Pawan Jury BhilwaraRj
क्या किरण बेदी को साक्षात्कार देने से परहेज है ?
.
लोकसभा चुनावों में मतदान के दौरान पेड मिडिया ने लगभग सभी चेनल्स पर मोदी के कई साक्षात्कारो का अनवरत प्रसारण करके बीजेपी को निर्णायक बढ़त दिला दी थी, अब वही घटनाक्रम जब केजरीवाल के साथ दोहराया जा रहा है तो पेड मिडिया मोदी साहेब की आँखों में चुभ रहा है ।
.
ऐसे कांटे के मुकाबले में जीत का फैसला या तो EVM करेगी या पेड मिडिया, जो कि MNCs और मिशनरीज़ के नियंत्रण में है ।
.
सभी ओपिनियन पोल पेड होते है, तथा उसे ही जीतता हुआ दिखाते है, जिन्हें सर्वे करने वाले जिताना चाहते है ।
.
गफलत : पूर्वोत्तर के नागरिको को प्रवासी दिखाने के केजरीवाल के एजेंडे को बीजेपी ने 'गलती' से हाइजेक कर लिया है ।
.
कुछ बिंदु जिन पर बीजेपी, आम आदमी पार्टी और कोंग्रेस तीनो पार्टियाँ सहमत है :
1. तीनो पार्टियां सहमत है कि राजनेतिक दलों को RTI के दायरे में नही आना चाहिए, किन्तु तीनो पार्टियां चंदे की प्रक्रिया को 'पारदर्शी' बनाना चाहते है ।
2. तीनो पार्टियाँ झुग्गियों को नियमित करना चाहती है, बिजली पानी सस्ता करना चाहती है, सभी को पक्के घर देना चाहती है, तथा महिलाओ को सुरक्षा देना चाहती है ।
तीनो पार्टियाँ इस पर सहमत है कि ये सभी कार्य किन कानूनों को पास करके किये जायेंगे उन कानूनों की पड़ताल सत्ता में आने के बाद की जायेगी ।
3. तीनो पार्टियाँ भ्रष्टाचार ख़त्म करने के लिए आवश्यक राईट टू रिकाल कानूनों का विरोध करने पर सहमत है ।
4. तीनो पार्टियां सहमत है कि जनता के पास सिर्फ चुनने का अधिकार होना चाहिए, हटाने का नहीं ।
.
.
यदि MNCs केजरीवाल को जिताने के लिए EVM हेक नहीं कर पाती है, तो केजरीवाल EVM के सिर पर हार का ठीकरा फोड़ सकते है ।
पृष्ठभूमि निर्माण के लिए केजरीवाल ने EVM में गड़बड़ी की आशंका व्यक्त की है, जिसके सम्बन्ध में चुनाव आयोग ने उन्हें किसी भी प्रकार की धांधली न होने देने के लिए मुतमईन किया है ।
.
केजरीवाल चुनाव आयोग के जवाब से मुतमईन भी हो गए है, मतलब बहल गए है ।
.
______________