Pawan Jury BhilwaraRj

Ashok Jain VotevapsiCm:

संघ कार्यकर्ता विचार v/s चुनाव
जब नगर परिषद चुनाव के लिये आवेदन कर रहा था तो संघ विचारों का सत्यापन हुआ |
मेरा बहुत बड़ा सर्कल संघ मित्रों का हैं | मुझे किसी ने कहा संघ व्यक्तियों को राजनिति से परहेज करवाता है उसकी ब्रॉच बीजेपी के बाहर सोचना ही नहीं |
जब कलेक्टर कार्यालय में पार्षद चुनाव का आवेदन के लिये पूछताछ कर रहा था | वरिष्ठ संघ कार्यकर्ता ने
मुझसे कहा. " क्या चुनाव का फालतू काम कर रहे हो | यह अपना काम थोड़े है | राजनिति कीचड़ है | स्वंमसेवक को तो राष्ट्र की सेवा करनी है | " फिर मेरे वकील मित्र जो कि संघ के ही वरिष्ठ कार्यकर्ता है उनको यह बात बतायी | तो वकिल सा. का कहना था कि "संघ वाले यही चाहेगें कि उनका कार्यकर्ता हमेशा संघ का ही काम करे राजनैतिक जागरुक न बने |"
मेरी बात पर यदि किसी को विश्वास न हो तो स्वंमसेवक अपने वरिष्ठ कार्यकर्ता के सामने मांग रखे ति मुझे चुनाव लड़ना हैं...... कोई सा भी चुनाव हो |
संध ने मुझे 25 साल तक राजनिति का "र" व कानून का "क" नहीं बताया | मेरी सोच को हिन्दू, गाय, शाखा, आदेश, शंख, आणक तक बांध दिया |~मेरे आवेदन निरस्त का एक कारण यह भी हो सकता है |
.