Pawan Jury BhilwaraRj
भारत में स्वदेशी हथियारों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रजा अधीन राजा समूह द्वारा प्रस्तावित क़ानून ड्राफ्ट :
........
हथियार एवं सैन्य उपकरण उत्पादन अधिनियम 2014
____________________
[1] जिलाधीश के लिए निर्देश :
यदि कोई नागरिक मतदाता इस क़ानून में संशोधन चाहता है, तो वह वांछित संशोधन के लिए एक शपथपत्र जिलाधीश कार्यालय में दे सकेगा । इस शपथपत्र को जिलाधीश या उसका सहायक प्रति पृष्ठ 20 रू की दर से शुल्क लेकर प्राधानमंत्री की वेबसाईट पर डाल देगा ।
[2] पटवारी/तलाटी के लिए निर्देश :
यदि कोई नागरिक मतदाता ऐसे शपथपत्र पर या उसमें वर्णित किसी धारा में बदलाव के लिए हां/ना दर्ज कराता है, तो पटवारी ऐसी राय को 3 रू लेकर दर्ज करेगा तथा इसे प्रधानमन्त्री की वेबसाईट पर डाल देगा ।
[3] हाँ या ना की संख्या के आधार पर प्रधानमन्त्री/मुख्यमंत्री फैसला लेने के लिए बाध्य नही होंगे ।
[4] यह क़ानून सिर्फ 'सम्पूर्ण रूप से भारतीय नागरिको के स्वामित्व वाली कम्पनियों (WOIC) पर लागू होगा ।
[5] शब्द रक्षा मंत्री से आशय भारत सरकार के रक्षा मंत्री से या ऐसे भारसाधक अधिकारी से है जो अमुक कार्यो को करने के लिए प्राधिकृत किया गया हो ।
[6] रक्षा मंत्री के लिए निर्देश :
रक्षा मंत्री या उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी निम्न लिखित हथियारों की परिभाषाएं प्रकाशित करेगा -
(A) छोटी बंदूके।
(B) मध्यम आकार की बंदूके।
(C) बड़ी बंदूके।
(D) होवित्ज़र तथा होवित्ज़र किस्म के अन्य प्रकार।
(E) टेंक तथा टेंक के अन्य प्रकार।
(F) कारतूस, गोले तथा कारतूस व गोलों के अन्य प्रकार।
(G) प्रक्षेपास्त्र तथा प्रक्षेपास्त्र के अन्य प्रकार।
(H) लड़ाकू विमान तथा लड़ाकू विमानो के अन्य प्रकार।
(I) सेना द्वारा उपयोग किये जाने वाले अन्य उपकरण तथा उनके प्रकार।
(J) आणविक हथियार एवं उनके प्रकार।
(K) रासायनिक हथियार एवं उनके प्रकार।
(L) जैविक हथियार एवं उनके प्रकार।
(M) अन्य श्रेणी के हथियार एवं उनके प्रकार ।
[7] रक्षा मंत्री के लिए निर्देश :
रक्षा मंत्री हथियारों की निम्नलिखित तीन श्रेणियां निर्धारित करके प्रकाशित करेगा -
(A) श्रेणी प्रथम: हथियार जिनके लिए पंजीयन करवाना आवश्यक नहीं है ।
(B) श्रेणी द्वितीय : ऐसे हथियार जिनके लिए पंजीयन आवश्यक हो किन्तु अनुज्ञा नही ।
(C) श्रेणी तृतीय : ऐसे हथियार जिनके लिए अनुज्ञा आवश्यक हो ।
[8] रक्षा मंत्री के लिए निर्देश :
रक्षा मंत्री निम्नलिखित हथियारों को 'श्रेणी द्वितीय' सूची के अंतर्गत रखेगा :
(A) छोटी बंदूके
(B) मध्यम आकार की बंदूके
(C) बड़ी बंदूके
(D) अनुमति योग्य होवित्ज़र एवं उनके प्रकार।
(E) अनुमति योग्य टेंक एवं उनके प्रकार ।
(F) अनुमति योग्य प्रक्षेपास्त्र एवं उनके प्रकार।
(G) अनुमति योग्य कारतूस, गोले एवं उनके प्रकार।
(H) अनुमति योग्य लड़ाकू विमान एवं उनके प्रकार।
(I) सेना द्वारा उपयोग में लाये जाने वाले अन्य श्रेणी के हथियार एवं उनके प्रकार।
[9] रक्षा मंत्री के लिए निर्देश :
रक्षा मंत्री निम्नलिखित हथियारों को 'श्रेणी तृतीय' की सूची के अंतर्गत रखेगा :
(A) आणविक हथियार एवं उनके प्रकार।
(B) जैविक हथियार एवं उनके प्रकार।
(C) रासायनिक हथियार एवं उनके प्रकार।
[10] रक्षा मंत्री के लिए निर्देश :
रक्षा मंत्री उन हथियारों की एक सूची जारी करेगा जिनके लिए पंजीयन तथा अनुज्ञापत्र की आवश्यकता न हो ।
[11] रक्षा मंत्री के लिए निर्देश :
जिन हथियारों के लिए सिर्फ पंजीयन अनिवार्य है, ऐसे हथियारों के उत्पादन के लिए रक्षा मंत्री 'भारतीय नागरिको के सम्पूर्ण स्वामित्व वाली कम्पनियों' के लिए आवश्यक निर्देश जारी करेगा ।
रक्षा मंत्री सुनिश्चित करेगा कि इन कम्पनियों द्वारा कौनसी जानकारीयां सार्वजनिक की जायेगी तथा कौनसी जानकारियाँ रक्षा मंत्रालय के पास रहेगी।
रक्षा मंत्री यह भी निर्देशित करेगा कि कौनसी जानकारियाँ इन कम्पनियों द्वारा सार्वजनिक की जा सकेगी तथा कौनसी जानकारियाँ कम्पनियां स्वयं के पास रख सकेगी ।
[12] जो कम्पनियां भारतीय नागरिको के पूर्ण स्वामित्व वाली नही है, ऐसी कम्पनियों को तीनो श्रेणियों तथा अन्य किसी भी श्रेणी के हथियारों के उत्पादन हेतु पंजीयन तथा अनुज्ञा लेना अनिवार्य होगा ।
[13] रक्षा मंत्री के लिए निर्देश :
हथियार उत्पादन में संलिप्त ऐसी कम्पनियों के लिए, जो कि पूर्ण रूप से भारतीय नागरिको के स्वामित्व में नही है, रक्षा मन्त्री गेज़ेट में दिशा निर्देश परक अधिसूचनाएं प्रकाशित करेगा ।
[14] रक्षा मंत्री के लिए निर्देश :
हथियारों के उत्पादन में संलिप्त सभी प्रकार की कम्पनियों पर पंजीयन तथा अनुज्ञा प्रक्रियाएं लागू करने तथा उनका निष्पादन करने के लिए रक्षा मंत्री आवश्यक अधिकारियों की नियुक्ति करेगा ।
[15] हथियारों के उत्पादन में संलिप्त पूर्ण या आंशिक भारतीय, पूर्ण या आंशिक विदेशी कम्पनियों के बीच किसी भी विवाद की सुनवाई नागरिको की राष्ट्रीय ज्यूरी द्वारा की जायेगी ।
ज्यूरी में 30 से 55 वय के 25 सदस्य होंगे जिनका चयन मतदाता सूची से अनियमित तरीके से किया जाएगा ।
नागरिको की ज्यूरी द्वारा सुनवाई के अन्य विनियम राष्ट्रीय ज्यूरी प्रशासक द्वारा किया जाएगा, जिसकी नियुक्ति प्रधानमन्त्री करेगा ।
__________________________