Pawan Jury BhilwaraRj

जूरी सिस्टम तथा राईट टू रिकाल क़ानून ड्राफ्ट्स के बारे में इंटरनेट पर सूचनाएं देने के लिए 'परस्पर संवाद स्तम्भ'/'two person conversation thread' का ब्यौरा ।
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मेरा सुझाव है कि नीचे दिए गए तरीके से जूरी सिस्टम/राईट टू रिकाल कानूनों तथा अन्य मुद्दों के बारे सूचनाएं साझा की जानी चाहिए ।
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(1) किसी समस्या के प्रस्तावित समाधान या तात्कालिक मुद्दे के बारे में विस्तृत लेख लिखे ।
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(2) दो व्यक्तियों के बीच परस्पर वार्ता के लिए 'परस्पर संवाद स्तम्भ' बनाइये ।
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(3) इस संवाद स्तम्भ पर सिर्फ आप और दूसरा व्यक्ति (मान लीजिये 'ब') जो कि जूरी सिस्टम/राईट टू रिकाल के बारे में वार्ता करना चाहता है, आपस में बात करेंगे ।
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(4) यदि कोई तीसरा व्यक्ति 'स' इस स्तम्भ पर टिपण्णी/प्रश्न रखता है, तो 'स' के लिए अलग से संवाद स्तम्भ बनाइये । यदि 'स' 'ब' से भी बात करना चाहता है तो 'स' से कहिये कि वह 'ब' से बात करने के लिए अलग से संवाद स्तम्भ बनाए ।
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(5) यदि कोई कार्यकर्ता आपके आलेख या ड्राफ्ट पर विस्तृत टिप्पणी/प्रश्न रखता है, तो अमुक व्यक्ति के लिए अलग से 'संवाद स्तम्भ' बनाए, तथा उसे तय करने देवें कि वह आलेख पर टिप्पणी रखता है या 'परस्पर संवाद स्तम्भ पर'।
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(6) किन्तु यदि उसके प्रश्न/टिप्पणियाँ लेख में प्रस्तुत ड्राफ्ट/विषय से सम्बंधित नहीं है, तो उसे अपने प्रश्न/टिप्पणियाँ 'परस्पर संवाद स्तम्भ' पर रखने को कहे ।
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(7) 'परस्पर संवाद स्तम्भो' के लिंक्स को संग्रहित रखने के लिए उनकी सूची बनाकर 'नोट्स' सेक्शन में रखे ।
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(8) यदि आप किसी 'संवाद स्तम्भ' को खो देते है तो इसे आप एक्टिविटी लॉग/नोट्स सेक्शन में खोज सकते है ।
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(9) अत: जब आप कोई 'परस्पर संवाद स्तम्भ' प्रारम्भ करें तब उसे नोट्स सेक्शन में 'संवाद स्तम्भ' शीर्षक से दर्ज कर ले ।
इस प्रविष्टि में ये तीनों सूचनाएं दर्ज करें --1) व्यक्ति का नाम जिससे सम्वाद के लिए स्तम्भ बनाया गया है, 2) उसकी प्रोफाइल का लिंक, 3) अमुक 'परस्पर संवाद स्तम्भ' का लिंक ।
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इस प्रक्रिया के तहत वार्तालाप के कई लाभ है ।

(1) दोनों व्यक्तियों को यह अहसास रहता है कि वे एक दूसरे से बात कर रहे है, न कि पूरी दुनिया से ।
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(2) अत: दोनों में से कोई भी जगत को संबोधित करते हुए कोई टिपण्णी नहीं करेगा तथा की गयी टिप्पणीयां स्वत: ही सम्बंधित विषय या ड्राफ्ट तक सिमित रहेगी ।
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(3) बाद में आप इस टिप्पणियों को कॉपी पेस्ट करके नोट्स सेक्शन में संग्रहित कर सकते है ताकि अन्य कार्यकर्ता भी इन्हें पढ़ कर जानकारी ले सके ।
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