Pawan Jury BhilwaraRj

पेड रवीश कुमार द्वारा लिए गए रोचक साक्षात्कार के मुख्य अंश :

रवीश : इंदिरा गांधी की कार आपने उठाई थी क्या ?

बेदी : चुप्पी ( कोई जवाब नहीं )

रवीश : इंदिरा जी की कार किसने उठायी थी ?

बेदी : सब इंस्पेक्टर निर्मल सिंह ने ।

रवीश : ओह, एक्सीलेंट

बेदी : ओह एक्सीलेंट, मतलब ?

रवीश : मैं आजकल अंग्रेजी सीख रहा हूँ । क्या वो इंदिरा जी के काफिले की कार थी ?

बेदी : नही वह पीएमओ ऑफिस की कार थी, और मैंने निर्मल सिंह को पुरस्कार देने के लिए कहा ।

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रविश : देश की पहली महिला आईपीएस आप है क्या ?

बेदी : चुप्पी ( कोई जवाब नहीं )

रवीश : देश की पहली महिला आईपीएस कौन है ?

बेदी : चुप्पी

रवीश : क्या आप ही है क्या ?

बेदी : चुप्पी ( कोई जवाब नहीं )

रवीश : क्या आप देश की महिला आईपीएस है ?

बेदी : चुप्पी ( कोई जवाब नहीं )

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रवीश : महिला सुरक्षा कैसे करेंगी, आपके पास पुलिस नहीं है ?

बेदी : मेरे पास पुलिस है ।

रवीश : कोनसी पुलिस है, होमगार्ड ?

बेदी : जो है, उसी से समन्वय करेंगे ।

रवीश : मतलब आपको दिल्ली पुलिस नही चाहिए, ये लिख दूं क्या ?

बेदी : नही नही, चाहिए, पर अभी नही चाहिए, जो है उस से ही काम चला लूँगी ।

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रवीश : बिजली के दाम कैसे कम करेंगी ?

बेदी : दाम कम करुँगी, पर इस जेब से लेकर उस जेब को नही दूँगी ।

रवीश : मैं यह लिख दूं कि सब्सिडी नहीं देंगे ?

बेदी : नहीं नही..

रवीश : तो दाम कैसे कम होंगे, फार्मूला क्या है ?

बेदी : अभी दिल्ली में दो कम्पनी है, मैं 2 और लाऊंगी, कम्पीटीशन से दाम कम होंगे ।

रवीश : अच्छा..!!! भारत में कहीं हुआ है क्या ऐसा ? मेरी जानकारी में नहीं है ।

बेदी : 4 कम्पनी होने से दाम गिरेंगे ।

रवीश : महाराष्ट्र में 5 कम्पनी है, वहाँ दाम कम हो गए है क्या ?

बेदी : दिल्ली में होंगें ।

रवीश : अच्छा... !! कहीं हुए है क्या आज तक इस फार्मूले से ?

बेदी : मैं सस्ती बिजली दूंगी ।
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रवीश : झुग्गियों को नियमित करेंगी क्या ?

बेदी : सभी को पक्के घर देंगे ।

रवीश : 60 लाख लोग रहते है, सब को मकान देंगे, लिख दूं क्या ?

बेदी : नही नही... पीपीपी मॉडल चलेगा । जैसे महाराष्ट्र में है ।

रवीश : अवैध कोलोनियो का क्या करेंगी ?

बेदी : उनको नियमित करने का ऑर्डर केंद्र सरकार की केबिनेट आलरेडी पास कर चुकी है । 2014 में ही ।

रवीश : वो ऑर्डर कहाँ है ?

बेदी : केबिनेट ने पास कर दिया है ?

रवीश : मैं वही ऑर्डर के बारे में पूछ रहा हूँ, उस ऑर्डर की कोपी कहाँ है ?

बेदी : हम इस मुद्दे पर कमिटेड है ।

रवीश : वो ऑर्डर मुझे कहाँ से मिलेगा ? मैंने बहुत ढूँढा, नही मिल रहा ।

बेदी : मैं लोगो को उजाड़ने नहीं बसाने आई हूँ ।

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रवीश : क्या राजनेतिक दलों को RTI के दायरे में आना चाहिए ?

बेदी : क़ानून के अनुसार जांच होनी चाहिए चंदो की ।

रवीश : क्या दलो के चंदो के हिसाब को RTI के दायरे में आना चाहिए ?

बेदी : बीजेपी में सारा हिसाब ठीक और पारदर्शी है, मैंने खुद चेक किया है ।

रवीश : मैं या आम नागरिक भी चेक करना चाहे तो RTI के दायरे में आना चाहिए क्या ?

बेदी : अभी ऐसा क़ानून नही है । क़ानून ले आइये ।

रवीश : क्या आप दलों को RTI के दायरे में लाने का समर्थन करती है ?

बेदी : अभी ऐसा कोई क़ानून नही है ।

रवीश : मुझे हाँ या ना में बताइये ।

बेदी : शायद आपको मेरा जवाब सूट नहीं कर रहा ?

रवीश : हाँ मुझे सूट नहीं कर रहा, क्योंकि आपने ट्विट किया था कि दलों को RTI के दायरे में आना चाहिए ।

बेदी : चंदे का ऑडिट होना चाहिए ।

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पेड एनडीटीवी द्वारा यह साक्षात्कार मंगलवार को प्रसारित किया गया था, जो हर लिहाज से यह साबित करता है, कि बेदी ने केजरीवाल से आमने सामने की बहस टाल कर विवेक सम्मत फैसला किया है ।
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यह टिपण्णी केजरीवाल के समर्थन में नहीं है, जो कि जनता को चकमा देने में बेदी से ज्यादा सिद्धहस्त है ।
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खुलासा यह कि हमें नेताओं के मौखिक वादे आदि स्वीकार ही नहीं करने चाहिए । हमें राजनेतिक दलों से अमुक समस्या के समाधान के लिए लिखित कानूनी ड्राफ्ट देने का आग्रह करना चाहिए, ताकि सत्ता में आने पर नेताजी किये गए उस कानूनी ड्राफ्ट के वादे को गेजेट में छाप कर अपना वादा पूरा करें ।

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जैसा कि दिल्ली चुनावों के प्रचार में देखा जा सकता है, कि केजरी, बेदी और माकन तीनो ही सस्ता बिजली पानी, महिला सुरक्षा, स्वच्छ प्रशासन और अवैध कोलोनियो/झुग्गियों को नियमित करने का वादा कर रहे है ।

एक मासूम निष्कर्ष यह है कि कोई भी पार्टी जीतो, दिल्ली की यह समस्याएं हल कर दी जायेगी, जबकि वास्तविकता है कि किसी भी पार्टी/नेता ने इन्हें हल करने का कानूनी ड्राफ्ट नहीं दिया है, अत: यह तय है कि, कोई भी पार्टी जीते, नेताजी उन्ही समस्याओं को हल करेंगे, जिन्हें हल करने में उन्हें लाभकारी सुविधा होगी ।
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नोटा को वोट करें : जबकि सभी ड्राफ्ट विहीन पार्टियाँ मैदान में हो तो आप नोटा को वोट करे, और ठगे जाने से बचे ।

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प्रजा अधीन राजा @ Pk