Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate
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Pawan Jury BhilwaraRj:
too much democracy...!!
हम विधायक चुनते है, विधायक सीएम को चुनते है । सीएम की कृपा पर गृहमंत्री नियुक्त होता है, गृहमंत्री की मर्जी पर एसपी की नौकरी चलती है ।
जनता न विधायक को बदल सकती है, न मुख्यमंत्री को, न गृहमंत्री को, न ही एसपी को । पांच साल तक ये चारो मिलकर लोकतंत्र लोकतंत्र खेलते है, और जनता तमाशा देखती है ।
विधायक + मुख्यमंत्री + गृहमंत्री + एसपी = लोकतंत्र ( लोक कहाँ है ? )
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* अमेरिका में जिला पुलिस प्रमुख को नौकरी से निकालने का अधिकार उस जिले के मतदाताओं के पास है । इससे नेता पुलिस गठजोड़ टूट जाता है, और पुलिस प्रशासन जनता के हितो के लिए कार्य करता है, न कि अपने राजनेतिक आकाओं के लिए ।
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राईट टू रिकाल ग्रुप ने ऐसी प्रक्रिया के लिए कानूनी ड्राफ्ट प्रस्तावित किया है, जिसे आप इस लिंक पर देख सकते है :
tinyurl .com/RtrPolice
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यदि आप चाहते है कि भारत में भी यह व्यवस्था लागू हो, तो अपने क्षेत्र के सांसद को SMS द्वारा आदेश भेजे कि टी सी पी ड्राफ्ट को गेजेट में प्रकाशित किया जाए ।
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राईट टू रिकाल पुलिस प्रमुख के कानूनी ड्राफ्ट का लिंक तथा SMS का नमूना कमेन्ट बॉक्स में देखें ।
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right to recall group @