Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate
Pawan Jury BhilwaraRj:
लोकपाल आंदोलन के दौरान ( 2011) महात्मा अरविंद गांधी ( केजरीवाल ) और महात्मा अन्ना हजारे ने कहा था लोकपाल कभी भ्रस्ट नहीं होंगे और देश के सारे मंत्रियो , अफसरों , नौकरशाहों की लगाम इनके हाथ में देदो !
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खैर कर्नाटक के लोकपाल उर्फ़ लोकायुक्त का मामला देख सकते है वो भी किसी सदाहरण अधिकारी जितना ही भ्रस्ट हो गया।
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कृपया यह देखे
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http://indianexpress.com//lokayukta-hit-by-corruption-cha…/
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तब राइट तो रिकॉल ग्रुप ने यह कहा था लोकपाल को प्रजा अधीन किया जाये अर्थात उसपर राइट तो रिकॉल का कानून लागू किया जाये। लेकिन केजरीवाल और कंपनी ने इसमे कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। और राइट तो रिकॉल लोकपाल कानून का ड्राफ्ट कार्यकर्ताओ को नहीं दिया।
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जनलोकपाल मूवमेंट पुरे देश के देशभक्त क्लार्यकर्ताओ का समय बर्बाद करने वाला एक दिखावा मात्र था जो असल में किदेशी कम्पनियो को ही लाभ देता।
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उनहे 5-6 हजार मंत्री , अफसर , आईपीएस , आईएएस खरीदने की बजाय सिर्फ 11 - 12 लोकपाल ही खरीदने पड़ते।