Pawan Jury BhilwaraRj

घटनाक्रम कहता है कि उद्धव के साथ वही खेल हो रहा है, जो नितीश के साथ हुआ था ।
नितीश की तरह उद्धव की जबान भी नमो के खिलाफ कैंची की तरह चलती रही है, और विरोध के तेवर मोदी को बरदाश्त नही है ।
नितीश ने दबाव बनाने की कोशिश की थी, नमो ने समझौता वार्ता तक करना मुनासिब नही समझा, इसी तर्ज़ पे शाह ने तीन बार महाराष्ट्र दौरा टाल दिया ।
मोदी के वर्चस्व को चुनौती देने से पहले उद्धव को केशु भाई, वघेला, संजय जोशी, आडवाणी, स्वराज, जसवंत, मुरली मनोहर और नितीश की दुर्दशा से सबक लेना चाहिए ।
.
बहरहाल राज ठाकरे के चन्द्रमा बली चल रहे है, किन्तु सेना और बीजेपी का गठबंधन नही टूटता है तो शरद पवार कहीं के नही रहेंगे ।