Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate
Pawan Jury BhilwaraRj:
मोदी साहेब अमेरिका के कई उद्योगपतियों से मिले, किन्तु दो हस्तियाँ नदारद रही---- अमेजन तथा वालमार्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी। ऐसा क्यों ? अनुमान लगाइये।
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संकेत - देश में फ्री-बेसिक्स/इंटरनेटडॉट ओआरजी* लागू कराना फेसबुक का एजेंडा नहीं है, बल्कि उन कम्पनियो का है जिन्हे इससे भारी मुनाफ़ा होने वाला है।
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मेरा आकलन है कि, मोदी साहेब नहीं चाहते कि वे करोड़ो भारतीयों के सामने वालमार्ट और अमेजन का समर्थन करते नजर आये।
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वालमार्ट भारत में आ सकता है या नहीं भी आ सकता है, लेकिन अमेजन पहले से ही भारत में मौजूद है और फ्री-बेसिक्स/इंटरनेटडॉट ओआरजी का सबसे बड़ा मुनाफा अमेजन को ही होने वाला है। फेसबुक को भी लाभ होगा, किन्तु फेसबुक को यह लाभ मौद्रिक न होकर राजनैतिक मद में होगा। अत: फेसबुक के स्पोंसर्स (अमेरिका सरकार और सीआईए) अमेजन से भी ज्यादा लाभ की स्थिति में रहेंगे। लेकिन वित्तीय रूप से सबसे अधिक फायदा अमेजन को ही होगा।
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और जाहिर है मोदी साहेब नहीं चाहते कि यह जानकारी भारत की जनता को हो, अत: उन्होंने अमेजन के मुखिया से न मिलना ही बेहतर समझा।
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*फ्री-बेसिक्स/इंटरनेटडॉट ओआरजी का मतलब है कि ---- भारत में लगभग सभी को 2G, 3G का वायरलाइन कनेक्शन 'फ्री' दिया जाएगा, लेकिन इस कनेक्शन पर यूजर सिर्फ वही वेबसाईट देख सकेगा जिनका टेल्को कंपनी के साथ एग्रीमेंट है। मतलब जो कम्पनिया टेल्को या अन्य किसी टेलीकॉम कंपनी को पैसा दे रही है।
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इससे सब से ज्यादा विस्तार फेसबुक को मिलेगा, क्योंकि फेसबुक यूज़रबेस कंपनी है और भारत में उसका कोई प्रतिद्वंदी नहीं है। किन्तु फेसबुक को वित्तीय की जगह राजनैतिक फायदा अधिक होगा, जो कि भारी वित्तीय मुनाफा कमाने के मार्ग खोल देगा।
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जहां तक मौद्रिक लाभ कमाने की बात है, सबसे अधिक मुनाफा फ्लिपकार्ट और अमेजन कमाएगी। लेकिन जल्दी ही अमेरिकी कम्पनिया फ्लिपकार्ट को टेक लेगी अत: भारत के पूरे ई-रिटेल बाजार पर अमेरिकी कम्पनियो का एकाधिकार हो जाएगा।
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राहुल चिमन भाई मेहता