजी स्कूलों में अध्ययनरत वंचित छात्रों के लिए दिए जा रहे अनुदान की राशि को प्रति छात्र 2200 रू से बढ़ाकर 17500 करने का प्रस्ताव किया है। इस समय राजस्थान सरकार 7 लाख छात्रों के लिए निजी स्कूलों को 120 करोड़ रूपये का सालाना भुगतान कर रही है। साथ में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि किसी अध्यापक को नौकरी से निकाल दिया जाता है तो वह इसकी अपील ट्रिब्यूनल में नहीं कर सकेगा।
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http://timesofindia.indiatimes.com/city/jaipur/Pvt-school-teachers-in-Rajasthan-may-see-4-fold-pay-hike/articleshow/49801845.cms
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यदि क़ानून का कड़ाई से पालन किया जाता है तो सबसे ज्यादा मार छोटे स्कूलों पर पड़ेगी और वेतन वृद्धि के साथ ही फ़ीस में वृद्धि होने के कारण वे छात्रों को खोने लगेंगे और बड़े स्कूल उनके धंधे को हड़प लेंगे। बड़े स्कूलों को ढ़ेर से अनुदान मिले रहते है और उन्हें शिक्षा अधिकारियों से सांठगांठ करने में भी सुविधा है।
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मैडम को जानकारी है कि इस क़ानून के प्रभाव में धीरे धीरे कई छोटे स्कूल दम तोड़ देंगे, अत: उन्होंने प्रस्तावित क़ानून में यह नुक्ता भी जोड़ दिया है कि 'यदि कोई स्कूल बंद होता है तो उसकी सभी सम्पत्तियो को सरकार द्वारा अधिगृहीत कर लिया जाएगा। इस प्रस्तावित क़ानून के लिए मैडम ने नागरिको से सुझाव मांगे है।
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हमारा प्रस्ताव है कि इस पूरी कवायद को न करके राईट टू रिकॉल जिला शिक्षा अधिकारी के क़ानून को गैजेट में प्रकाशित किया जाना चाहिए। सिर्फ 16 धाराओं के इस कानून को गैजेट में प्रकाशित करने से प्रदेश के सरकारी स्कूलों का शैक्षिक स्तर निजी स्कूलों से भी बेहतर हो जाएगा और निजी स्कूलों को छात्र (ग्राहक) ढूंढें से भी नहीं मिलेंगे। सात्य प्रणाली के आने से अध्यापको को भी उनकी योग्यता के अनुसार ज्यादा पैसा कमाने का अवसर मिलेगा जिससे शिक्षक वर्ग को भी ज्यादा फायदा होगा।
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अपने विधायक को एसएमएस द्वारा यह आदेश भेजे कि राईट टू रिकॉल जिला शिक्षा अधिकारी के क़ानून को गैजेट में प्रकाशित किया जाए --- https://web.facebook.com/pawan.jury/posts/810067079111530
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'RRG'
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