Pawan Jury BhilwaraRj

मुंबई हमले के मास्टर माइंड, लश्कर ऐ तय्यबा के कमांडर ज़की उर रहमान लखवी को पाकिस्तान की आतंकरोधी अदालत द्वारा 5 लाख की जमानत राशि पर रिहा करने पर, हाइजेक्ड सोशल मिडिया और पेड मिडिया के माध्यम से ,भारत के सभी नेताओ/कार्यकर्ताओ/नागरिको द्वारा पाकिस्तान की अदालतों की स्वतंत्रता/निष्पक्षता पर लानत भेजे जाने पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया है, कि 'हमारी अदालतों को कोसने से पहले भारतीयों को यह भी देखना चाहिए कि पाकिस्तान में भी अदालते उसी प्रणाली पर काम करती है, जैसी भारत में' ।
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ज्ञातव्य है कि पाकिस्तान भी ब्रिटिश साम्राज्य की उसी भ्रष्ट और सुस्त जज प्रणाली को ढो रहा है, जिसमें भारत फसां पड़ा है । दो दिन पहले हुए भीषण बाल संहार के आलोक में यह उम्मीद करना बेमानी नहीं है कि यदि पाकिस्तान में ज्यूरी सिस्टम होता तो यह संभावना थी कि लखवी को वहाँ के नागरिक सलाखों के पीछे ही पड़ा रहने देते ।
यह सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है, कि क्यों जज ने अपनी जान की खैर रखने के लिए लखवी को जमानत दी ।
उल्लेखनीय है कि, जान से मारने की धमकियों के चलते एक जज इस मुकदमे से खुद को पहले ही अलग कर चुके थे ।
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क्या आप जानते है, किसी भी व्यवस्था या संस्था को 24 घंटे में ईमानदार कैसे बनाया जा सकता है ?
आसान है, समझिये कैसे :
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1. क्या भारत के नेता भ्रष्ट है ?
पीड़ित - हाँ ।
2. क्या भारत की पुलिस भ्रष्ट है ?
पीड़ित - हाँ
3. क्या भारत के जज भ्रष्ट है ?
पीड़ित - हाँ
क्या आप जानते है, जज को भ्रष्ट कहने पर आप पर अवमानना का केस दर्ज किया जा सकता है ?
पीड़ित - नहीं, नहीं, नहीं... भारत के जज बिलकुल भी भ्रष्ट नही है, वे बेहद इमानदार है। जज बनना ही इमानदारी की गारंटी है । मैंने ऐसा कभी नही कहा कि, भारत के जज भ्रष्ट है । वे माननीय है, विद्वान् है, और न्याय की मूर्ती है ।
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यदि हमें पुलिस/नेता आदि का भ्रष्टाचार रातों रात दूर करना हो तो इस पैतरे का इस्तेमाल किया जा सकता है । इन्हें बेईमान कहने पर अवमानना का केस दर्ज करने का क़ानून पास करने से अगले ही दिन ये विभाग भी ईमानदार बन जायेंगे । मिडिया को भी बिकाऊ या पेड मिडिया कहने पर इसी नियम का प्रयोग कर के हम रातों रात मिडिया को अनपेड और ईमानदार बना सकते है ।
हद है !!
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समाधान : पाकिस्तान की समस्या को पाकिस्तान निपट लेगा, हमे भारत में जज सिस्टम से छुटकारा पाकर जूरी सिस्टम लाने के प्रयास करने चाहिए ।
यदि आप चाहते है कि, भारत की न्याय प्रणाली अमेरिका* जैसी हो न कि पाकिस्तान जैसी, तो दिए गए लिंक पर दर्ज कानूनी ड्राफ्ट को गेजेट में छापने का आदेश अपने क्षेत्र के सांसद को SMS द्वारा भेजे ।
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*अमेरिका में मुक़दमो की सुनवाई नागरिको की ज्यूरी करती है, तथा हर मुकदमे के लिए 12-15 नागरिको का चयन किया जाता है ।
इस प्रणाली में मुकदमो का फैसला महीने भर में आ जाता है । अमेरिका में जज को वहां की जनता चुनती है, और भ्रष्टाचार करने पर मतदान द्वारा किसी भी समय नौकरी से निकाल सकती है ।
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हमने जो क़ानून प्रस्तावित किया है, उसके लागू होने से भारत की न्याय व्यवस्था अमेरिका से भी बेहतर हो जायेगी ।
ड्राफ्ट का लिंक :
tinyurl. com/jurysys
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please see comment box for SMS text.

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प्रजा अधीन राजा @ pk