Pawan Jury BhilwaraRj

क्यों भारत अमेरिका से पीछे, पीछे और बहुत पीछे है ?

16 मार्च को संसद में बीजेपी सांसद हुकुम देव नारायण के इस बजट भाषण को सुन कर इस बात को समझा जा सकता है ।

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https://www.youtube.com/watch?v=F-LD0XHoCuk
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आधे घंटे के इस भाषण में कहानियाँ है, गरीबो के लिए संवेदनाये है, चीखो पुकार है, गहरा आर्तनाद है, बस नही है तो समाधान के उन कानूनों का ज़िक्र नही है, जिनसे इन समस्याओ का समाधान हो सकता है ।
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सभी नेता टीवी में, रेलियो में, सभाओं में और यहाँ तक कि संसद में भी सिर्फ भासण दे रहे है ।
भासण.. भाषण.. भासण और भासण !!!

सभी गरीबो के लिए खून के आंसू रोते है, किन्तु खनन और स्पेक्ट्रम से प्राप्त रोयल्टी को सीधे नागरिको के खाते में जमा करने का विरोध करते है ।

सभी गरीबो के हक़ की लड़ाई में लम्बे चौड़े भावुक व्याख्यान देते है, किन्तु वेल्थ टेक्स का विरोध करते है, और एक्साइज, वेट का समर्थन ।
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सबक : हमें नेताओं के बयान, भाषण आदि सुनने ही नही चाहिए, बल्कि उन कानूनों को पढना चाहिए जो सत्ता में रहते वे गेजेट में प्रकाशित या विपक्ष में रहते हुए प्रस्तावित कर रहे है ।

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