Pawan Jury BhilwaraRj

चुनावी नतीजे कुछ भी हो, मोदी साहेब की कलई खुल चुकी है कि, वो कंट्रोल कर रहे है ।
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सोशल मिडिया पर चिचियाहट करने वालो से यह तथ्य छुपा हुआ नहीं है, कि मिडिया बिकाऊ है, भांड है, दलाल है और भी सब कुछ है, पर निष्पक्ष तो कम से कम कतई नहीं है ।
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वास्तविकता यह है कि मिडिया पेड है, पेड था तथा तब तक पेड ही रहेगा जब तक कि मिडिया को प्रजा अधीन नहीं किया जाता ।

पेड मिडिया की समस्या के समाधान का प्रस्तावित ड्राफ्ट यहाँ देखे :

tinyurl.com/RtrDdAdhyaksh
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UPA शासन के दौरान मोदिभक्त इस भ्रम में पड़े रहे कि चूंकि कोंग्रेस सत्ता में है, इसलिए सोनिया, राहुल वगेरह मिडिया को कंट्रोल करते है, तो दिल्ली चुनाव का चाबुक उनकी तन्द्रा भंग करने के पर्याप्त होना चाहिए कि न तो तब सोनिया और न अब मोदी मिडिया को कंट्रोल करते है ।
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पेड मिडिया को तब भी MNCs/मिशनरीज़ ही कंट्रोल करती थी और अब भी वे ही कंट्रोल करती है ।
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यदि मोदी साहेब मिडिया को कंट्रोल करते तो मिडिया केजरीवाल को मोदी के बरअक्स इतनी ताकत के साथ खड़ा करने का दुस्साहस नही करता ।
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यह MNCs ही है जो पेड मिडिया के माध्यम से पीएम को कंट्रोल करती है, जबकि मोदिभक्त इस पिनक में है कि 283 सांसद अपनी जेब में रखने वाले मोदी साहेब कंट्रोल कर रहे है ।
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यह MNCs के ही बस कि बात है कि करोड़ो अंधभक्त, आरएसएस प्रचारक, बीएसटी के कार्यकर्ता तथा नेताओं की फ़ौज होने के बावजूद MNCs ने केजरीवाल नामक सांप को 5 साल तक मोदी साहेब के गले में लटकाने के करीब करीब पहुंचा ही दिया है ।

*श्री युत केजरीवाल के लिए सर्प विशेषण का प्रयोग मोदी भक्तो की भावनाओं के अनुरूप किया गया है ।
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यदि MNCs केजरीवाल को CM बनाने में कामयाब हो जाती है, 14 साल में एक भी चुनाव न हारने वाली मोदी-शाह की जोड़ी का आभामंडल धूमिल हो जाएगा, और मोदी भक्तो के चेहरे 2-4 दिन तक बिना थप्पड़ के भी लाल दिखाई देंगे ।
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यदि आप चाहते है कि भारत के नेता चुनाव जीतने के लिए MNCs और पेड मिडिया पर निर्भर नहीं रहे, तो निष्पक्ष मिडिया की स्थापना के लिए दूरदर्शन अध्यक्ष को प्रजा अधीन करने के लिए अपने सांसद को यह कानूनी ड्राफ्ट SMS द्वारा भेज कर इसे गेजेट में छापने का आदेश करे ।

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प्रजा अधीन राजा @ pk