Pawan Jury BhilwaraRj

Vipul Prakash Rrg:

Question :- Right To Recall /वापस बुलाने का अधिकार " ये कानून कुछ यूरेपिन देशो मे है स्विटजरलैंड आदि मे ! वहां पे संख्या निश्चित है कि इतने लोग एक स्थान पे इकटठे हों और किसी भी जन प्रतिनिधि को एक प्रक्रिया के तहत वापस बुला सकते हैं ! लेकिन हमारे देश मे संसदिय क्षेत्र काफी बडे होते हैं तो ऐसे मे हमारे देश मे इस अधिकार का प्रयोग करने की प्रक्रिया कैसी होगी क्या आप इस बारै मे कुछ बताने का कष्ट करेंगे??

Answer:- पहली बात तो ये विचारणीय है कि संसदीय क्षेत्र अगर बडे हैं तो चुनावी मतदान के समय लोग कैसे एकत्र हो जाते हैं?

दूसरी बात ये कि क्या चंद्रशेखर आज़ाद इत्यादि ने अपने हिंदुस्तान रिपब्लिकर एसोसिएशन के दिसम्बर १९२४ मैनिफ़ेस्टो में स्पष्ट रूप से लिखा है कि "जिस गणराज्य की स्थापना हम करने वाले हैं वहां मतदाताओ के पास राईट टू रिकॉल होगा अन्यथा वह गणराज्य सिर्फ़ गणराज्य के नाम पर एक म्ज़ाक होगा"

और तीसरी बात ये कि राईट टू रिकॉल ग्रूप ने राईट टू रिकॉल की जो प्रक्रिया सुझाई है उसमे एक दिन सभी मतदाताॐ को एकत्रित होने की कोई आवश्यकता नहीं है। जो भी उम्मीदवार मंत्री पद प्राप्त करना चाहते हैं वो अपना नाम कैबिनेट सेक्रेटरी के पास जाकर एफ़िडेविट देकर दर्ज करवा देंगे और भारत का कोई भी मतदाता किसी भी दिन पटवारी के दफ़्तर जाकर अपना मत किसी भी उम्मीदवार के पक्ष मे बदल सक्ता है और कम्प्यूट्अर पर उसका मत दर्ज होगा और उसे रसीद मिलेगी अथवा बहुत से लोग अपने वोटर आई डी के साथ रजिस्टर्ड मोबाईल नम्बर से एस एम एस भेज कर वोट दे देंगे और उन्हे सबूत के तौर पर एक फ़ीडबैक मेसेज मिलेगा। और जिस दिन किसी दूसरे उम्मीदवार को ५१% वोटरों के वोट मिल गये उस दिन वर्तमान मंत्री पद पर आसीन व्यक्ति की जगह पर दूसरा वाला उम्मीदवार बैठ जाएगा। उसी तरह प्रधानमंत्री का रिकॉल तब होगा जब किसी भी उम्मीदवार के हिस्से मे वर्तमान उम्मीदवार से २% अधिक वोट मिल गये यानि कि मान लीजिए कि २२ लोगों ने वरतमान मे किसी प्रधाअनमंत्री के लिये वोट किया ह और बाद मे २२ लोगों मे से १२ लोगओ ने किसी दूसरे को वोट किया तो १० की तुलना मे १२ यानि कि वर्तमान प्रधानम्न्त्री से २% अधिक किसी अन्य को मिला तो वो आदमी पी एम बनेगा। इसी से मिलती जुलती प्रक्रिया सांसद एवं विधायक पुलिस कमिश्नर , जज इत्यादि के रिकॉल की भी होगी

अधिक जानकारी के लिये इस लिंक पर जाकर अध्याय ६ पढिये>>>>Prajaadhinbharat.wordpress.com