Pawan Jury BhilwaraRj
भारत में स्वदेशी हथियारों के उत्पादन के लिए प्रस्तावित क़ानून ड्राफ्ट
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भारत के नागरिको,
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अगर आप स्वदेशी हथियारों के निर्माण का समर्थन करते है, तो अपने सांसद को एस.एम.एस. द्वारा ये आदेश भेजे :
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माननीय सांसद मैं आपको आदेश करता हूँ कि, इस क़ानून को गैजेट में प्रकाशित किया जाए। मतदाता संख्या : ######
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प्रिय सांसद/विधायक,
अगर आपको एस.एम.एस. के द्वारा ये यू.आर.एल. मिला है तो उसे वोटर का आदेश माना जाये जिसने यह मैसेज भेजा है (न कि जिसने ये लेख लिखा है)
एस.एम.एस. भेजने वाला आपको लेख के `C` सैक्शन में कानून-ड्राफ्ट को अपने वेबसाईट, निजी बिल आदि द्वारा बढ़ावा करने और मांग करने के लिए आदेश दे रहा है
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======= ड्राफ्ट का प्रारम्भ=======
1. यह क़ानून सिर्फ 'सम्पूर्ण रूप से भारतीय नागरिको के स्वामित्व वाली कम्पनियों' (WOIC) पर लागू होगा ।
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2. शब्द 'रक्षा मंत्री' से आशय भारत सरकार के रक्षा मंत्री से या इस प्रकृति के कार्य को करने के लिए उनके द्वारा नियुक्त अधिकारी से है।
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3. [रक्षा मंत्री के लिए निर्देश]
रक्षा मंत्री या उसके द्वारा इस कार्य के लिए नियुक्त अधिकारी निम्नलिखित हथियारों की परिभाषाएं प्रकाशित करेगा -
(A) छोटी बंदूके।
(B) मध्यम आकार की बंदूके।
(C) बड़ी बंदूके।
(D) होवित्ज़र तथा होवित्ज़र किस्म के अन्य प्रकार।
(E) टेंक तथा टेंक के अन्य प्रकार।
(F) कारतूस, गोले तथा कारतूस व गोलों के अन्य प्रकार।
(G) प्रक्षेपास्त्र तथा प्रक्षेपास्त्र के अन्य प्रकार।
(H) लड़ाकू विमान तथा लड़ाकू विमानो के अन्य प्रकार।
(I) सेना द्वारा उपयोग किये जाने वाले अन्य उपकरण तथा उनके प्रकार।
(J) आणविक हथियार एवं उनके प्रकार।
(K) रासायनिक हथियार एवं उनके प्रकार।
(L) जैविक हथियार एवं उनके प्रकार।
(M) अन्य श्रेणी के हथियार एवं उनके प्रकार ।
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4. [रक्षा मंत्री के लिए निर्देश]
रक्षा मंत्री हथियारों की निम्नलिखित तीन श्रेणियां निर्धारित करके प्रकाशित करेंगे -
(A) श्रेणी प्रथम : हथियार जिनके लिए पंजीकरण करवाना आवश्यक नहीं है ।
(B) श्रेणी द्वितीय : ऐसे हथियार जिनके लिए पंजीकरण आवश्यक हो किन्तु लाइसेंस नहीं ।
(C) श्रेणी तृतीय : ऐसे हथियार जिनके लिए लाइसेंस आवश्यक हो।
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5. [रक्षा मंत्री के लिए निर्देश]
रक्षा मंत्री निम्नलिखित हथियारों को 'श्रेणी द्वितीय' = 'पंजीकरण आवश्यक परंतु लाइसेंस जरूरी नहीं' सूची के अंतर्गत रखेंगे :
(A) छोटी बंदूके
(B) मध्यम आकार की बंदूके
(C) बड़ी बंदूके
(D) अनुमति मिले होवित्ज़र एवं उनके प्रकार ।
(E) अनुमति मिले टेंक एवं उनके प्रकार ।
(F) अनुमति मिले प्रक्षेपास्त्र एवं उनके प्रकार ।
(G) अनुमति मिले कारतूस, गोले एवं उनके प्रकार ।
(H) अनुमति मिले लड़ाकू विमान एवं उनके प्रकार ।
(I) सेना द्वारा स्वीकृत और उपयोग में लाये जाने वाले अन्य श्रेणी के हथियार एवं उनके प्रकार ।
भारत सरकार इंसास राइफल, 303, 202, .22 रिवोल्वर और भारतीय पुलिस द्वारा प्रयोग की जाने वाली सभी बंदूकें, जो "इंसास से कम" के स्तर की है, उनके डिजाईन सार्वजनिक करेगी। कोई भी नागरिक इस डिजाईन से, बिना किसी लाइसंस के, केवल पंजीकरण करवाकर, बंदूक या बन्दुक के पुर्जे या बंदूक की गोलियाँ बनाने की फैक्ट्री शुरू कर सकता है। कोई भी नागरिक गोली-रोक (बुलेट-प्रूफ) जैकेट भी बना सकता है।
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6. [रक्षा मंत्री के लिए निर्देश]
रक्षा मंत्री निम्नलिखित हथियारों को 'श्रेणी तृतीय' = 'लाइसेंस जरूरी' की सूची के अंतर्गत रखेंगे :
(A) आणविक हथियार एवं उनके प्रकार ।
(B) जैविक हथियार एवं उनके प्रकार ।
(C) रासायनिक हथियार एवं उनके प्रकार ।
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7. [रक्षा मंत्री के लिए निर्देश]
रक्षा मंत्री उन हथियारों की एक सूची जारी करेंगे जिनके लिए पंजीकरण या लाइसेंस की आवश्यकता न हो।
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8. [रक्षा मंत्री के लिए निर्देश]
जिन हथियारों के लिए सिर्फ पंजीकरण अनिवार्य है, ऐसे हथियारों के उत्पादन के लिए रक्षा मंत्री 'भारतीय नागरिकों के सम्पूर्ण स्वामित्व वाली कम्पनियों (WOIC)' के लिए आवश्यक निर्देश जारी करेंगे। रक्षा मंत्री सुनिश्चित करेंगे कि इन कम्पनियों द्वारा कौनसी जानकारीयां सार्वजनिक की जायेगी तथा कौनसी जानकारियाँ रक्षा मंत्रालय के पास गुप्त रहेंगीं। रक्षा मंत्री यह भी निर्देशित करेंगे कि कौनसी जानकारियाँ इन कम्पनियों को प्रकाशित करनी होंगी तथा कौनसी जानकारियाँ कम्पनियां स्वयं के पास गुप्त रख सकेंगी।
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9. [सभी के लिए]
जो कम्पनियां भारतीय नागरिकों के पूर्ण स्वामित्व वाली नहीं है, ऐसी कम्पनियों को तीनों श्रेणियों तथा अन्य किसी भी श्रेणी के हथियारों के उत्पादन हेतु पंजीकरण तथा लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
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10. [रक्षा मंत्री के लिए निर्देश]
ऐसी कम्पनियाँ जो भारतीय नागरिकों के पूर्ण स्वामित्व वाली नहीं हैं, उनके द्वारा हथियार उत्पादन को नियंत्रण करने के लिए रक्षा मंत्री आवश्यक गैजेट अधिसूचना प्रकाशित करवाएंगे।
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11. [रक्षा मंत्री के लिए निर्देश]
हथियार उत्पादन कर रही सभी प्रकार की कम्पनियों पर पंजीकरण और लाइसेंस दिशा-निदेशों को लागू करवाने के लिए रक्षा मंत्री अफसरों को नियुक्त करेंगे।
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12. [सभी के लिए]
हथियारों का उत्पादन कर रही कंपनियों के बीच कोई विवाद हो या कोई नागरिक या सरकारी अफसर को ये लगता है कि किसी फैक्ट्री का मालिक किसी कानून को तोड़ रहा है, तो कोर्ट मामले का निपटारा जज द्वारा नहीं, बल्कि जिले के मतदाताओं की जूरी द्वारा होगा। ज्यूरी सदस्यों का चयन जिले की वोटर लिस्ट में से 30 और 55 के आयुवर्ग में से किया जाएगा। मामले की अपील राज्य जूरी और राष्ट्रिय जूरी में की जा सकती है।
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13. [जिला कलेक्टर]
यदि कोई नागरिक मतदाता इस कानून में किसी परिवर्तन का प्रस्ताव करता है तो वह नागरिक जिला कलेक्टर अथवा उसके क्लर्क से परिवर्तन की मांग करते हुए एक एफिडेविट जमा करवा सकता है। जिला कलेक्टर अथवा उसका क्लर्क 20 रूपए प्रति पृष्ठ का शुल्क लेकर इस एफिडेविट को नागरिक के वोटर आई.डी. नंबर के साथ प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर स्कैन करके डाल देगा ताकि कोई भी उस एफिडेविट को बिना लॉग-इन के पढ़ सके।
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14. [तलाटी अर्थात पटवारी अथवा लेखपाल]
यदि कोई नागरिक इस कानून या इस कानून की किसी धारा पर अपना विरोध दर्ज कराना चाहता है, अथवा उपरोक्त धारा के अनुसार दिए गए ऐफिडेविट पर अपना समर्थन अथवा विरोध दर्ज कराना चाहता है तो वह पटवारी के कार्यालय में 3 रूपए का शुल्क जमा करके अपना हां/नहीं दर्ज करवा सकता है। पटवारी हां/नहीं को दर्ज करेगा और नागरिकों के हां/नहीं को प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर डाल देगा।
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====== ड्राफ्ट की समाप्ति======