Pawan Jury BhilwaraRj
एक आरएसएस समर्थक द्वारा भागवत के बचाव में दिए गए तर्क 'भागवत ने मदर टेरेसा के बारे में जो भी बोला सच ही बोला है, चाहे विलम्ब से ही विरोध किया पर किया तो है' के सन्दर्भ में प्रतिक्रिया :
.
1. आरएसएस 1924 से हिन्दूवाद की ही खा रहा है, तथा गाय, गोबर, हिंदुत्व, मंदिर, मस्जिद, धर्मान्तर शुद्धि आदि उसके प्रिय मुद्दे है । यह बात पचाना मुश्किल है कि कोई ऐसा संगठन दशको से एक नॉबेल पुरस्कार विजेता के द्वारा किये जा रहे विकट प्रयासों से अनभिग्य रहे ।
.
2. इस समय भागवत द्वारा यह बयान उछालने के दो मंतव्य है :
A. सोशल मिडिया पर फ़ैल रही इस जानकारी को लीड करके अपनी हिंदूवादी छवी को बनाए रखना ।
B. केरल में दो अन्य इसाई संतो को मोदी द्वारा दिए गए प्रोत्साहन को कवरिंग फायर देना ।
.
3. यदि आरएसएस अपना यह रूख पहले स्पष्ट करता तो इसके निम्न साइड इफेक्ट्स होते :
A. मिशनरीज़ का खुलेआम विरोध करने से आरएसएस समर्थित बीजेपी के सत्ता में आने की संभावनाएं कमज़ोर हो जाती ।
B. मदर टेरेसा द्वारा किये जा रहे धर्मान्तर पर लगाम लगती ।
________________