Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate
नोबल प्राइज कमिटी के सदस्यों ने कैलाश सत्यार्थी को नोबल प्राइज के लिए चुना इसके दो संभावित कारण हैं- (1) नोबल कमिटी के सदस्य उनके अच्छे काम को पुरस्कृत करना चाहते हैं। (2) नोबल कमिटी के सदस्य भारत की छवि पर प्रहार करना चाहते हैं।
.
उनके उद्देश्य का अंदाजा लगाने से पहले आपको कुछ तथ्यों पर विचार करना होगा। मान लीजिये वे अच्छे काम को पुरस्कार देना चाहते हैं। तो अकेले अमेरिका में ही सैकड़ो ऐसे कार्यकर्ता हैं जो अमेरिका के फ़ेडरल जजों द्वारा अफ़्रीकी अमेरिकनों को चरस/ भांग आदि (marijuana) रखने के जुर्म में, जो कि पूर्णतः अहिंसक और किसी दूसरे को हानि पहुँचाने वाला अपराध नही है,दी गयी सालो साल की कारावास की सजा को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर नोबल सदस्यों ने उनके काम को पुरस्कृत किया होता तो अमेरिका के फ़ेडरल जजों की छवि और अमेरिका के संभ्रांत वर्ग की मारिजुआना के खिलाफ अभियान की भद्द हो जाती। क्या यही कारण है कि नोबल कमिटी ने अमेरिका में marijuana का प्रयोग तथा खरीद बिक्री करने वाले अफ़्रीकी अमेरिकियों को बचाने का प्रयास कर रहे अमेरिकी कार्यकर्ताओं को नोबल प्राइज नही दिया? निर्णय आपके हाथ में है।
.
कई लोगो का कहना है कि नोबल कमिटी का कोई इरादा भारत की छवि धूमिल करने का नही है। उनके पास अपने दावों की पुष्टि के लिए कोई सबूत नही है। और सिर्फ इस कारण से उन्हें दोषी नही ठहराया जा सकता। सबूत तो तभी मिल सकता है जब हम नोबल प्राइज कमिटी के सदस्यों का नार्को टेस्ट करें।
.
मेरे विचार से नोबल कमिटी के सदस्यों ने कैलाश सत्यार्थी को नोबल प्राइज देने का जो निर्णय लिया उसके पीछे उनका उद्देश्य भारत की छवि धूमिल करने का था। अगर आप इस बात से सहमत नही हैं तो कृपया इस पोस्ट पर कमेंट दें कि "आपके अनुसार नोबल कमिटी द्वारा KS को पुरस्कार देने के क्या कारण है," और साथ ही इसका सबूत भी उपलब्ध कराएं। सबूत डाक्यूमेंट्स के रूप में नही, बल्कि वास्तविक भौतिक (material physical) रूप में हों।
.
अधिक जानकारी के लिए मेरे वाल पर आज की दूसरी पोस्ट भी देखें। कृपया वाल को देखने के लिए "all stories" का उपयोग करें।