Pawan Jury BhilwaraRj

हिन्दूवादी..बहुत ही हिन्दूवादी..!
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1. मोदी साहब मिशनरीज़ के पेड एजेंट अजय देवकरण की फिल्म 'एक्शन जेक्शन' के प्रमोशन में हाथ बंटा रहे है ।
2. सुषमा स्वराज हिन्दू हितो के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए 'गीता' की पैरोकारी का स्वांग भर रही है ।
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प्रकरांतर : मिशनरीज़/MNCs द्वारा संचालित् वायाकोम कंपनी ने हिन्दू धर्म का मज़ाक उड़ाने के लिए 'ओह माय गॉड' ( टाइटल पे ध्यान दें ) फिल्म का निर्माण किया था । इस फिल्म के प्रस्तुतिकरण में :

1. मूर्ती पूजा का मज़ाक उड़ाया गया ।
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2. हिन्दू संतो ( श्री श्री रविशंकर और शंकरा चार्य) को पाखंडी और जोकर की तरह दिखाया गया ।
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3. मंदिरों में जाने और दान करने की निंदा की गयी ।
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4. ईश्वर को प्रणाम करने या पूज्य मानने की जगह मनुष्य और भगवान को बराबरी का दर्जा देने की वकालत की गयी ।
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फिल्म का उद्देश्य करोड़ो युवाओ के अवचेतन पर ऐसी छाप छोड़ना था कि :
1. युवाओं के मन में हिन्दू धर्म के प्रति घृणा और उपहास का भाव उत्पन्न हो ।
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2. वे मंदिर में जाने पर शर्म महसूस करे ।
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3. उनमे यह भाव बने कि मंदिरों और मठो को दिया गया दान कुपात्र को दिया जा रहा है ।
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मिशनरीज़/MNSc के निर्देश पर मोदी साहब ने विदेश में शूटिंग कर रहे परेश रावल को रातों रात बुलाकर सुरक्षित सीट से सांसदी का टिकेट दे कर उन्हें पुरस्कृत किया ।
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मिशनरीज़/MNCs ऐसे नेताओं/अभिनेताओं को बढ़ावा देती है, जो प्रतिस्पर्धी धर्म का तर्कपूर्ण नज़रिए से मज़ाक उड़ाए । यदि ऐसा अन्य धर्मावलम्बी द्वारा किया जाता है, तो बवाल हो सकता है, अत: हिन्दू धर्म पर चोट करने के लिए हिंदूवादी नेताओं/अभिनेताओ का ही इस्तेमाल होता है ।
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धर्म को मंदिर, साधु-संत और सामाजिक परम्पराएं धारण करती है, अत: अवाम के दिलो दिमाग में अपने धर्म के प्रति उपेक्षा का भाव अध्यारोपित करने के लिए युवाओं के आदर्श नायको द्वारा धर्म की खिल्ली उड़वाई जाती है, तथा बदले में मिशनरीज़/MNCs द्वारा उन्हें प्रमोट/पुरस्कृत किया जाता है । इस से आगामी युवा पीढ़ी में अपने धर्म के प्रति गौरव का भाव क्रमिक रूप से लुप्त होने लगता है ।
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(1) फीचर फिल्म सिंघम-2 में अजय देवकरण द्वारा संत आसाराम बापू का बेहद भद्दे तरीके से मजाक उड़ाया गया । वेशभूषा से इतर नायक को यह संवाद कहते दिखाया गया है कि, 'मैं तुझे तब से जानता हूँ, जब तू टिकेट ब्लेक करता था'
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ज्ञातव्य है कि, संत आसाराम पर मुकदमा कायम हुए एक वर्ष से अधिक हो चुका है, किन्तु उन्हें जमानत इसलिए नही मिली है, क्योंकि पीड़िता को पुलिस ने नाबालिग 'मान' लिया है ।
जहां तक न्यायलय का प्रश्न है, न्यायालय की रुचि यह जानने में नहीं है कि लड़की बालिग़ है या नाबालिग ।
उल्लेखनीय है कि कोर्ट में पीड़िता के दो जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत किये गए है, जिनमे से एक इंगित करता है कि लड़की बालिग़ है, जबकि दुसरे के अनुसार नाबालिग है । किन्तु जज ने जानबूझ कर पीड़िता के बोन मेरो टेस्ट के आदेश अब तक जारी नही किये है, जिस से लड़की की उम्र का निर्धारण नही किया जा सका है ।
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सभी सरकारे FDI को लगातार अनुमति दे रही है, जिस से MNCs/मिशनरीज़ का नियंत्रण भारत में बढ़ता जा रहा है । आज मिशनरीज़/MNCs के पास मिडिया है, कोर्ट्स है, आर्थिक नियंत्रण है, राजनेतिक दलों और नौकरशाही में गहरी घुसपेठ है । अत: अपने लालच और महत्त्वाकांक्षाओ के चलते सभी वर्ग के नेता/अभिनेता इस प्रयास में रहते है, कि उनके सिर पर मिशनरीज़/MNCs का हाथ बना रहे ।
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देश के प्रधानमन्त्री के लिए यह बिलकुल ही गैर वाजिब है कि, वे किसी सिने सितारे की फिल्म का प्रमोशन करे, किन्तु पेड मिडिया के सकारात्मक कवरेज और मिशनरीज़ के सहयोग के लिए वो ऐसा कर रहे है । हिन्दू ह्रदय सम्राट मोदी साहब की कुछ अन्य हिंदूवादी बानगियाँ :
मोदी साहब ने
1. देवालयों की तुलना संडास से की
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2. परेश रावल को 'हिन्दू मंदिर गंदे है' कहने को कहा ।
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3. आनंदी बेन से हिंदूओ को अपील ज़ारी कराई कि, 'वे मंदिरों को दान न दें'।
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4. हर्षवर्धन को कहा कि, हिन्दुओ को दीपावली पर आतिशबाजी न चलाने की नसीहत देवें ।
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5. मनोहर पर्रीकर को रक्षा मंत्री बनाया, क्योंकि वे 'बैलो की कटवाई को कानूनी' किये जाने के पक्ष में है।
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मिशनरीज़/MNCs बहुत ही धीमे और सुनियोजित तरीके से हिन्दू धर्म को तोड़ रही है । पिछले 4-5 वर्ष में पेड मिडिया पर वारदात/सनसनी जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से तथा किसी आरोप को आधार बनाकर हिन्दू संतो पर मिडिया ट्रायल कर के हिन्दू श्रद्धालुओ में उनके प्रति निंदा/उपहास और घृणा के भाव स्थिर किये जा रहे है ।
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मुकदमे अदालतों में लंबित बने रहे और पेड मिडिया के पास आरोप मात्र के आधार पर किसी की भी छवी खराब करने की ताकत बनी रहे, इसके लिए मिशनरीज़/MNCs/राजनेता/राजनेतिक दल आदि भारत में न्याय प्रणाली को त्वरित बनाने के लिए आवश्यक ज्यूरी सिस्टम जैसे कानूनों का विरोध करते है ।
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एक तरफ मिशनरीज़/MNCs मिडिया और कोर्ट के जरिये हिन्दू धर्म को कमजोर कर रहा है वहीँ दूसरी तरफ मोदी साहब हिन्दू मंदिरों के संगठन और प्रबंधन के लिए आवश्यक 'हिन्दू देवालय ट्रस्ट अधिनियम' का विरोध कर रहे है ।
पेड मिडिया करोड़ो नागरिको को यह सूचना कभी नही देता कि अमुक संत/साधु/आश्रम/मठ कितने अस्पताल, स्कूल आदि संचालित कर रहा है । इस से हिन्दू श्रद्धालुओ में धर्म/साधु/संत/मठ/मंदिरों के प्रति नकारात्मक छवी बनती है, और वे इन्हें दान देना बंद कर देते है, और संसाधनों के अभाव में इनके द्वारा संचालित परोपकार/सामजिक कार्यो का ढांचा चरमरा जाता है ।
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हिन्दू संस्थाओं के संसाधन सूखने का प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष लाभ मिशनरीज़ को मिलता है, जिस से उनके लिए धर्मांतरण के अवसर बढ़ जाते है ।
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MNCs का कारोबार और मुनाफा लगातार बढ़ रहा है, जिस से इनके CSR में वृद्धि होती है, और भारतीयों से ही कमाए गए इस धन से मिशनरीज़ आदिवासी इलाको में बड़े पैमाने पर स्कूल/अस्पताल/चर्च आदि खोल कर धर्मान्तरण करती है ।
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(2) मान लीजिये कि आप प्रधानमन्त्री पद के उम्मीदवार है, तथा हिन्दू वोटो का ध्रुवीकरण करके सत्ता हासिल करते है । किन्तु प्रधानमन्त्री बनने के साथ ही आप हिन्दू हितो को सरंक्षित करने वाले कानूनों को ताक में रख देना चाहते है, तो पूरी संभावना है कि करोड़ो हिन्दुओ के वोट लेकर उनके साथ दगा करने वाले व्यक्ति के रूप में आप एक्सपोज़ होने का जोखिम उठा रहे है ।
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लेकिन यदि आप नरेन्द्र मोदी है, तो पेड मिडिया के सहयोग से आसानी से अपने अंधभक्तो को चकमा दे सकते है ।
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कैसे ?
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1. मोदी साहब ने सेन्सस 2011 के धर्म तथा भाषा के आंकड़े जारी करने से इनकार कर दिया ।
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2. बिगड़ते धार्मिक जनसँख्या के असंतुलन को रोकने के लिए 'Two Childe Policy' और 'Uniform Civil Code' को ठन्डे बस्ते में पहुंचा दिया ।
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3. धारा 370 से पलट गए।
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4. हिन्दू मंदिरों को सरकार के नियंत्रण से मुक्त करने के वादे को 2014 के एजेंडे से निकाल बाहर किया ।
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5. तिरुपति मंदिर से 1.8 टन सोना खींच कर सरकारी नियंत्रण में पहुंचाया।
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6. राम-कृष्ण-काशी विश्वनाथ देवालय के मुद्दों पर चुप्पी साध गए ।
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7. हिन्दू मंदिरों/मठो को संगठित और प्रबंधित करने के लिए आवश्यक 'हिन्दू देवालय ट्रस्ट अधिनियम' को खारिज किया ।
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8. गौ हत्या निषेध हेतु प्रभावी क़ानून बनाने का विरोध किया ।
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9. बांग्लादेशी घुसपेठियो को खदेड़ने का क़ानून बनाने से मुकरे ।
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10. धर्मान्तरण को बढ़ावा देने के लिए, मिशनरीज़/MNCs को FDI के नाम पर कार्य करने की खुली छूट दी ।
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क्योंकि यह सूचना क्रान्ति का युग है, अत: खबरों का तंदूर 24 घंटे दहकता रहता है ।यदि आप नागरिको को बेकार/अर्थहीन/कचरा/लुगदी नुमा खबरे नही परोसेंगे तो संभावना है कि खबरों के भूखे लोग खबरे खोजते हुए महत्त्वपूर्ण खबरों तक पहुँच जाए । अत: नागरिको का ध्यान गंभीर मुद्दों/खबरों से हटाने और उन्हें उल जलूल विषयों में व्यस्त रखने के लिए पेड मिडिया, हाईजेक्ड सोशल मिडिया, और मझोले नेताओं का इस तरह इस्तेमाल किया जाता है ।
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चरण एक : नेता उट पटांग बयान देते है ।

1. भारत हिन्दू राष्ट्र है/बनना चाहिये - मोहन भागवत
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2. रामजादे बनाम हरामजादे - साध्वी निरंजन ।
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3. 800 साल में पहली बार कोई हिन्दूवादी शासक बना है - विहिप
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4. केजरीवाल मारीच वंश के है, मोदी इनका नाश करेंगे ।
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5. गीता को राष्ट्रीय ग्रन्थ बनाया जाना चाहिए - सुषमा स्वराज
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चरण दो : पेड मिडिया के पेड संवाददाता अन्य राजनेताओं के मुहं में माईक घुसेड़ कर प्रतिक्रियाएं लेता है, तथा प्राइम टाइम पर बहस की जाती है ।
पेड राजदीप सरदेसाई, पेड पुण्य प्रसून वाजपेयी पेड अरनब गोस्वामी आदि पत्रकार इन बयानों पर हल्ला मचाते है कि, 'देखो, बीजेपी साम्प्रदायवादी है, मोदी हिन्दू वादी है', हैफ हैफ कैसे मुस्लिम विश्वास करें मोदी पर' ।
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हाईजेक्ड शोसल मिडिया पर बीजेपी, आरएसएस, विहिप आदि की सोशल मिडिया सेल प्रति सेकण्ड 100 पोस्ट और इमेजेज़ फेंकती है, जिनका लब्बे लुआब होता है कि, 'देखो हम गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ और भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहते है, किन्तु बिकाऊ मिडिया हमें यह सब करने नही दे रहा है', 'जागो हिन्दू जागो, एक हो जाओ', ज्यादा से ज्यादा शेयर करो, लाइक करो, यहाँ भेजो, वहाँ भेजो, इस पोस्ट को आग की तरह फैला दो' आदि आदि ।
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चरण तीन : हिन्दू इस भ्रम का शिकार हो जाते है, कि 'देखो मोदी साहब सच्चे हिन्दूवादी है, और हिन्दू धर्म को बचा रहे है, जबकि बिकाऊ मिडिया और 'सेकुलर' दल मोदी साहेब का विरोध कर रहे है' ।
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इन क्षणभंगुर मुद्दों/बयानों से इतर मोदी साहब अवाम को भ्रमित करने के लिए खादी पहनना तथा सफाई अभियान चलाने जैसे उन अन्य पैंतरो का भी प्रयोग इफरात में करते है, जिनका प्रयोग जनता का टाइम पास करने के लिए मोहन दास गाँधी किया करते थे ।
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इन गतिविधियों के नताइज यह होते है, कि करोड़ो नागरिक तक उन वांछित कानूनों की जानकारी नही पहुँच पाती, जो कि देश को सामरिक एवं आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए आवश्यक है ।

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समाधान : देश को क़ानून चलाते है, बयान और नारे नही । अपने क्षेत्र के सांसद को SMS निम्न कानूनों को गेजेट में छापने का आदेश भेजे :
tinyurl. com/TeenLineKanoon
tinyurl. com/jurysys
tinyurl. com/RtrDdAdhyaksh
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please see comment box for SMS text
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term हिंदूवादी.. बहुत ही हिंदूवादी, coined by senior RTR activist rahul chiman bhai mehta rrg

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प्रजा अधीन राजा @ pk