Pawan Jury BhilwaraRj

चिंटू : मास्टर जी, सरकार अपने खर्चे के लिए पैसा कहाँ से लाती है ?

मास्टर जी : सरकार टेक्स से पैसा जुटाती है ।
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चिंटू : क्या खनन से प्राप्त रोयल्टी भी टेक्स है ?

मास्टर जी : नहीं यह राष्ट्र की संपत्ति है, टेक्स नहीं । सरकारों को अपने खर्चे टेक्स वसूल करके ही जुटाने चाहिए, संपत्ति बेच कर नहीं ।
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चिंटू : लेकिन राष्ट्र की संपत्ति भी तो सरकार की संपत्ति ही है ।

मास्टर जी : ऐसा नही है । सरकार एक व्यवस्था है जिसे राष्ट्र चलाने की ज़िम्मेदारी दी जाती है । राष्ट्र करोड़ो नागरिको की मिलकियत है, अत: इस रोयल्टी पर नागरिको का हक है ।
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चिंटू : मास्टर जी, खनन क्षेत्र में इतना भ्रष्टाचार क्यों सुनने में आता है ?

मास्टर जी : क्योंकि इस विपुल सम्पदा का कोई मालिक नही । नागरिको को यह जानकारी ही नही है, कि खनिज और प्राकृतिक संसाधन उनकी संपत्ति है, अत: नेता, नौकरशाह और धनिक इफरात से बिखरी पड़ी इस संपदा को औने पौने दामो में निकाल कर आपस में बाँट लेते है, और अवाम इस फ़िक्र में मुब्तिला रहती है कि प्रधानमन्त्री जी का बंद गले का सूट कितनी राशि में नीलाम हुआ ।
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चिंटू : इसे रोकने का उपाय क्या है ?

मास्टर जी : हमें ऐसे क़ानून की जरुरत है, जिसके अनुसार खनिजो और प्राकृतिक संसाधनों से प्राप्त रोयल्टी सीधे नागरिको के खाते में जमा की जाए ।
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चिंटू : ऐसा होने से क्या लाभ होंगे ।

मास्टर जी : जब रोयल्टी सीधे नागरिको के खाते में जमा होने लगेगी तो हर नागरिक को लगभग 400-500 रू प्रतिमाह मिलने लगेंगे, जिससे गरीबी दूर होगी, नागरिक नीलामी की प्रक्रिया में रुचि लेंगे जिससे पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार कम होगा।
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चिंटू : क्या इस व्यवस्था को लागू करने का कोई कानूनी ड्राफ्ट उपलब्ध है ?

मास्टर जी : हाँ, राईट टू रिकाल ग्रुप ने 'डीडी एमआर सीएम' नाम का क़ानून प्रस्तावित किया है, जो कि दिए गए लिंक पर उपलब्ध है :
tinyurl .com/NagrikAamdani
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चिंटू : कैसे भारत में यह क़ानून लागू हो सकता है ?

मास्टर जी : चिंटू, यदि करोड़ो नागरिक अपने क्षेत्र के सांसद को SMS भेज कर टी सी पी के ड्राफ्ट को गेजेट में प्रकाशित करने की मांग करे, तो प्रधानमन्त्री टी सी पी क़ानून को गेजेट में प्रकाशित कर देंगे । टी सी पी क़ानून आने पर DDMRCAM के क़ानून को प्रधानमन्त्री की वेबसाईट पर दर्ज किया जा सकेगा, ताकि करोड़ो नागरिक इस क़ानून पर अपनी सहमती दर्ज कर सके ।
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चिंटू : क्या बिना टी सी पी के इस क़ानून को पास करने का कोई तरीका नही है ?

मास्टर जी : बिलकुल है । यदि करोडो नागरिक अपने सांसद को sms द्वारा आदेश देते है कि DDMRCAM क़ानून गेजेट में छापा जाए, तो प्रधानमन्त्री इस क़ानून को गेजेट में प्रकाशित कर देंगे ।
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चिंटू : लेकिन सरकार से तो कोई भी ऐसी मांग करता नज़र नहीं आ रहा । सब कोई तो क्रिकेट, फिल्म स्टार, आयुर्वेद, योग, साफ़ सफाई, झाडू, टोपी, नारे, भाषण, प्रवचन, आदि में व्यस्त है ।

मास्टर जी : चिंटू, सभी व्यक्ति अपनी रुचि और लाभालाभ के अनुसार व्यवहार करते है, अत: जिसे रोयल्टी में अपना हिस्सा चाहिए वो इसमें रुचि लेगा जिसे नही है, वो नही लेगा, वरना नेता तो इसमें रुचि ले ही रहे है ।

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