Pawan Jury BhilwaraRj

चिंटू : मास्टर जी हाइजेक्ड सोशल मिडिया क्या है ?

मास्टर जी : फेसबुक, वाट्स एप, ट्विटर आदि सोशल मिडिया के अंग है, जब इन प्लेट्फोर्म्स को सुनियोजित ढंग से कचरा पात्र बना दिया जाता है, तब इसे हाईजेक्ड सोशल मिडिया कहते है ।
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चिंटू : ऐसा कौन करता है मास्टर जी ?

मास्टर जी : ऐसा बीजेपी, कोंग्रेस, आम आदमी पार्टी, आरएसएस, विहिप तथा इस तरह के राजनेतिक और अराजनेतिक संगठन करते है, ताकि जनमानस को नियंत्रित किया जा सके ।
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चिंटू : ये ऐसा कैसे करते है ?

मास्टर जी : इसके लिए इनकी देश भर में स्थित आई टी सेल 24×7 हावर्स पोस्ट, इमेजेज आदि की रचना करती है, तथा विभिन्न रूट्स के माध्यम से इन्हें सर्कुलेट किया जाता है । इनमे अधिकतर इनकी प्रचार सामग्री होती है, जिनके माध्यम से ये समूह नागरिको की सोच को उसी दिशा में बनाए रखते है, जिस दिशा में ये बनाए रखना चाहते है ।
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चिंटू : कचरा पात्र बनाने से क्या आशय है ?

मास्टर जी : इनके द्वारा व्यर्थ, अनुपयोगी, थक चुकी और बेमतलब की पोस्ट इतनी तेजी से अलग अलग रूट्स के माध्यम से एक ही दिन में भेजी जाती है कि कोई व्यक्ति इन्हें 10 दिन में भी नहीं पढ़ सके ।
उदाहरण के लिए बीजेपी कोंग्रेस तथा आम पार्टी की मिडिया सेल आपकी वाल पर क्रमश: 50, 30 तथा 10 पोस्ट फेंकती है, तथा इसी दौरान 5 उपयोगी पोस्ट आपकी वाल पर आती है, तो प्रायिकता यही है कि यदि आप कोई 5 पोस्ट पढ़ते है, तो आप बीजेपी की 3, कोंग्रेस की 2 तथा आम पार्टी की एक पोस्ट पढ़ पायेंगे, शेष अपठित रहेंगी, अत: उपयोगी पोस्ट भी अपठित रह जायेगी ।
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चिंटू : अनुपयोगी और व्यर्थ की पोस्ट के लक्षण क्या है ?

मास्टर जी : धार्मिक तनाव को बढ़ाने वाली तथा उकसाऊ भाषा का प्रयोग, नेता तथा उसके कृत्यों का महिमामंडन, एक हो जाओ, जागो, इसे आग की तरह फैला दो, अमुक घटना पर अपनी राय दर्ज करने के लिए कमेन्ट और लाइक करो आदि जुमलो से सुसज्जित पोस्ट इसी श्रेणी की होती है । इनमे न्यूज मेटेरियल नही होता, तथा समाधान की जगह समस्याओ की विस्तार से मीमांसा की जाती है ।
ये सामग्री रात गयी बात गयी नुमा होती है, तथा रोज सुबह नये मुद्दे उठा कर उन्हें शाम होते होते तिलांजलि दे दी जाती है ।

ये लुगदी पोस्ट नागरिको का मनोरंजन तथा टाइम वेस्ट करने के लिए रचे जाते है । नागरिक समझते है कि आजकल यही 'चल' रहा है, जबकि उन्हें इल्म ही नही हो पाता कि यह सब चल नही रहा बल्कि चलाया जा रहा है, ताकि जो वास्तव में 'चल' रहा है उस पर से ध्यान हटाया जा सके ।
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चिंटू : इस कचरे की बारिश से कैसे बचा जा सकता है ?

मास्टर जी : यदि नागरिक ऐसे पोस्ट वगेरह को शेयर व फॉरवर्ड न करे तो, अन्य नागरिको को इन्हें पढना नही पड़ेगा और उनका समय बर्बाद होने से बच जाएगा, तथा लाइक न करने से ऐसे व्यर्थ पोस्ट की टी आर पी गिरेगी और इनका सर्कुलेशन कम हो जाएगा ।

यदि बहुसंख्य नागरिक ऐसा करते है, तो उपयोगी पोस्ट्स का सर्कुलेशन बढेगा, तथा सोशल मिडिया एक उपयोगी और कीमती मंच बन जाएगा ।

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