Pawan Jury BhilwaraRj
मैंने साझेदारी के तहत एक टीवी चेनल में पैसा लगाया था । शुरू में अच्छा चलता था लेकिन बाद में पिटता गया ।
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क्योंकि हमारे चेनल के एडिटर इन चीफ को दुसरे चेनल वालो ने पैसे खिला दिए । इसलिए हमारे एडिटर ने हमारे ही चेनल को बर्बाद करना शुरू कर दिया । उसने ऐसे सभी फैसले लिए जिससे प्रोग्राम की गुणवत्ता गिरती जाए लेकिन ऐसा कभी कोई फैसला नही लिया जिससे चेनल में सुधार हो ।
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हमने CEO से एडिटर को बदलने के लिए कहा परन्तु दुसरे चेनल वालो ने CEO को भी पैसे खिला दिए । हमारी चेनल में CEO ने स्टाफ और अन्य अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके यह नियम बना दिया कि हम शेयर धारक CEO को 5 साल से पहले नही बदल सकते ।
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5 साल बाद हमने नये CEO को बदल दिया किन्तु नये CEO को भी प्रतिस्पर्धी चेनल वालो ने खरीद लिया । CEO ने यह भी नियम बना दिया कि शेयर धारक एडिटर को भी नही बदल सकते । सिर्फ CEO ही एडिटर को बदल सकता है । इस तरह एडिटर, CEO और अन्य अधिकारियों ने हमारे चेनल को बर्बाद कर दिया । प्रतिस्पर्धी चेनलो ने इन सभी को घूस देकर हमारे चेनल को घाटे में कर दिया ।
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अन्य प्रतिस्पर्धी चेनल हमारे CEO का हमेशा गुणगान करते है और उनके बारे में सब अच्छा अच्छा दिखाते है।
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मैं और मेरे अन्य साझेदार पिछले कई वर्षो से CEO, एडिटर और अन्य कर्मचारियों का वेतन अपनी जेब से चुका रहे है । प्रतिस्पर्धी कम्पनियां चाहती है कि हमारा चेनल बंद हो जाए, ताकि उन कम्पनियों का पूरे बाजार पर कब्ज़ा हो जाए । लेकिन हम चाहते है कि हमारा चेनल चले, और अच्छा चले । क्योंकि आखिर यह हमारा चेनल है ।
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लेकिन CEO, एडिटर और हमारे ही चेनल के अधिकारी इसे बंद करने पर तुले हुए है । लेकिन सामने से यही कहते है कि, नही इसे बंद नही करना है, इसे हम संभाल लेंगे, धीरे धीरे अच्छा चलने लगेगा । आप इसमें पैसा लगाते रहिये । हमने CEO से कहा कि तुम यह नियम केंसिल करो कि एडिटर को सिर्फ तुम ही हटाओगे । हम चाहते है कि एडिटर को हटाने और नौकरी पर रखने का हक हम शेयर धारको के पास रहे, क्योंकि घाटा तो हमें हो रहा है, CEO और एडिटर का वेतन तो हर समय चालू ही रहता है, चाहे वो चेनल को आबाद करे या बर्बाद । लेकिन CEO हमारी इस मांग को मानता नही है । हम 5 साल के इंतिजार के बाद जिसे भी नया CEO बनाते है वह भी वही रवैया अपना लेता है, जो पुराने CEO का था ।
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यदि हमें अपने एडिटर को नौकरी से निकालने का अधिकार मिल जाए तो हम ऐसे एडिटर को अगले ही दिन नौकरी से निकाल देंगे, जो हमारे चेनल को सुधारने के लिए काम नही कर रहा है । लेकिन CEO इस नियम का विरोध कर रहा है, और हम घाटा खाए जा रहे है । CEO और एडिटर हमसे तनख्वाह लेते है लेकिन घूस लेकर काम हमारे ही खिलाफ करते है, क्योंकि हमारे पास हमारे ही चेनल के एडिटर को न नौकरी पर रखने का अधिकार है, न ही हटाने का ।
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त्रस्त होकर हमने सुपर सीईओ से नियम बदलने की गुहार लगाईं, लेकिन CEO भी सुपर सीईओ का ही आदमी है, इसलिए सुपर सीईओ ने भी यह नियम बनाने से इनकार कर दिया ।
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असलियत में अन्य प्रतिस्पर्धी चेनल वालो ने सुपर सीईओ को भी गाँठ रखा है, वे सुपर सीईओ से कहते है कि हम आप के बारे में भी सब अच्छा अच्छा दिखाते है, यदि आप उस चेनल को सुधारेंगे तो हमे घाटा होगा, इसलिए उस चेनल को ठीक मत करो । वरना हम लोगो को आपकी वो बातें बातें बताने लगेंगे जिस से आपको नुक्सान होना संभावित है । अत: सुपर सीईओ भी हमारे चेनल को घाटे में ही रखने के पक्ष में है ।
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ये सभी चाहते है कि हमारा चेनल घाटे में चलता रहे ताकि एक दिन इसका होना और न होना बराबर हो जाए, तब किसी दिन ये लोग घाटे का हवाला देकर इसे टुकडो में प्रतिस्पर्धी कम्पनियों को बेचना शुरू कर देंगे । क्योंकि ये लगातार हमारे चेनल को लकड़ी में लगे घुन की तरह खाए जा रहे है ।
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अब हम लोग क्या करें ?
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यदि आप यह कहते है कि हमें अपना चेनल बंद कर देना चाहिए तो, बात इतनी भर नही है । असल में मैंने अपने साझेदारो के साथ ऐसी लगभग 250 से ज्यादा कम्पनियों में पैसा लगाया हुआ है, तथा सभी में CEO, सुपर सीईओ तथा मेनेजर को नौकरी पर रखने और निकालने के इसी तरह के नियम है जैसे कि इस चेनल की कम्पनी में है ।
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हमने चेनल की ही तर्ज पर रेल, सड़क, खनन, बीमा, चिकित्सा, शिक्षा आदि क्षेत्रो में लगभग 250 से ज्यादा कम्पनियों में पैसा लगा रखा है । जिन्हें इन कम्पनियों के ही CEO, सुपर सीईओ और मेनेजरो ने प्रतिस्पर्धी कंपनियों से घूस खाकर धीरे धीरे इस तरह तबाह किया है कि आज इन्हें धीरे धीरे नीलाम करना पड़ रहा है, और यही प्रतिस्पर्धी कम्पनिया वर्षो से चाहती थी । क्योंकि इन सभी क्षेत्रो में मेरी कम्पनियां बहुत ही विशाल और संपन्न है, अत: जब तक मेरी कम्पनियां बाजार में टिकी रहेगी, दूसरी कम्पनियां कबाड़ी के भाव बिक जायेगी ।
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असल में मेरी कम्पनियां भरोसेमंद है और सेवा के उद्देश्य से कार्य करती है, जबकि प्रतिस्पर्धी कम्पनियाँ सिर्फ मुनाफे के लिए कार्य करती है । यदि मेरी कम्पनियां बदहाल होती गयी तो एक दिन बिक जायेगी, अमुक क्षेत्र में सभी उपभोक्ता प्रतिस्पर्धी कम्पनियों पर निर्भर हो जायेंगे, तब ये कम्पनियां मनमाने दाम वसूलेगी, जैसा कि यह कम्पनियां अन्य जगह करती आई है ।
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यदि ऐसा ही चलता रहा तो प्रथम चरण में मेरी इन कम्पनियों का घाटा बढ़ता जाएगा, द्वितीय चरण में घाटे की दुहाई देकर इन्हें या तो बेचा जाएगा या बंद किया जाएगा और तृतीय चरण में बाजार पर प्रतिस्पर्धी कम्पनियों का पूरी तरह कब्ज़ा हो जाएगा, फलस्वरूप मैं तो बरबाद होऊंगा ही अन्य उपभोक्ताओं को भी बहुत ऊँचे दाम चुकाने पड़ेंगे ।
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इस बर्बादी को रोकने के लिए मैं सुपर सीईओ से मांग कर रहा हूँ कि मेरे चेनल के एडिटर को नौकरी पर रखने और निकालने का अधिकार मुझे और मेरे अन्य साझेदारो को दिया जाए । यदि सुपर सीईओ इस नियम को लागू कर देता है तो मैं मेरी कम्पनी में अन्य साझेदारो की सहायता से ऐसे एडिटर की नियुक्ति करूँगा जो मेरे चेनल को इस तरह चलाये कि मेरा चेनल अन्य प्रतिस्पर्धी चेनलो को टक्कर दे सके । यदि वह एडिटर दुश्मन कम्पनियों से घूस खाकर मेरी कम्पनी को बर्बाद करने का काम करता है तो मैं अन्य साझेदारो के साथ मिलकर उसे तुरंत नौकरी से निकाल कर दूसरे एडिटर को नौकरी पर रख लूँगा । इस तरह या तो एडिटर नौकरी खोएगा या फिर मेरे चेनल को अच्छे से चलाएगा । अन्य प्रतिस्पर्धी चेनल इसीलिए अच्छा प्रदर्शन कर रहे है, क्योंकि वहां एडिटर सोमवार को लापरवाही दिखाता है या भ्रष्टाचार करता है तो मंगलवार तक उसे उस चेनल का सुपर सीईओ या सीईओ नौकरी से निकाल देते है, अत: उनके एडिटर मन लगाकर काम करते है जबकि मेरे चेनल का एडिटर कांइयापन दिखाता है ।
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मैं मेरी अन्य कम्पनियों में भी इसी नियम को लागू करने की मांग कर रहा हूँ । मेरी कम्पनियों में संसाधन और संपत्ति की कोई कमी नही है, किन्तु मेरी कम्पनियों को मेरे ही चौकीदारो ने लूटा है । मेरी कम्पनियों के मक्कार अधिकारियों को जिस थाली में खाते है उसी थाली में छेद करने का पैसा मिलता है । अत: ये लोग पहले मेरी थाली में मेरे द्वारा परोसे हुए भोजन का भक्षण करते है, और फिर दुश्मन कम्पनियों से पैसे लेकर उसी थाली में सुराख करते है । इन्होने मेरी सभी थालियों में छेद कर कर के छलनी के सदृश बना दिया है । आखिर कोई कब तक बर्दाश्त करेगा ।
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मैं पाठको से भी अपील करता हूँ कि यदि आप मेरी कम्पनियों में साझेदार या उपभोक्ता है, तो आप भी सुपर सीईओ से मांग करें कि मेरी सभी कम्पनियों में इस क़ानून को लागू किया जाए कि कम्पनी के मेनेजर को नौकरी पर रखने और निकालने का अधिकार उस कम्पनी के साझेदारो के पास रहेगा । यदि आप भी मेरी तरह इन कम्पनियों में साझेदार या उपभोक्ता है तो यह नियम लागू होने से आपको भी फायदा है और मुझे भी, और देश का तो है ही । इस क़ानून को यदि सुपर सीईओ राजपत्र में प्रकाशित कर देते है तो यह क़ानून मेरे चेनल पर लागू हो जाएगा । इस क़ानून का खाका आप दिए गए लिंक पर जाकर देख सकते है ।
tinyurl.com/RtrDdAdhyaksh
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मेरे चेनल और अन्य कम्पनियों का विवरण :
1. मेरा चेनल - दिल्ली दूरदर्शन
2. प्रतिस्पर्धी चेनल : स्टार, जी, एनडीटीवी, टाइम्स नाउ आदि
3. एडिटर - दूरदर्शन अध्यक्ष
4. CEO - सूचना एवं प्रसारण मंत्री
5. सुपर सीईओ - प्रधानमन्त्री
6. मेरी अन्य कम्पनियां : भारतीय रेल, राजकीय विद्यालय, राजकीय चिकित्सालय, भारतीय जीवन बीमा निगम, पथ परिवहन निगम, भारतीय दूरसंचार निगम आदि ।
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यदि आप मेरी इन कम्पनियों के साझेदार या उपभोक्ता है तो अपने क्षेत्र के सांसद को SMS द्वारा यह आदेश भेजे कि इस क़ानून को गेजेट में प्रकाशित किया जाए । SMS का नमूना :
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Hon MP, I order you to print the law draft mentioned in tinyurl.com/RtrDdAdhyaksh
voter ID : ######
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