Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate
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Rahul Chimanbhai Mehta , Gandhinagar LsCandidate, Right to Recall Party:
कैसे मोदी/केजरीवाल/सोनिया की FDI के प्रस्तावों ने विदेशी कम्पनियो के लिए उच्च स्तर दिया है और भारतीय कम्पनियो को निचले स्टार पर धकेल दिया है।
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मन लीजिये एक भारतीय कंपनी निर्यात करती है और 1 अरब डॉलर कमाती है। वो भारत सरकार को 40 % टैक्स देगी और उसके पास अब 600 मिलियन डॉलर विदेशी मुद्रा की कमाई है। अब अगर वो भारत में इसका निवेश करती है तो उसको FDI के अंतर्गत मिलने वाले लाभ नहीं मिलेंगे वही अगर विदेशी कंपनी 600 मिलियन डॉलर लेके आती है तो उसको निम्नलिखित लाभ मिलेंगे
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1 . स्वदेशी कम्पनियो को उनके कमाए हुए मुनाफे पर डॉलर नहीं मिलेगा बल्कि विदेशी कम्पनियो ऐसा लाभ मिलेगा।
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2. विभिन शीर्षकों के अंतर्गत विदेशी कम्पनियो को आयकर और कमाए हुए लाभ पर टैक्स छूट का प्रावधान है पर स्वदेशी कम्पनियो के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं। उदाहरण मॉरिशस रूट और सिंगापुर रूट से आये हुई कंपनियों को छोटी अवधि के पूंजी लाभ पर टैक्स छूट मिलती है और ऐसे कई तरीके है जिनसे बड़ी मात्र में हो रहे पूंजी लाभ को छूटी अवधि में बदला जा सके। इसके अलावा अक्सर विदेशी कम्पनियो के लिए आयकर पर छूट मिलती है।
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तो FDI सिर्फ इसलिए नहीं है वो विदेशी मुद्रा लाये। अगर ऐसा है तो भारतीय कम्पनियो द्वारा विदेशी मुद्रा लाने पर उनको FDI के अंतर्गत क्यों नहीं माना जाता। मोदी /केजरीवाल /सोनिया की FDI नीतिया के कारन विदेशी कम्पनियो को भारत से उसकी अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा अपने देश ले जाने में मदद करेगी और स्वदेशी कम्पनियो को बर्बाद।
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समाधान।
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1. सारी कम्पनियो पर एक तरह का टैक्स लगाया जाये। मॉरिशस और सिंगापुर ट्रीटी को रद्द किया जाये।
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2 . भारत सरकार किदेशी कंपनियों के कमाए हुए मुनाफे पर डॉलर/ सोने /या अन्य खनिज का भुगतान नहीं करे। तथा केवल निर्यात से लए गए डॉलर का ही भुगतान करे।
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3. सेज़ कम्पनियो पर समान टैक्स लगाये।
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हमे ज्यादा से ज्यादा नागरिको को यह बताना चाहिए की मोदी/ सोनिया / केजरीवाल स्वदेशी कंपनियों की बेहतरी के लिए जरुरी कानून जैसे की जूरी सिस्टम , राइट टू रिकॉल /वेल्थ टैक्स / टी सी पी / डी डी आर सी एम / आदि का विरोध आकर रहे है और विदेशि कम्पनियो के लिए रेड कारपेट बिछा रहे है।