Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate

Pawan Jury BhilwaraRj:

राईट टू रिकॉल जिला शिक्षा अधिकारी के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट
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भारत के नागरिको,
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अगर आप चाहते है कि नागरिकों के पास ऐसी प्रक्रिया हो कि वे जिला शिक्षा अधिकारी को किसी भी दिन बदल सकें तो अपने विधायक को एस.एम.एस. द्वारा ये आदेश भेजे :
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माननीय सांसद मैं आपको आदेश करता हूँ कि, इस क़ानून को गैजेट में प्रकाशित किया जाए। मतदाता संख्या : ######
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माननीय सांसद/विधायक,
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अगर आपको एस.एम.एस. के द्वारा ये यू.आर.एल मिला है तो इसे वोटर का आदेश माना जाये जिसने यह मैसेज भेजा है, न कि जिसने ये लेख लिखा है।
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राईट टू रिकॉल जिला शिक्षा अधिकारी के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट :
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========== ड्राफ्ट का प्रारम्भ=======

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सैक्शन 1 : राइट-टू-रिकॉल-शिक्षा अधिकारी
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1.1. माता/पिता शब्द का अर्थ होगा – 0 से 18 आयुवर्ग के बच्चो के लिए उसका पिता अथवा उसकी माता, जो उस जिले का दर्ज मतदाता भी हो। जब तक माता-पिता की सूची नहीं बनती, हर पंजीकृत मतदाता जो 23 और 45 वर्ष के बीच में है, उसे इस राजपत्र अधिसूचना के लिए माता-पिता माना जायेगा।
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जिला कलेक्टर शब्द का अर्थ होगा – इस सरकारी आदेश का पालन करने के लिए जिला कलेक्टर अथवा उसके द्वारा रखा गया/नियुक्त कोई अधिकारी।
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जिला शिक्षा अधिकारी का मतलब उस पूरे जिले के शिक्षा सम्बन्धी निर्णय करने वाला और शिक्षा सम्बन्धी अच्छी व्यवस्था बनाए रखने वाला।
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1.2. [जिला कलेक्टर के लिए निर्देश]
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यदि भारत का कोई नागरिक जिला शिक्षा अधिकारी बनना चाहता है, और वह जिला कलेक्टर के पास स्वयं उपस्थित होकर या किसी वकील के माध्यम से इस सम्बन्ध में कोई ऐफिडेविट प्रस्तुत करता है तो जिला कलक्टर, सांसद के चुनाव में जमा की जाने वाली राशि के बराबर शुल्क लेकर 'जिला शिक्षा अधिकारी' पद के लिए उसका आवेदन-पत्र स्वीकार कर लेगा।
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1.3. [पटवारी/तलाटी के लिए निर्देश]
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यदि कोई व्यक्ति पटवारी कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर 3 रूपए का शुल्क जमा करवा कर अधिक से अधिक 5 व्यक्तियों को जिला शिक्षा अधिकारी पद के लिए अनुमोदित करता है तो, तलाटी उसके अनुमोदनों को कम्प्यूटर में दर्ज कर लेगा और उसे एक रसीद देगा, जिसमें उसकी मतदान पहचान-पत्र संख्या, तारीख, दिन और उसके द्वारा अनुमोदित किए गए व्यक्तियों के नाम होंगे।
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1.4. [पटवारी के लिए निर्देश]
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पटवारी माता/पिता के अनुमोदन को अनुमोदित व्यक्ति के नाम तथा अनुमोदक के मतदाता पहचान-पत्र और नाम के साथ जिले की वेबसाईट पर रखेगा।
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1.5. [पटवारी के लिए निर्देश]
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यदि कोई नागरिक मतदाता अपना अनुमोदन रद्द करवाने के लिए आता है तो पटवारी एक या अधिक नामों को बिना कोई शुल्क लिए रद्द कर देगा।
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1.6. [जिला कलेक्टर के लिए निर्देश]
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प्रत्येक महीने की 5 तारीख को कलेक्टर या उसके द्वारा नियुक्त किया गया अधिकारी पिछले महीने के अंतिम दिन तक प्रत्येक उम्मीदवार को प्राप्त अनुमोदनों की गिनती प्रकाशित करेगा।
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1.7. [मुख्यमंत्री के लिए निर्देश]
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यदि कोई उम्मीदवार किसी जिले में सभी माता-पिता (सभी, न कि केवल उनका जिन्होंने अपना अनुमोदन दर्ज करवाया है) के 35 प्रतिशत से अधिक माता-पिता का अनुमोदन प्राप्त कर लेता है, और वो प्राप्त अनुमोदन वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी के अनुमोदनों से 5% अधिक है, तो मुख्यमंत्री उसे 'जिला शिक्षा अधिकारी' की नौकरी दे सकता है।
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1.8. [मुख्यमंत्री, जिला शिक्षा अधिकारी के लिए निर्देश]
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कोई भी व्यक्ति माता-पिता का अनुमोदन प्राप्त करके जिला शिक्षा अधिकारी बन सकता है। वह एक से अधिक जिलो का भी जिला शिक्षा अधिकारी बन सकता है। वह किसी राज्य में अधिक से अधिक 5 जिलों का, और भारत भर में अधिक से अधिक 20 जिलों का जिला शिक्षा अधिकारी बन सकता है। कोई व्यक्ति अपने जीवन काल में किसी जिले का जिला शिक्षा अधिकारी 8 वर्षों से अधिक समय के लिए नहीं रह सकता है। यदि वह एक से अधिक जिले का जिला शिक्षा अधिकारी है तो उसे उन सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी के पद का वेतन, भत्ता, बोनस आदि मिलेगा।
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1.9. [मुख्यमंत्री के लिए निर्देश]
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जब तक किसी जिला शिक्षा अधिकारी को 34 प्रतिशत से अधिक माता-पिता का अनुमोदन प्राप्त है तब तक मुख्यमंत्री को उसे बदलने की जरूरत नहीं है। लेकिन यदि किसी जिला शिक्षा अधिकारी का अनुमोदन 34 प्रतिशत से नीचे चला जाता है तो मुख्यमंत्री उसे हटाकर अपनी पसंद के किसी अधिकारी को जिला शिक्षा अधिकारी बना सकते है।
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सैक्शन 2 : जिला शिक्षा अधिकारी के कार्य
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2.1. [जिला शिक्षा अधिकारी के लिए निर्देश]
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जिला शिक्षा अधिकारी वर्तमान और बाद के संशोधित कानूनों के अनुसार कक्षा 1 से कक्षा 12 वीं वाले विद्यालयों और जिले के परीक्षा केन्द्रों का प्रशासन संभालेगा। जिला शिक्षा अधिकारी शैक्षिक गतिविधियों के विधिवत संचालन के लिए नागरिकों, सांसदों, विधायकों और जिला पंचायत सदस्यों द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और जिला पंचायत प्रमुख से धन प्राप्त करेगा।
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2.2 [जिला शिक्षा अधिकारी के लिए निर्देश]
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जिला शिक्षा अधिकारी निम्नलिखित विषयों की शिक्षा का प्रशासन कार्य देखेगा -- गणित, विज्ञान, भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान, अंग्रेजी, हिन्दी, स्थानीय भाषा, सेना का इतिहास, कानून एवं प्रशासनिक ढ़ांचा, कानून का इतिहास एवं प्रशासनिक ढ़ांचा, सैन्य प्रशिक्षण और हथियार चलाने की शिक्षा। वह सांसदों, विधायकों आदि द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार शिक्षा देगा।
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2.3. [जिला शिक्षा अधिकारी के लिए निर्देश]
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जिला शिक्षा अधिकारी संस्कृत और सामाजिक विज्ञान की शिक्षा जारी रखेगा। लेकिन यदि 51 प्रतिशत से अधिक मतदाता इस पाठ्यक्रम को जारी न रखने की मांग करते है तो जिला शिक्षा अधिकारी उसे अनिवार्य पाठ्यक्रम से हटा सकता है।
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2.4. [जिला शिक्षा अधिकारी के लिए निर्देश]
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जिला शिक्षा अधिकारी किसी भी नागरिक को 100 रूपए का शुल्क लेकर “रजिस्टर्ड निजी शिक्षक” बनने की अनुमति दे सकता है।
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2.5. [जिला शिक्षा अधिकारी के लिए निर्देश]
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जिला शिक्षा अधिकारी किसी भी माता-पिता को पटवारी के कार्यालय में जाकर नए शिक्षक का नाम दर्ज करने पर उन्हें अपने बच्चे के शिक्षक को बदलने की अनुमति दे सकता है।
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2.6. [जिला शिक्षा अधिकारी के लिए निर्देश]
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जिला शिक्षा अधिकारी कक्षा 1 से कक्षा 12 तक के छात्रों के लिए प्रत्येक माह गणित में 1-4 परीक्षा आयोजित करवा सकता है। इसके अलावा वह विज्ञान, कानून और अन्य विषयों में परीक्षाएं करवाएगा। ये परीक्षाएं कम्यूटरीकृत परीक्षाएं हो सकती है। प्रत्येक वर्ष/प्रत्येक तिमाही के लिए उन प्रश्नों की सूची, जो परीक्षा में आ सकते है , में 10,000 से लेकर 100,000 प्रश्न होंगे, और इन्हें परीक्षा पूर्व प्रकाशित किया जाएगा। परीक्षाओं में इस सूची में से 30-100 प्रश्न हो सकते है।
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2.7. [जिला शिक्षा अधिकारी के लिए निर्देश]
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जिला शिक्षा अधिकारी उपलब्ध धनराशि में से छात्र और उसके शिक्षक को परीक्षा में किए गए प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कार दे सकते है। शिक्षक को इन भुगतानों के अलावा सरकार से कोई और वेतन नहीं मिलेगा।
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सैक्शन 3 : जनता की आवाज
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3.1. [जिला कलेक्टर के लिए निर्देश]
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यदि कोई भी नागरिक इस कानून में परिवर्तन चाहता है तो वह जिला कलेक्टर कार्यालय में जाकर एक ऐफिडेविट प्रस्तुत कर सकता है, और जिला कलेक्टर या उसका क्लर्क इस ऐफिडेविट को 20 रूपए प्रति पृष्ठ का शुल्क लेकर नागरिक के वोटर आई.डी. नम्बर के साथ प्रधानमंत्री की वेबसाईट पर स्कैन करके डाल देगा, ताकि कोई भी व्यक्ति उस एफिडेविट को बिना लॉग-इन के देख सके।
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3.2. [तलाटी/पटवारी के लिए निर्देश]
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यदि कोई गरीब मतदाता, दलित मतदाता, महिला मतदाता, वरिष्ठ नागरिक मतदाता या कोई भी अन्य नागरिक मतदाता इस कानून अथवा इसकी किसी धारा पर अपनी आपत्ति दर्ज कराना चाहता हो अथवा उपर के खण्ड में प्रस्तुत किसी भी शपथपत्र पर हां/नहीं दर्ज कराना चाहता हो तो वह अपना मतदाता पहचान पत्र लेकर तलाटी के कार्यालय में जाकर 3 रूपए का शुल्क जमा कराएगा। तलाटी हां/नहीं दर्ज कर लेगा और उसे इसकी रसीद देगा। इस हां/नहीं को नागरिक के वोटर आई.डी. नंबर के साथ प्रधानमंत्री की वेबसाईट पर डाल दिया जाएगा।
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3.3. [सभी के लिए के लिए निर्देश]
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यह प्रक्रिया कोई रेफेरेनडम (जनमत-संग्रह) नहीं है। नागरिको द्वारा दर्ज की गयी हाँ या ना अधिकारीयों , मंत्रीयों, जजो, सांसदो, विधायको, आदि पर अनिवार्य रूप से बाध्य नहीं है। लेकिन यदि भारत के 40 करोड़ नागरिक मतदाता, किसी शपथपत्र पर हाँ दर्ज कर देते है, तो प्रधानमंत्री उस शपथपत्र पर कार्यवाही कर भी सकते है या ऐसा करना उनके लिए जरूरी नहीं है, या प्रधानमंत्री इस्तीफा दे सकते है या उन्हें ऐसा करने की जरूरत नही है। प्रधानमन्त्री का निर्णय अंतिम होगा।
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=====ड्राफ्ट की समाप्ति=====
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