Pawan Jury BhilwaraRj

मैं अमेरिकन बनना चाहूँगा..
जिसका लोहा सारी दुनिया मानती है
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मैं ब्रिटिश बनना चाहूँगा...
जिसकी भाषा को सारी दुनिया ने अपनाया है
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मैं फ्रांसीसी बनना चाहूँगा...
फैशन, कला और वाइन का पारखी
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मैं जर्मन बनना चाहूंगा...
पेशेवर, धुन का पक्का और मेहनती
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मैं इटेलियन बनकर दुनिया को स्पोर्ट्स कार बनाना सिखाऊंगा
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मै ब्राजिलियन बनना चाहूँगा...
फ़ुटबाल का चैम्पियन
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मैं स्विस बनकर दुनिया को बेंकिंग सिखाऊंगा
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मैं इस्राएली बनकर दुनिया को बताऊंगा कि लगन और हिम्मत के बल पर क्या किया जा सकता है
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मै चीनी बनकर दुनिया का हमकदम बनना चाहूँगा
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मै हिन्दुस्तानी बनना चाहूंगा...
मैं अपने देश पर गर्व करना चाहूंगा..
मैं चाहूंगा कि लोग यह सुनते ही जलने लगे कि मैं हिन्दुस्तानी हूँ ।
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ऐसा हो सकता है..
ऐसा हो सकता है, अगर हम यह बात समझ लें कि :

अच्छे कानूनों से ही अच्छा देश बनाया जा सकता है ।
क्योंकि देश को क़ानून चलाते है, क्योंकी सिर्फ कानूनों से ही देश में अच्छे परिवर्तन लाये जा सकते है, क्योंकि ये क़ानून ही है जो किसी देश को अच्छा या बुरा बना देते है, क्योंकि सरकारों का काम सिर्फ क़ानून बनाना है भासण देना नही, क्योंकि जिस देश की जनता कानूनों में रुचि नही लेती वह देश या तो गुलाम बन जाता है या भिखारी, क्योंकि विकसित कानूनों से ही देश विकसित हुए है, क्योंकि भारत इसीलिए पिछड़ा हुआ है, क्योंकि भारत में बुरे और पिछड़े हुए क़ानून है, क्योंकि राजनीति शब्द में नीति शब्द का मतलब क़ानून है, क्योंकि सारे देश एक जैसे हो जायेंगे यदि सभी देशो में एक जैसे क़ानून लागू कर दिए जाए, क्योंकि हमें यदि अमेरिका और ब्रिटेन से मजबूत देश बनाना है, तो उनसे अच्छे क़ानून लागू करने होंगे, क्योंकि सभी देशो में उतने ही घटिया नेता है जितने कि भारत में है, क्योंकि अच्छे क़ानून ही अच्छे नागरिको की रचना करते है, क्योंकि अच्छे क़ानून ही अच्छे नेताओ को बढावा दे सकते है, क्योंकि राजनीति में हर समस्या का समाधान सिर्फ कानून से ही निकल सकता है ।
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भारत भी उतना ही विकसित हो सकता है, जितनी की अन्य महाशक्तियां है, बशर्ते हम नेताओं की भक्ति करने के स्थान पर अच्छे कानूनों की मांग करे ।

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