Pawan Jury BhilwaraRj

मेडिकल कोलिजो में धनिको को दिए जाने वाला आरक्षण, जिनमें मेनेजमेंट कोटा NRI कोटा एवं स्व वित्त पोषित सीटों को शामिल किया जाता है, जाति आधारित आरक्षण से कई गुना ज्यादा खतरनाक है।
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लेकिन योग्य व्यक्तियों को वंचित करने वाले जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ दिन रात मुहीम चलाने वाले लाखों कार्यकर्ता धनिको को दिए जाने वाले इस आरक्षण का समर्थन करते है, जबकि धनिको को दिए जाने वाला आरक्षण योग्य प्रतिभागियों को ज्यादा नुक्सान पहुंचा रहा है। इन कार्यकर्ताओं ने धन आधारित इस आरक्षण को ख़त्म करने की न तो कभी कोई मांग कि न ही कभी कोई कानूनी ड्राफ्ट दिया। ये तमाम कार्यकर्ता खुले तौर पर धन आधारित आरक्षण व्यवस्था का समर्थन करते है क्योंकि इनके नेता सोनिया-मोदी-केजरीवाल आदि का मानना है कि यदि किसी के पास पर्याप्त पैसा है तो उसे गले में आला लटकाने का पूरा हक है।
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हमने जाति आधारित आरक्षण को कम करने के लिए निम्नलिखित कानूनी ड्राफ्ट प्रस्तावित किये है :

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उपरोक्त कानूनी ड्राफ्ट्स को गेजेट में प्रकाशित करने से दलितों की सहमती से आरक्षण काफी हद तक कम किया जा सकता है । हम जाति आधारित आरक्षण को पूर्णतया ख़त्म करने के खिलाफ है, अत: हमने इसे कम करने के ड्राफ्ट प्रस्तावित किये है।
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लेकिन हम मेनेजमेंट और NRI कोटे को, तथा मेडिकल में स्व वित्त पोषित सीटों को पूरी तरह से समाप्त करने का समर्थन करते है। यद्यपि कुछ अन्य क्षेत्रो में स्व वित्त पोषित सीटों की व्यवस्था को जारी रखा जा सकता है।
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सोनिया-मोदी-केजरीवाल और इनके अंध-भगत मेडिकल शिक्षा में स्व वित्त पोषित सीटों का समर्थन करते है। ये ऐसा क्यों करते है, ये आप इन्ही से पूछे। और यदि आपको भी लगता है कि जिसके पास पैसा हो उसे आपके पेट में चीरा लगाने के लिए कैंची और उस्तरे पकड़ा देने चाहिए, तो आप भी धन आधारित आरक्षण का समर्थन करे।
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इतना ही नही पूरे देश में जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ ड्राफ्ट विहीन* विरोध जताने वाले वरिष्ठ कार्यकर्ता भी धन आधारित आरक्षण का खुले में समर्थन करते है।

*ड्राफ्ट विहीन विरोध---मतलब विरोध करने और माहौल बनाने के लिए विरोध करना। क्योंकि समाधान सिर्फ क़ानून से ही सम्भव है अत: ये लोग समाधान का ड्राफ्ट कभी नही देते, बस विरोध के नारे आदि लगाकर अपना यह भभका बनाए रखते है, कि वे बड़े जोरो से आरक्षण को ख़त्म करने के लिए काम कर रहे है। इससे जूनियर और अल्पग्य कार्यकर्ता इनके चकमे में आकर इनसे चिपके रहते है।
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इसलिए जाति तथा धन आधारित जूनियर कार्यकर्ताओं को यह बात समझनी चाहिए कि यदि वे ड्राफ्ट विहीन जाति आधारित आरक्षण के खिलाफ कार्य करने वाले वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का समर्थन करते है तो :

A) वे ऐसे व्यक्ति का समर्थन कर रहे है जो धन आधारित आरक्षण का समर्थन करता है।
B) ऐसे व्यक्ति का समर्थन कर रहे है जो जाति आधारित आरक्षण के समाधान पर नही बल्कि समस्या उभाड़कर माहौल खड़ा करने के लिए कार्य कर रहा है।
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