Pawan Jury BhilwaraRj

अमेरिका ने भारत की सेना को म्यांमार की सीमा में घुसकर हमला करने की अनुमति क्यों दी ?
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2010 में म्यांमार में अमेरिका प्रायोजित लोकतंत्र की स्थापना के साथ ही चीन के पाँव म्यांमार से उखड़ने लगे है । 2011 में अमेरिका ने म्यांमार में चीन के 6 हजार मेगावाट के हाइड्रो इलेक्ट्रिक पॉवर प्लांट को केंसिल करवा दिया, तथा अब निशाने पर म्यांमार में चीन द्वारा निर्माणधीन तेल/गैस पाइप लाइन है, जो कि चीन को ऊर्जा की आपूर्ति करेगी ।
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दरअसल सारा संघर्ष चीन और अमेरिका के बीच है, जिसमे भारत तात्कालिक लाभ उठा रहा है, लेकिन यह लाभ निरापद नहीं है ।
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चीन का म्यांमार में ऊर्जा के क्षेत्र में भारी निवेश है, तथा चीन पूर्वोत्तर भारत में अलगाववादी आतंकियों को मदद देने के लिए म्यांमार की जमीन का इस्तेमाल करता है । चीन के सहयोग से ही म्यांमार में आतंकी केम्प संचालित है । ये आतंकी भारत में पूर्वोत्तर में घुसपेठ करते है और आतंक मचा कर फिर से म्यांमार में चले जाते है । यही आतंकी समूह म्यांमार में भी उत्पात मचाते है, जिससे म्यांमार के कई क्षेत्र अशांत बने हुए है ।
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चूंकि अब अमेरिका ने म्यांमार पर लगाए आर्थिक प्रतिबन्ध हटा लिए है अत: अमेरिका को म्यांमार में निवेश करने के लिए चीन के नियंत्रण को ख़त्म करना आवश्यक है । ज्ञातव्य है कि म्यांमार ने हाल ही में चीन से आतंकवादी समूहों को मदद करने का आरोप लगाया था, जिसे चीन ने खारिज कर दिया ।
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इस परिस्थिति में चीन द्वारा संचालित यह आतंकवादी कैम्प भारत, म्यामार और अमेरिका के साझे दुश्मन बनकर उभरते है । किन्तु न तो म्यामार की न ही भारत की सेना इतनी मजबूत है कि वे चीन द्वारा पोषित संगठनो के खिलाफ कारवाई का एस दुस्साहस कर सके । लेकिन अब अमेरिका के हित जुड़ने से परिस्थिति बदल गयी है ।
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घटनाक्रम यह रहा कि अमेरिका ने भारत को म्यांमार की सीमा में घुसकर आतंकी कैम्प्स को नष्ट करने के लिए कहा, और भारत की सेना ने म्यांमार की सीमा में घुसकर आतंकी केम्प नष्ट कर दिए । इससे जहाँ एक और चीन के पाँव म्यामार से उखड़ने से अमेरिका को तेल के कुँए हड़प कर म्यामार पर नियंत्रण बनाने में सुभीता हुआ है, वहीँ उसके दोनों कठपुतली देशो म्यांमार और भारत को भी राहत मिली है ।
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इस लिहाज से भारत को म्यांमार की सीमा में और भी अन्दर घुसकर अन्य केम्प्स को भी नष्ट करने की अनुमति मिल सकती है ।
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यदि आप यह उम्मीद कर रहे है कि भारत ऐसा काण्ड पाकिस्तान की सीमा में घुसकर भी कर सकता है, तो ठन्डे पानी से मुंह धो लीजिये, क्योंकि पाकिस्तान में संचालित केम्प्स अमेरिका की सहमती से पाकिस्तान ही संचालित करता है । अत: फिलहाल अमेरिका भारत को ऐसी कोई अनुमति नही देने वाला । और बिना अनुमति के ऐसी हिम्मत दिखाने के लिए सेना के हाथ में स्वदेश निर्मित हथियार होने आवश्यक है न कि आयातित ।
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*ताकि सनद रहे : 2006 में मनमोहन भी म्यांमार की अनुमति से म्यांमार की सीमा में घुसकर आतंकी समूहों को नष्ट करने का साझा कार्यवाही कर चुके है, किन्तु उनके सीने का माप 56 इंच से कम होने के कारण पेड मिडिया इस खबर को नहीं दिखा रहा है ।
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