Pawan Jury BhilwaraRj

पूर्वोत्तर और कश्मीर के बाद अब पाकिस्तान और चीन ने भारत के खिलाफ पंजाब में तीसरा मोर्चा खोलने का प्रयास शुरू कर दिया है।
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ज्ञातव्य है कि आतंकवादियों के पास से जो हथियार बरामद हुए है, वे मेड इन चाइना है।
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इस संभावना से इनकार नही किया जा सकता कि यह हमला बीजेपी के कमअक्ल मंत्रियो द्वारा पाकिस्तान को उकसाने का परिणाम है।
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बर्मा की सहमती से बर्मा की सीमा में घुसकर की गयी सैन्य कार्यवाही के बाद कुछ उत्साही मंत्रियो ने पाकिस्तान को चिढ़ाते हुए ऐसे बयान दिए थे, जिनका मजमून यह था कि, यह पाकिस्तान के लिए चेतावनी है कि वह संभल जाए, वरना हम ऐसी कार्यवाही उनके इलाके में भी घुसकर कर सकते है।
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नेताभक्तो के अलावा हर कोई संजीदा व्यक्ति इस बात को समझता है कि पाकिस्तान बर्मा नही है, अत: पाकिस्तान की फ़ौज को 'मुंहतोड़ जवाब' सिर्फ केमरो पर ही दिया जा सकता है, सीमा पर नही।
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हालांकि 24 घंटे में ही बीजेपी के प्रवक्ताओ को डेमेज कंट्रोल के आदेश मिल चुके थे, और वे सभी टीवी चेनल्स पर यह चिरौरी करते नज़र आये कि, इस घटना को पाक से जोड़ कर नही देखा जाना चाहिए। लेकिन तब तक नुक्सान हो चुका था।
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हमारे नेताओं को उतना ही कपडा नापना चाहिए, जितना कि वे फाड़ सके।
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जूरी सिस्टम और राईट टू रिकाल शिक्षा अधिकारी कानूनों बिना हमसे स्वदेशी हथियार बनने वाले नही, स्वदेशी हथियारों बिना सेना आत्मनिर्भर और मजबूत होने वाली नही। और जब तक हमारी सेना चीन+पाक+अमेरिका से ज्यादा मजबूत न हो जाए आतंकवाद रोकने के लिए खुदरा बयान देने के सिवा कोई और चारा नही है।
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चूंकि सोनिया-मोदी-केजरीवाल और उनके अंधभगत सम्मिलित रूप से स्वदेशी हथियारों के उत्पादन को रोकने के लिए जूरी सिस्टम और राईट टू रिकाल कानूनों का विरोध कर रहे है, अत: जब तक इनकी चलेगी, आतंकवाद जारी रहेगा। ये लोग सेना पर ध्यान देने की जगह पाकिस्तान को शोसल मिडिया पर गालियाँ देकर खुश है।
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उपाय यह है कि नागरिक अपने सांसद को SMS द्वारा आदेश भेजे कि, जूरी सिस्टम और राईट टू रिकाल शिक्षा अधिकारी के कानूनों को गेजेट में प्रकाशित किया जाए।
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