Pawan Jury BhilwaraRj

1. मोदी साहब ने SBI को 'शरिया सम्मत बांड' निकालने का आदेश दिया है ।
2. रोकोफेलर मुकेश अम्बानी पर रिलायंस को बेचने का दबाव बना रहे है ।
3. यदि आप दिन में 2 सिगरेट पीने के आदी है, तो सिगरेट कम्पनियां चाहती है कि आप पूरा पेकेट ख़रीदे ।
4. मोदी साहब Make in india प्रोजेक्ट में किराए की कोख को भी शामिल करना चाहते है ।
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प्रकरांतर :
2009, बीजेपी के घोषणा पत्र में दर्ज था कि, बीजेपी हिन्दू मंदिर एवं मठो को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करवाने के लिए कटीबद्ध है।
ज्ञातव्य है कि UPA सरकार उन सभी मंदिरों को टेकओवर कर रही थी जहां स्वर्ण के विपुल भण्डार है।
2014, मोदी साहब ने बीजेपी के घोषणा पत्र से इस वादे को निकाल दिया, क्योंकि उन्हें मिशनरीज़ और MNCs संचालित पेड मिडिया का समर्थन चाहिए था। PM बनने के बाद मोदी साहब ने तिरुपति से 1.8 टन सोना लूट कर सरकारी खजाने में जमा कर लिया, तथा अन्य मंदिरों के स्वर्ण भंडारों को हडपने के लिए मंदिरों को नोटिस थमाए।
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जनसांख्यिक विभाग से छनकर आने वाली खबरों के अनुसार 2011 में हिन्दुओ का प्रतिशत 84 से गिरकर 78% के आस पास कहीं रह गया है, जबकि गुजरात में इसाईयों का प्रतिशत 1.5 से बढ़कर 5-6% तक पहुँच चुका है। बांग्लादेशी घुसपेठियो की संख्यां में भी भारी वृद्धि हुयी।
निदान - सोनिया गांधी ने 2011 जनगणना के सभी आंकड़े प्रकाशित किये किन्तु, धर्म और भाषाई आंकड़े दबा दिए ।
बीजेपी ने पेड मिडिया के समर्थन के लिए इन आंकड़ो को प्रकाशित करने की मांग नही की । मोदी साहब ने ये आंकड़े अब तक प्रकाशित नहीं किये है। इस बीच मोदी साहब के नेतृत्व में जनगणना के दस्तावेजो को कंप्यूटर में स्केन कर के मूल दस्तावेजो को नष्ट किया जा रहा है, ताकि संपादित आंकड़ो का सत्यापन नही किया जा सके ।
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देवालय से पहले शौचालय - मोदी साहब
दीपावली पर फटाके चलाने से प्रदुषण फैलता है - हर्षवर्धन
हिन्दू मंदिर सबसे गंदे पूजा स्थल है - परेश रावल
कृपया मंदिरों को दान देने की जगह रसोई घर चलाने वाले संगठनो को दान दें - आनंदी बेन, मुख्यमंत्री गुजरात
लव जिहाद क्या है - राजनाथ
बैलो की कटवाई कानूनी होनी चाहिए - मनोहर पर्रीकर
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मोदी साहब ने काशी विश्वनाथ देवालय को एजेंडे में जगह नही दी, तथा राम मंदिर को अंतिम पृष्ठ पर छापा । 370 से यू टर्न लिया और समान नागरिक संहिता को भुला दिया । कत्लखानो में इस्तेमाल आने वाली मशीनों का आयात शुल्क 10% से घटाकर 6% किया । शिवराज सिंह सरकार ने गौ हत्या निषेध बिल विधानसभा में गिरवा दिया । गौ हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे संत गोपालदास और उनके समर्थको पर मोदी साहब ने लाठियां बरसाने का आदेश दिया और उन्हें जेल में डाल दिया ।
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(1) अब मोदी साहब शरिया सम्मत म्यूचल बांड लेकर आये है। ब्रिटेन के बाद भारत विश्व का दूसरा ऐसा देश है, जिसकी सरकार ने इस प्रकार के धर्मगत बांड जारी किये है ।
म्यूचल फंड सट्टा कारोबार है, अत: नफे नुक्सान का जोखिम बना रहता है। इन बांड्स में जो निवेश किया जाएगा, उस कोष का उपयोग उन कम्पनियों में निवेश करने में किया जाएगा, जो अपना कारोबार शरियत के कानूनों के मुताबिक़ करती है ।
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यदि अन्य कोई निजी बेंक इस तरह के बांड्स जारी करता है, तो कोई समस्या वाली बात नही है, लेकिन सरकारी नियंत्रण वाले बेंक SBI के इसमें मुब्तिला होने से भविष्य में स्थिति बिगड़ जायेगी । इस कोष का पैसा जिन शरीय कम्पनियों में निवेश किया जाएगा यदि वे कम्पनियां इस पैसे को 'डूबा' देती है, तो निवेश करने वाले अल्पसंख्यक बरबाद हो जायेंगे ।
ऐसी स्थिति में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन होंगे, अपनी जात से ड्रामेबाज़ मिडिया हंगामा खड़ा कर देगा और सरकार पर दबाव बनेगा । घाटा पूरा करने के लिए सरकार/SBI को नये नोट छापने पड़ेंगे या अनुदान देना पड़ेगा। इस से राजकोषीय घाटा बढेगा, महंगाई दर बढ़ेगी और करोडो नागरिको को यह बोझ सहना पड़ेगा । यदि सरकार घाटा पूरा नही करती है तो, अल्पसंख्यक समुदाय में असंतोष फैलेगा और धार्मिक तनाव पनपेगा ।
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आखिर हम ऐसा ठूंठ ही क्यों गाड रहे है, जिस पर कल कोई उल्लू आकर बैठे ।
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समाधान : अपने क्षेत्र के सांसद को SMS द्वारा यह आदेश भेजे :
I order you to print given law draft in gazette :
tinyurl . com/OrderSbiMf

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प्रकरांतर :
1991-92, FDI आना शुरू हुआ और भारत की अर्थव्यवस्था का नियंत्रण MNCs के हाथो में जाना शुरू हो गया। MNCs राईट टू रिकाल, ज्यूरी सिस्टम, वेल्थ टेक्स जैसे कानूनों के अभाव में MNCs भारत की स्वदेशी इकाइयों को निगलती जा रही है, और मोनोपोली स्थापित कर रही है। 1994-95 में रिलायंस ने रिफाइनरी के उपकरणो का उत्पादन करने के लिए, लार्सन & टर्बो को टेकओवर करने का प्रयास किया था, लेकिन रोकोफेलर ने अम्बानियों के इस प्रयास कोर्ट की मदद से असफल कर दिया ।
ज्ञातव्य है कि उर्जा के क्षेत्र ( पेट्रोल, गैस आदि) में दुनिया के लगभग 30% बाज़ार पर रोकोफेलर का कब्ज़ा है।
रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी में रोकोफेलर की मशीनरी इस्तेमाल की जाती है, यदि भारतीय कम्पनी इन मशीनों को बनाने की तकनीक हासिल कर लेती तो रोकोफेलर के हाथ से भारत के उर्जा स्त्रोतों का नियंत्रण निकल सकता था ।
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इसी सन्दर्भ में उल्लेखनीय है कि 1992 तक ICICI और HDFC भारतीय कम्पनियां थी। बेंकिंग क्षेत्र में क्रमिक रूप से FDI की सीमा बढा कर 74% की गयी, फलस्वरूप 2010 में संसद में सरकार ने यह रहस्योदघाटन किया कि ये दोनों बेंक विदेशी हाथो में जा चुके है ।
ज्ञातव्य है कि दुनिया के बेंकिंग व्यवसाय का 50% नियंत्रण रोथ्स्चाईल्ड के हाथ में है ।
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(2) रिलायंस की ऊर्जा क्षेत्र में काम करने वाली कम्पनियों को बेचने के लिए रोकोफेलर द्वारा दबाव बनाया जा रहा है । रिलायंस ने अपनी हिस्सेदारी बेचने का ऑफर किया है, यदि रिलायंस की ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों का नियंत्रण रोकोफेलर के हाथ में चला जाता है, तो देश के लिए यह एक बड़ा नुक्सान होगा ।
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समाधान :
अपने क्षेत्र के सांसद को SMS द्वारा यह आदेश भेजे :
I order you to print given law draft in gazette :
tinyurl . com/swadeshibadhao

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प्रकारांतर:
सरकार किसी भी देश की हो, यदि प्रजा अधीन न हो तो ऐसे उट पटांग क़ानून बनाती है, ताकि आम आदमी सुबह घर से निकल कर शाम को घर पहुंचे तब तक कम से कम आधा दर्ज़न क़ानून तोड़ चुके। कुछ बानगियाँ :
1. इन्डियन एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 के मुताबिक़ पतंग एक विमान है । अत: आपको पतंग बनाने, बेचने, रखने और उड़ाने के लिए लाइसेंस की दरकार है ।
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2. पोस्ट ऑफिस एक्ट 1898 के तहत निजी कूरियर सेवा गैर कानूनी है, सिर्फ सरकार को ही चिट्ठीयों के वितरण का अधिकार है ।
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3. प्रिवेंशन ऑफ़ सिडेसियास मीटिंग्स एक्ट 1911 के अनुसार जेल में खादी टोपी पहनना गैर कानूनी है ।
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4. इन्डियन ट्रेज़र ट्रोव एक्ट के मुताबिक़ आप चाहे सड़क पर 10 रूपये का नोट ही क्यों न पा जाए, यदि इसकी खबर आप पुलिस को न दे तो आप जेल जा सकते है ।
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5. लाइसेंसिंग एंड कंट्रोलिंग प्लेसेज़ ऑफ़ अम्यूजमेंट एक्ट के अनुसार एक ही डांस फ्लोर पर दस से ज्यादा जोड़ो का डांस करना गैर कानूनी है ।
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6. इन्डियन पीनल कोड 1860 की धारा 497 के मुताबिक़ किसी की पत्नी से सम्बन्ध बनाने के लिए सिर्फ विवाहित पुरुष ही दंड का भागी हो सकता है, अगर उसने अविवाहित स्त्री से सम्बन्ध बनाए तो क़ानून इसे विवाहेतर सम्बन्ध नही मानता ।
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7. इन्डियन मेरिज एक्ट 1923 के अनुसार लड़का 21 वर्ष की उम्र से पहले शादी नही कर सकता, मगर बाप बन सकता है । क्योंकि गोद लेने की कानूनी उम्र 18 वर्ष है ।
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सरकारे शोषण और नागरिको पर पकड़ बनाए रखने के लिए, कानूनों का इस्तेमाल करती है । अंग्रेजो ने हथियार रखने के लिए लाइसेंस की अनिवार्यता का क़ानून बना कर आम नागरिको को हथियारों से वंचित कर दिया, जिसकी वजह से ही अंग्रेज 200 सालों तक भारत पर शासन कर पाए, वही क़ानून आज भी बदस्तूर जारी है ।
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(3) अमूमन चेन स्मोकर अपने साथ सिगरेट का पेकेट रखते है, क्योंकि उन्हें बार बार सिगरेट की ज़रूरत होती है । इसे आप इस तरह भी ले सकते है कि यदि आप दिन में 1-2 सिगरेट पीने के आदी है, और आप अपनी जेब में पेकेट रखना शुरू कर देते है, तो ज़्यादातर से भी अधिक आशंका है कि आप शीघ्र ही चेन स्मोकर बन जायेंगे ।
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अधिकतर देखने में आया है कि हेवी स्मोकर सिगरेट छोड़ने के लिए खुदरा सिगरेट खरीदना शुरू कर देते है, जिस से उन्हें बलात रूप से सिगरेट छोड़ने में आसानी रहती है ।
लेकिन मोदी साहब चाहते है कि, आप सिगरेट का पेकेट अपनी जेब में लेकर घूमें ।
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सिगरेट कम्पनियों के दबाव में मोदी सरकार ये आदेश करने जा रही है कि, खुदरा सिगरेट खरीदना अब से गैर कानूनी होगा, यदि आप सिगरेट पीते है, तो कानूनन आपको पूरा पेकेट खरीदना होगा ।
सरकार को लगता है कि, इस से सिगरेट की खपत में कमी आएगी, लेकिन शुरूआती गिरावट के बाद स्थिति उलट जायेगी और सिगरेट की बिक्री में भारी इजाफा होगा ।
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समाधान :
अपने क्षेत्र के सांसद को SMS द्वारा ऑर्डर भेजे कि खुदरा सिगरेट की बिक्री को जारी रखा जाए ।
http//tinyurl . com/AllowOneCigarette

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प्रकारांतर :
किराए की कोख माने सेरोगेसी का इस्तेमाल उन धनिको द्वारा किया जाता है, जो बच्चा तो चाहते है किन्तु बच्चा पैदा करना नही चाहते । पश्चिमी देशो के धनिको में यह प्रचलन बढ़ रहा है, अत: वे विकासशील और पिछड़े देशो की महिलाओं का इस्तेमाल अपने बच्चे पैदा करने के लिए करते है । दंपत्ति द्वारा कोख के किराए का भुगतान किया जाता है, और 'फिगर कोन्शियस' धनिक महिलायें प्रसव यंत्रणा से बच जाती है ।
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भारत में किराए की कोख का व्यापार तेजी से बढ़ रहा है, तथा अधिकृत रूप से व्यापार 400 मिलियन तक पहुँच चुका है ।
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भारत एक मात्र ऐसा देश है जहाँ जन्म देने के वाली माँ कानूनी तौर पे बच्चा जेनेटिक दंपत्ति को देने के लिए बाध्य है । अन्य देशो में इस प्रकार के कानूनी प्रावधान है कि यदि जन्मदाता माँ बच्चा देने से इनकार कर दे तो कानूनी तौर पर उसे बच्चा देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता ।
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भारत में यह क़ानून UPA सरकार ने लागू किया, जिसकी पुष्टि 2008 में सुप्रीम कोर्ट ने की तथा इस व्यापार को वैध ठहराया।
अब शायद बीजेपी इसे make in india प्रोजेक्ट के अंतर्गत नयी ऊँचाइयो तक ले जाना चाहती है ।
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(4). बीजेपी सांसद ने किराए की कोख के व्यापार को और आसान बनाने के लिए संसद में प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया है । मोदी साहब ने अभी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट नही किया है, लेकिन यदि नागरिक झाडू और चरखे चलाने, नारे लगाने और टोपी पहनने में व्यस्त रहे तो आशंका है कि मोदी साहब इस FDI को भी अनुमति दे दें ।
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सोनिया-मोदी-केजरीवाल भक्त इस क़ानून का समर्थन कर रहे है। इस सम्बन्ध में जब मोदी अंधभक्तो से पूछा गया तो उनका तर्क था कि, जब थाईलेंड विदेशी मुद्रा के लिए वैस्यावृति को कानूनी कर सकता है तो भारत को भी किराए की कोख के व्यापार से परहेज नही करना चाहिए, आखिर इस से हमे एक और तो विदेशी मुद्रा की प्राप्ति होगी वहीँ make in india कोंसेप्ट को भी बल मिलेगा ।
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समाधान :
अपने क्षेत्र के सांसद को SMS द्वारा आदेश करे कि सेरोगेसी से सम्बंधित सभी क़ानून निरस्त किये जाए, तथा दिए गए क़ानून को गेजेट में छापा जाए ।
'I order to print given law draft in gazette :
tinyurl . com/EndSurrogacyLaw
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प्रजा अधीन राजा @ pk